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Rewari News: भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी के भविष्य और ड्रोन तकनीक की दी जानकारी
Tue, 21 Jan 2025 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 21 Jan 2025 11:57 PM IST
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फोटो : 02साप्ताहिक भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी कार्यशाला के दौरान जानकारी देते वक्ता। स्रोत : क
- फोटो : बिना हेलमेट के ही पेट्रोल लेते लोग।
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। किशनलाल पब्लिक कॉलेज के एमएससी भूगोल विभाग ने स्काईलाइन इंस्टीट्यूट ऑफ जियोइन्फॉर्मेटिक्स, रोहतक के सहयोग से भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी पर एक सप्ताह की कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कविता गुप्ता और एमएससी भूगोल समन्वयक डॉ. किरण बाला ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया। प्राचार्य ने कहा कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल को बढ़ाने में मददगार होगी।
एमसीसी भूगोल समन्वयक डॉ. किरण बाला ने बताया कि पहले दिन स्काईलाइन इंस्टीट्यूट ऑफ जियोइंफार्मेटिक्स के शैक्षिक प्रबंधक अजय देशवाल और विशेषज्ञ राकेश चौहान ने प्रतिभागियों को भू-संदर्भण की प्रक्रिया, गूगल-अर्थ सॉफ्टवेयर के उपयोग और साफ्टवेयर स्थापना के बारे में बताया। विशेषज्ञों ने भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी का भविष्य, ड्रोन तकनीक, जियोइन्फॉर्मेटिक्स में कॅरियर की संभावनाओं पर चर्चा की। इस कार्यशाला ने न केवल छात्रों के बीच भू-स्थानिक तकनीक की समझ विकसित की, बल्कि तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ावा देने में भी मदद की। कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने जिओ डेटाबेस जेनरेशन, वेक्टराइजेशन, नॉन स्पेशल जॉइनिंग, सहित एडिटिंग और क्लीनिंग के बारे में बताया। इस मौके पर रिपुदमन गुप्ता, संदीप खंडेलवाल, अरविंद गुप्ता, कोषाध्यक्ष ऊषा रुस्तगी, संगीता यादव, डॉ. रेखा शर्मा, डॉ. रीना रानी मौजूद रहे।
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रेवाड़ी। किशनलाल पब्लिक कॉलेज के एमएससी भूगोल विभाग ने स्काईलाइन इंस्टीट्यूट ऑफ जियोइन्फॉर्मेटिक्स, रोहतक के सहयोग से भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी पर एक सप्ताह की कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कविता गुप्ता और एमएससी भूगोल समन्वयक डॉ. किरण बाला ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया। प्राचार्य ने कहा कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल को बढ़ाने में मददगार होगी।
एमसीसी भूगोल समन्वयक डॉ. किरण बाला ने बताया कि पहले दिन स्काईलाइन इंस्टीट्यूट ऑफ जियोइंफार्मेटिक्स के शैक्षिक प्रबंधक अजय देशवाल और विशेषज्ञ राकेश चौहान ने प्रतिभागियों को भू-संदर्भण की प्रक्रिया, गूगल-अर्थ सॉफ्टवेयर के उपयोग और साफ्टवेयर स्थापना के बारे में बताया। विशेषज्ञों ने भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी का भविष्य, ड्रोन तकनीक, जियोइन्फॉर्मेटिक्स में कॅरियर की संभावनाओं पर चर्चा की। इस कार्यशाला ने न केवल छात्रों के बीच भू-स्थानिक तकनीक की समझ विकसित की, बल्कि तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ावा देने में भी मदद की। कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने जिओ डेटाबेस जेनरेशन, वेक्टराइजेशन, नॉन स्पेशल जॉइनिंग, सहित एडिटिंग और क्लीनिंग के बारे में बताया। इस मौके पर रिपुदमन गुप्ता, संदीप खंडेलवाल, अरविंद गुप्ता, कोषाध्यक्ष ऊषा रुस्तगी, संगीता यादव, डॉ. रेखा शर्मा, डॉ. रीना रानी मौजूद रहे।
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