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ठगों ने 22 दिनों में आठ लोगों के अरमानों पर फेरा पानी
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रेवाड़ी। जिले में ठगों ने 22 दिनों में ऑनलाइन के माध्यम और नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देकर आठ लोगों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। इस दौरान ठगों ने पीड़ितों से करीब साढ़े 18 लाख से ज्यादा रुपये ठग लिए हैं। अभी कई मामलों में आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं। वहीं, पुलिस ठगों के आगे बेबस नजर आ रही है। वहीं ठगी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से लोग शिकायत करने से भी बच रहे हैं। ऐसी स्थिति में जब संवाददाता ने एसपी और डीएसपी स्तर के पुलिस अधिकारियों को फोन कर मामले की जानकारी लेनी चाही तो उनका फोन ही नहीं उठा। शायद पुलिस मामले में जवाब देने से बचती नजर आ रही है।
इस माह के मामले:
केस -1
1 जुलाई को जिले के एक शख्स के साथ किराये पर गाड़ी लेकर उसकी गाड़ी को किसी और को बेच देने का मामला सामने आया था। 4 गाड़ियां हायर करने के दो माह बाद तक आरोपी ने इनका किराया भी दिया, लेकिन जब किराया देना बंद किया तो पता चला कि आरोपी ने उसकी गाड़ी बेच दी। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इस मामले में आरोपी पकड़े नहीं गए हैं।
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केस -2
2 जुलाई को साइबर ठगों ने एक शख्स के खाते से 1 लाख 43 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने गुरुग्राम से रेवाड़ी तक ओला कैब बुक की थी। बुकिंग के 200 रुपए एक्सट्रा वसूल करने पर उसने कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया तो ठग से पाला पड़ गया और उसने खाता ही साफ कर दिया। पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू की थी। लेकिन अभी तक आरोपी के बारें में कोई सुराग नहीं लगा है।
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केस -3
5 जुलाई को गांव कालूवास निवासी एक युवक से एसएससी में क्लर्क लगवाने के नाम पर 5 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने न नौकरी लगवाई और न ही उसके पैसे वापस लौटाए। पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया है। लेकिन इस मामले में भी पुलिस के हाथ खाली है।
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केस -4
12 जुलाई को शहर में एक महिला डॉक्टर के साथ एक लाख रुपए की ठगी हो गई है। डॉक्टर को शातिर ने कोरियर कंपनी का कर्मचारी बनकर एक लिंक भेजा और फिर खाते से नकदी साफ कर दी। इसकी शिकायत उन्होंने मॉडल टाउन थाना पुलिस को दी थी। लेकिन आज तक आरोपी का पुलिस पता नहीं लगा पाई है।
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केस -5
शहर के गणपत नगर स्थित मैटल फैक्ट्री संचालक ने बावल स्थित एक कंपनी के निदेशकों पर साढ़े तीन कराड़े रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कसौला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने 16 जुलाई को यह मामला अदालत के आदेश पर दर्ज किया है। फैक्ट्री संचालक द्वारा आरोपियों के खिलाफ फरवरी 2022 में भी धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। लेकिन पुलिस इस मामले में कार्रवाई अभी तक नहीं कर पाई है।
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केस -6
18 जुलाई को गांव गुरावड़ा निवासी एक युवक से आर्मी जवान बनकर मोटर साइकिल बेचने के नाम पर 29 हजार रुपये की ठग लिए। ठगी का शिकार होने के बाद युवक ने रोहड़ाई थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच भी शुरू की थी, लेकिन पुलिस आरोपी की पहुंच से दूर है।
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केस -7
शहर के कुतुबपुर निवासी एक युवक से भोंडसी जेल में बंद दो कैदियों में पहले अच्छी दोस्ती हुई। फिर दोनों बाहर निकले तो एक दोस्त दूसरे को दगा दे गया। उसको पांच लाख रुपये लेकर भाग गया। दोस्त ने शराब व्यवसाय में साझेदारी का लालच देकर रुपये उससे चार लाख रुपये नकद और एक लाख का चेक लिये और फिर गायब हो गया। पीड़ित ने इस बाबत मॉडल टाउन थाना में 19 जुलाई को उसके खिलाफ शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हुई है।
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केस -8
21 जुलाई को जिले में दो भाइयों को फौज में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने 9 लाख 10 हजार रुपए ठग लिए। आरोपी ने न पैसे वापस दिए और न ही उनकी नौकरी लगवाई। 2 साल तक धक्के खाने के बाद अब पुलिस ने गृहमंत्री अनिज विज के आदेश पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। लेकिन मंत्री के आदेश के बावजूद अभी तक पुलिस आरापी की पहचान तक नहीं कर पाई है।
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केस -9
21 जुलाई को साइबर ठग ने बावल के मोहल्ला आनंद नगर निवासी एक युवक को उनका बिजली का बिल बकाया बताकर मोबाइल में एनी डेस्क एप डाउनलोड करा लिया और उनके खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद युवक को ठगी का पता लगा तथा पुलिस व बैंक में शिकायत दी। बावल थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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केस -10
22 जुलाई को पुलिस को दी शिकायत में परशुराम कॉलोनी निवासी कविता ने कहा कि उन्होंने इंटरनेट पर पार्ट टाइम नौकरी के लिए सर्च किया था। इंटरनेट पर उन्हें एक व्हाट्सएप नंबर मिला। कविता ने बात की तो कंपनी में नौकरी पाने की प्रक्रिया के बारे में बताया और व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा। लिंक खोल कर महिला ने कुछ सामान खरीदा और साइबर ठगों ने कुछ रुपये भी महिला को वापस दे दिए।
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केस -11
शहर में एक व्यक्ति के साथ साढ़े 30 हजार रुपये की ठगी हो गई। पीड़ित ने 199 रुपये की घड़ी ऑर्डर की थी। घड़ी का ऑर्डर नहीं पहुंचा तो पैसे रिफंड करने के लिए गुगल पर नंबर सर्च किया, लेकिन यह नंबर साइबर ठग का लग गया। इसके बाद ठग ने उससे 30 हजार रुपये ठग लिए थे।
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पुलिस ने ठगी का एक आरोपी पकड़ा
15 जुलाई को गांव सालावास निवासी एक व्यापारी को टाइल भेजने का झांसा देकर दो लाख 60 हजार रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला बरेली के गांव अलीगंज निवासी हसीन खान के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी से ठगी के एक लाख बीस हजार रुपये बरामद किए हैं।
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साइबर क्राइम रोकने को हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 के बैनर लगाकर आमजन को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ये हेल्पलाइन नंबर चौबीसों घंटे खुला रहता है और धोखाधड़ी के शिकार लोग कभी भी इस हेल्पलाइन नंबर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बच्चों और विशेषकर महिलाओं से साइबर अपराध घोटालों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि साइबर ठगों द्वारा क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, ऑनलाइन शॉपिंग, रिश्तेदार बनकर खाते में पैसे डलवाने, लिंक भेजकर ठगी की शिकायतें मिलती रहती हैं, हमें ऐसे ठगों से सावधान एवं सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर अकसर लोग शिकायत करने में देरी कर देते हैं। जिसकी वजह से उनका नुकसान हो जाता है। इसलिए साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 डायल करें।
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इस माह के मामले:
केस -1
1 जुलाई को जिले के एक शख्स के साथ किराये पर गाड़ी लेकर उसकी गाड़ी को किसी और को बेच देने का मामला सामने आया था। 4 गाड़ियां हायर करने के दो माह बाद तक आरोपी ने इनका किराया भी दिया, लेकिन जब किराया देना बंद किया तो पता चला कि आरोपी ने उसकी गाड़ी बेच दी। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इस मामले में आरोपी पकड़े नहीं गए हैं।
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केस -2
2 जुलाई को साइबर ठगों ने एक शख्स के खाते से 1 लाख 43 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने गुरुग्राम से रेवाड़ी तक ओला कैब बुक की थी। बुकिंग के 200 रुपए एक्सट्रा वसूल करने पर उसने कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया तो ठग से पाला पड़ गया और उसने खाता ही साफ कर दिया। पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू की थी। लेकिन अभी तक आरोपी के बारें में कोई सुराग नहीं लगा है।
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केस -3
5 जुलाई को गांव कालूवास निवासी एक युवक से एसएससी में क्लर्क लगवाने के नाम पर 5 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने न नौकरी लगवाई और न ही उसके पैसे वापस लौटाए। पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया है। लेकिन इस मामले में भी पुलिस के हाथ खाली है।
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केस -4
12 जुलाई को शहर में एक महिला डॉक्टर के साथ एक लाख रुपए की ठगी हो गई है। डॉक्टर को शातिर ने कोरियर कंपनी का कर्मचारी बनकर एक लिंक भेजा और फिर खाते से नकदी साफ कर दी। इसकी शिकायत उन्होंने मॉडल टाउन थाना पुलिस को दी थी। लेकिन आज तक आरोपी का पुलिस पता नहीं लगा पाई है।
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केस -5
शहर के गणपत नगर स्थित मैटल फैक्ट्री संचालक ने बावल स्थित एक कंपनी के निदेशकों पर साढ़े तीन कराड़े रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कसौला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने 16 जुलाई को यह मामला अदालत के आदेश पर दर्ज किया है। फैक्ट्री संचालक द्वारा आरोपियों के खिलाफ फरवरी 2022 में भी धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। लेकिन पुलिस इस मामले में कार्रवाई अभी तक नहीं कर पाई है।
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केस -6
18 जुलाई को गांव गुरावड़ा निवासी एक युवक से आर्मी जवान बनकर मोटर साइकिल बेचने के नाम पर 29 हजार रुपये की ठग लिए। ठगी का शिकार होने के बाद युवक ने रोहड़ाई थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच भी शुरू की थी, लेकिन पुलिस आरोपी की पहुंच से दूर है।
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केस -7
शहर के कुतुबपुर निवासी एक युवक से भोंडसी जेल में बंद दो कैदियों में पहले अच्छी दोस्ती हुई। फिर दोनों बाहर निकले तो एक दोस्त दूसरे को दगा दे गया। उसको पांच लाख रुपये लेकर भाग गया। दोस्त ने शराब व्यवसाय में साझेदारी का लालच देकर रुपये उससे चार लाख रुपये नकद और एक लाख का चेक लिये और फिर गायब हो गया। पीड़ित ने इस बाबत मॉडल टाउन थाना में 19 जुलाई को उसके खिलाफ शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हुई है।
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केस -8
21 जुलाई को जिले में दो भाइयों को फौज में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने 9 लाख 10 हजार रुपए ठग लिए। आरोपी ने न पैसे वापस दिए और न ही उनकी नौकरी लगवाई। 2 साल तक धक्के खाने के बाद अब पुलिस ने गृहमंत्री अनिज विज के आदेश पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। लेकिन मंत्री के आदेश के बावजूद अभी तक पुलिस आरापी की पहचान तक नहीं कर पाई है।
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केस -9
21 जुलाई को साइबर ठग ने बावल के मोहल्ला आनंद नगर निवासी एक युवक को उनका बिजली का बिल बकाया बताकर मोबाइल में एनी डेस्क एप डाउनलोड करा लिया और उनके खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद युवक को ठगी का पता लगा तथा पुलिस व बैंक में शिकायत दी। बावल थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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केस -10
22 जुलाई को पुलिस को दी शिकायत में परशुराम कॉलोनी निवासी कविता ने कहा कि उन्होंने इंटरनेट पर पार्ट टाइम नौकरी के लिए सर्च किया था। इंटरनेट पर उन्हें एक व्हाट्सएप नंबर मिला। कविता ने बात की तो कंपनी में नौकरी पाने की प्रक्रिया के बारे में बताया और व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा। लिंक खोल कर महिला ने कुछ सामान खरीदा और साइबर ठगों ने कुछ रुपये भी महिला को वापस दे दिए।
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केस -11
शहर में एक व्यक्ति के साथ साढ़े 30 हजार रुपये की ठगी हो गई। पीड़ित ने 199 रुपये की घड़ी ऑर्डर की थी। घड़ी का ऑर्डर नहीं पहुंचा तो पैसे रिफंड करने के लिए गुगल पर नंबर सर्च किया, लेकिन यह नंबर साइबर ठग का लग गया। इसके बाद ठग ने उससे 30 हजार रुपये ठग लिए थे।
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पुलिस ने ठगी का एक आरोपी पकड़ा
15 जुलाई को गांव सालावास निवासी एक व्यापारी को टाइल भेजने का झांसा देकर दो लाख 60 हजार रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला बरेली के गांव अलीगंज निवासी हसीन खान के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी से ठगी के एक लाख बीस हजार रुपये बरामद किए हैं।
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साइबर क्राइम रोकने को हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया और विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 के बैनर लगाकर आमजन को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ये हेल्पलाइन नंबर चौबीसों घंटे खुला रहता है और धोखाधड़ी के शिकार लोग कभी भी इस हेल्पलाइन नंबर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बच्चों और विशेषकर महिलाओं से साइबर अपराध घोटालों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि साइबर ठगों द्वारा क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, ऑनलाइन शॉपिंग, रिश्तेदार बनकर खाते में पैसे डलवाने, लिंक भेजकर ठगी की शिकायतें मिलती रहती हैं, हमें ऐसे ठगों से सावधान एवं सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर अकसर लोग शिकायत करने में देरी कर देते हैं। जिसकी वजह से उनका नुकसान हो जाता है। इसलिए साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 डायल करें।
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