{"_id":"6ae4e0a7457b310424069444","slug":"increased-demand-for-designer-and-colorful-diyas-rewari-news-c-198-1-fth1001-247997-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: डिजाइनर और रंगबिरंगी दीयों की बढ़ी मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: डिजाइनर और रंगबिरंगी दीयों की बढ़ी मांग
Fri, 30 Oct 2026 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:53 PM IST
विज्ञापन
कुंभवास गांव में दीपावली के लिए चाक पर मिट्टी के दीये तैयार करते कुम्हार। संवाद
रेवाड़ी। दिवाली नजदीक आने के साथ ही बाजार में दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। कुम्हार मिट्टी के दीये तैयार करने में जुटे हैं। इस बार बाजार में पारंपरिक मिट्टी के दीयों के साथ डिजाइनर और रंग-बिरंगे दीयों की मांग बढ़ी है। दीयों की बनावट और डिजाइन में भी बदलाव आया है।
दिवाली पर बिजली की रंग-बिरंगी झालरों के अलावा लोग मिट्टी के दीये जलाते हैं। दिवाली पर मिट्टी के दीये जलाना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि आधुनिक सजावट के दौर में भी पारंपरिक दीयों की मांग बनी हुई है।
बाजार में सामान्य दीयों के अलावा अलग-अलग आकार और आकर्षक डिजाइन वाले दीये भी उपलब्ध हैं। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार इनकी खरीदारी कर रहे हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दीयों के दामों में करीब 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। सामान्य मिट्टी के दीये 200 रुपये सैकड़ा के हिसाब से बिक रहे हैं। मिट्टी और अन्य जरूरी सामग्री की लागत बढ़ने के कारण दीये तैयार करने का खर्च भी बढ़ा है। इसके बावजूद लोग त्योहार पर पारंपरिक मिट्टी के दीये खरीदना पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
नया बाजार स्थित दुकानदार प्रदीप ने बताया कि दिवाली पर हर घर में मिट्टी के दीयों से रोशनी की जाती है। भले ही लोग घरों को सजाने के लिए रंग-बिरंगी लाइटों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन पारंपरिक मिट्टी के दीयों की मांग आज भी बरकरार है।
इस बार भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अब ग्राहक सामान्य दीयों के साथ-साथ अलग-अलग आकार, रंग और डिजाइन वाले दीये भी पसंद कर रहे हैं। ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कुम्हार भी तरह-तरह के आकर्षक दीये तैयार कर रहे हैं। और दुकानों पर इसे अच्छे दामों में बेचा भी जा रहा है।
बेहतर कारोबार की उम्मीद
सरोज प्रजापति ने बताया कि हर साल दीयों के दामों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो रही है। इसके बावजूद दीयों की मांग में कमी नहीं आई है। मौजूदा समय में मिट्टी जुटाना भी कुम्हारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कई बार समय पर मिट्टी उपलब्ध नहीं हो पाती। बारिश के मौसम में यह परेशानी और बढ़ जाती है। मोनू प्रजापति ने बताया कि बाजार में मिट्टी की मूर्तियां और सजावटी सामान भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। कुम्हारों को उम्मीद है कि दिवाली नजदीक आने के साथ ही बिक्री में और तेजी आएगी।
विज्ञापन
दिवाली पर बिजली की रंग-बिरंगी झालरों के अलावा लोग मिट्टी के दीये जलाते हैं। दिवाली पर मिट्टी के दीये जलाना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि आधुनिक सजावट के दौर में भी पारंपरिक दीयों की मांग बनी हुई है।
विज्ञापन
बाजार में सामान्य दीयों के अलावा अलग-अलग आकार और आकर्षक डिजाइन वाले दीये भी उपलब्ध हैं। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार इनकी खरीदारी कर रहे हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दीयों के दामों में करीब 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। सामान्य मिट्टी के दीये 200 रुपये सैकड़ा के हिसाब से बिक रहे हैं। मिट्टी और अन्य जरूरी सामग्री की लागत बढ़ने के कारण दीये तैयार करने का खर्च भी बढ़ा है। इसके बावजूद लोग त्योहार पर पारंपरिक मिट्टी के दीये खरीदना पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
नया बाजार स्थित दुकानदार प्रदीप ने बताया कि दिवाली पर हर घर में मिट्टी के दीयों से रोशनी की जाती है। भले ही लोग घरों को सजाने के लिए रंग-बिरंगी लाइटों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन पारंपरिक मिट्टी के दीयों की मांग आज भी बरकरार है।
इस बार भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अब ग्राहक सामान्य दीयों के साथ-साथ अलग-अलग आकार, रंग और डिजाइन वाले दीये भी पसंद कर रहे हैं। ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कुम्हार भी तरह-तरह के आकर्षक दीये तैयार कर रहे हैं। और दुकानों पर इसे अच्छे दामों में बेचा भी जा रहा है।
बेहतर कारोबार की उम्मीद
सरोज प्रजापति ने बताया कि हर साल दीयों के दामों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो रही है। इसके बावजूद दीयों की मांग में कमी नहीं आई है। मौजूदा समय में मिट्टी जुटाना भी कुम्हारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कई बार समय पर मिट्टी उपलब्ध नहीं हो पाती। बारिश के मौसम में यह परेशानी और बढ़ जाती है। मोनू प्रजापति ने बताया कि बाजार में मिट्टी की मूर्तियां और सजावटी सामान भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। कुम्हारों को उम्मीद है कि दिवाली नजदीक आने के साथ ही बिक्री में और तेजी आएगी।

कुंभवास गांव में दीपावली के लिए चाक पर मिट्टी के दीये तैयार करते कुम्हार। संवाद

कुंभवास गांव में दीपावली के लिए चाक पर मिट्टी के दीये तैयार करते कुम्हार। संवाद