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Rewari News: लिंगानुपात गिरा तो अधिकारी होंगे जिम्मेदार
Fri, 02 May 2025 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 02 May 2025 11:58 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के 15 गांवों में एक हजार लड़कों पर बेटियों की संख्या 700 से भी कम है। स्वास्थ्य विभाग ने इन गांवों में जागरूकता शिविर लगाने का निर्णय लिया है। लिंगानुपात में कमी पर चिंता जताते हुए स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य अधिकारियों की जवाबदेही तय की है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि जिन क्षेत्रों में लिंगानुपात में कमी आएगी वहां के एसएमओ और एमओ इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नंगली परसापुर में 674, हरचंदपुर में 633, ढाणी नांगल उगरा में 429, ढाणी जैतपुर में 667, खातीवास में 615, सुठाना में 696, माखरिया, बंगड़वा में 556, ढाणी सांतो, सुरहेली में लिंगानुपात 662 है। इसके अलावा आशियाकी, चांदनवास, मालियाकी व नूरपुर गांव में भी लिंगानुपात 700 से कम है। वर्ष 2019 से लेकर अब तक इन गांवों में औसत आधार पर लिंगानुपात 700 से कम है।
लिंगानुपात में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में जागरूकता शिविर लगाने का निर्णय लिया है। साथ ही संबंधित वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और चिकित्सा अधिकारी को उनके संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में लिंगानुपात में गिरावट के लिए जिम्मेदार ठहराने का निर्णय लिया गया है।
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दो गांवों में चलाया गया था जागरूकता अभियान
पिछले दिनों रेवाड़ी पहुंचे एनएचएम के निदेशक व स्पेशल टास्क फोर्स के संयोजक डॉ. वीरेंद्र यादव ने जीवड़ा व नूरपुर गांव में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत बैठक की थी। इसमें ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ लिंगानुपात में सुधार पर चर्चा की गई थी। दोनों गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया था। अब अन्य चिह्नित गांवों में कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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कन्या भ्रूण हत्या कराने वाले की जानकारी देने पर मिलेगा इनाम
स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि कन्या भ्रूण हत्या करवाने वालों के बारे में जो व्यक्ति जानकारी देगा, उसको विभाग की तरफ से एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। साथ ही सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखा जाएगा। डॉ. भंवर सिंह ने कहा गया है कि यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक व अन्य व्यक्ति एमटीपी किट बेचता है तो उसकी जानकारी भी सिविल सर्जन कार्यालय में दें ताकि कार्रवाई की जा सके।
वर्जन
जिन गांवों में लिंगानुपात कम है, वहां पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कन्या भ्रूण हत्या करवाने वालों के बारे में जो व्यक्ति जानकारी देगा, उसको विभाग की तरफ से इनाम दिया जाएगा। -डॉ. भंवर सिंह, पीएनडीटी एक्ट के जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन।
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रेवाड़ी। जिले के 15 गांवों में एक हजार लड़कों पर बेटियों की संख्या 700 से भी कम है। स्वास्थ्य विभाग ने इन गांवों में जागरूकता शिविर लगाने का निर्णय लिया है। लिंगानुपात में कमी पर चिंता जताते हुए स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य अधिकारियों की जवाबदेही तय की है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि जिन क्षेत्रों में लिंगानुपात में कमी आएगी वहां के एसएमओ और एमओ इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नंगली परसापुर में 674, हरचंदपुर में 633, ढाणी नांगल उगरा में 429, ढाणी जैतपुर में 667, खातीवास में 615, सुठाना में 696, माखरिया, बंगड़वा में 556, ढाणी सांतो, सुरहेली में लिंगानुपात 662 है। इसके अलावा आशियाकी, चांदनवास, मालियाकी व नूरपुर गांव में भी लिंगानुपात 700 से कम है। वर्ष 2019 से लेकर अब तक इन गांवों में औसत आधार पर लिंगानुपात 700 से कम है।
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लिंगानुपात में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में जागरूकता शिविर लगाने का निर्णय लिया है। साथ ही संबंधित वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और चिकित्सा अधिकारी को उनके संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में लिंगानुपात में गिरावट के लिए जिम्मेदार ठहराने का निर्णय लिया गया है।
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दो गांवों में चलाया गया था जागरूकता अभियान
पिछले दिनों रेवाड़ी पहुंचे एनएचएम के निदेशक व स्पेशल टास्क फोर्स के संयोजक डॉ. वीरेंद्र यादव ने जीवड़ा व नूरपुर गांव में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत बैठक की थी। इसमें ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ लिंगानुपात में सुधार पर चर्चा की गई थी। दोनों गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया था। अब अन्य चिह्नित गांवों में कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
कन्या भ्रूण हत्या कराने वाले की जानकारी देने पर मिलेगा इनाम
स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि कन्या भ्रूण हत्या करवाने वालों के बारे में जो व्यक्ति जानकारी देगा, उसको विभाग की तरफ से एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। साथ ही सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखा जाएगा। डॉ. भंवर सिंह ने कहा गया है कि यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक व अन्य व्यक्ति एमटीपी किट बेचता है तो उसकी जानकारी भी सिविल सर्जन कार्यालय में दें ताकि कार्रवाई की जा सके।
वर्जन
जिन गांवों में लिंगानुपात कम है, वहां पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कन्या भ्रूण हत्या करवाने वालों के बारे में जो व्यक्ति जानकारी देगा, उसको विभाग की तरफ से इनाम दिया जाएगा। -डॉ. भंवर सिंह, पीएनडीटी एक्ट के जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन।