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Rewari News: सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन नियम 20 फरवरी से होंगे लागू
Sat, 14 Feb 2026 12:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 14 Feb 2026 12:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से प्रभावी किए जाएंगे। इन नियमों का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते डीपफेक कंटेंट के दुरुपयोग पर नियंत्रण लगाना और नागरिकों की प्रतिष्ठा, निजता व सुरक्षा की रक्षा करना है।
पुलिस के पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि एआई तकनीक से किसी व्यक्ति की फोटो, वीडियो या आवाज को भ्रामक रूप से तैयार करना गंभीर अपराध होगा।
ऐसे कृत्य व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं और समाज व कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं। नए नियमों के अनुसार एआई से निर्मित या परिवर्तित कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा। ऑडियो कंटेंट में प्रारंभ में चेतावनी देना जरूरी है।
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नियम के तहत अश्लील या निजता का उल्लंघन करने वाली सामग्री पर 2 घंटे और अन्य नियम-विरुद्ध सामग्री पर 3 घंटे में कार्रवाई अनिवार्य होगी।
दोषियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023, पॉक्सो अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत सख्त दंड व कारावास होगा। सभी नागरिकों से अपील है कि डिजिटल माध्यम जिम्मेदारी से उपयोग करें, बिना सत्यापन सामग्री साझा न करें और एआई निर्मित कंटेंट स्पष्ट रूप से घोषित करें।
संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। सजगता ही साइबर अपराध पर नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है।
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रेवाड़ी। इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से प्रभावी किए जाएंगे। इन नियमों का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते डीपफेक कंटेंट के दुरुपयोग पर नियंत्रण लगाना और नागरिकों की प्रतिष्ठा, निजता व सुरक्षा की रक्षा करना है।
पुलिस के पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि एआई तकनीक से किसी व्यक्ति की फोटो, वीडियो या आवाज को भ्रामक रूप से तैयार करना गंभीर अपराध होगा।
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ऐसे कृत्य व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं और समाज व कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं। नए नियमों के अनुसार एआई से निर्मित या परिवर्तित कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा। ऑडियो कंटेंट में प्रारंभ में चेतावनी देना जरूरी है।
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नियम के तहत अश्लील या निजता का उल्लंघन करने वाली सामग्री पर 2 घंटे और अन्य नियम-विरुद्ध सामग्री पर 3 घंटे में कार्रवाई अनिवार्य होगी।
दोषियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023, पॉक्सो अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत सख्त दंड व कारावास होगा। सभी नागरिकों से अपील है कि डिजिटल माध्यम जिम्मेदारी से उपयोग करें, बिना सत्यापन सामग्री साझा न करें और एआई निर्मित कंटेंट स्पष्ट रूप से घोषित करें।
संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। सजगता ही साइबर अपराध पर नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है।