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रामलाल डीएसपी बन सकते तो रेवाड़ी की बेटी सुनीता चौकन क्यों नहीं!
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Thu, 02 Jun 2016 12:40 AM IST
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सुनीता चौकन को सरकारी नौकरी का इंतजार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हाईकोर्ट ने एकतरफ माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले फतेहाबाद के रामलाल को डीएसपी बनाने का आदेश राज्य सरकार को दे दिया है, लेकिन रेवाड़ी की बेटी सुनीता चौकन को अभी भी एक अदद सरकारी नौकरी का इंतजार है। उनके मन में टीस सी है कि कांग्रेस सरकार ने आश्वासन देने के बावजूद जाट बेल्ट की न होने के चलते उपेक्षित सा रखा, वहीं वर्तमान भाजपा सरकार पर्वतारोहण को खेल कैटेगरी में न होने का हवाला देते हुए पल्ला झाड़े हुए हैं।
टीस तब और भी ज्यादा बढ़ जाती है जब एवरेस्ट विजेता एक अन्य ममता सौदा को जाट बेल्ट का होने से ही डीएसपी बनाया जा चुका है। कई बार कांग्रेस और अब भाजपा सरकार से मदद की गुहार लगा चुकीं सुनीता अब भी सुनवाई न होने की स्थिति में कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाने को भी तैयार हैं।
माउंट एवरेस्ट समेत नाप चुकीं 16 पहाड़
सुनीता चौकन ने 2011 में एवरेस्ट फतह किया था। यही नहीं हाल ही में वह विश्व की चौथे नंबर की चोटी माउंट ल्होत्से तक भी तकरीबन चढ़ ही चुकी थीं। नेपाल सरकार द्वारा बर्फीले तूफान व अन्य कारणों के चलते रास्ते ब्लॉक और एक शेरपा की मौत के कारण उन्हें तब आगे नहीं जाने दिया गया, जब वह महज 500 मीटर ही दूर बची थीं। इसके अलावा वह देश और विदेश की कुल 16 पहाड़ों को नाप चुकी हैं।
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ब्रांड एंबेस्डर बनाया, लेकिन नहीं दी नौकरी
अमर उजाला से विशेष बातचीत में सुनीता चौकन ने खुद को डीएसपी के लिए पूरी तरह उपयुक्त बताते हुए अपनी खूबियां बताईं। उन्होंने बताया कि राजपाल से वह दो साल पहले एवरेस्ट फतह कर चुकी थीं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ में रेवाड़ी की ब्रांड एंबेसडर सुनीता कहती हैं कि सरकार बेटी बचाने और बढ़ाने की बात करती है लेकिन योग्य होने के बावजूद उनकी नौकरी आज तक नहीं लगी।
ये हैं खूबियां, तो मैं क्यों नहीं
-बीएससी में 83 फीसदी अंक लेकर यूनिवर्सिटी टॉपर
-एनसीसी में ‘सी’ सर्टिफिकेट होल्डर
-70 फीसदी अंकों के साथ मास्टर्स इन फिजिकल एजुकेशन
-हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया है रामलाल को डीएसपी बनाने का आदेश
-टेनिस एंड बॉल बैडमिंटन ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्लेयर
-क्लाइंबिंग एंड एंडवेंचर स्पोर्ट्स में महारत
वर्जन
पर्वतारोही सुनीता की एप्लीकेशन जिले से पहले ही आगे फारवर्ड की जा चुकी हैं। आगे के एक्शन सरकार की ओर से ही लिए जाएंगे।
-डॉ.यश गर्ग, उपायुक्त, जिला रेवाड़ी
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टीस तब और भी ज्यादा बढ़ जाती है जब एवरेस्ट विजेता एक अन्य ममता सौदा को जाट बेल्ट का होने से ही डीएसपी बनाया जा चुका है। कई बार कांग्रेस और अब भाजपा सरकार से मदद की गुहार लगा चुकीं सुनीता अब भी सुनवाई न होने की स्थिति में कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाने को भी तैयार हैं।
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माउंट एवरेस्ट समेत नाप चुकीं 16 पहाड़
सुनीता चौकन ने 2011 में एवरेस्ट फतह किया था। यही नहीं हाल ही में वह विश्व की चौथे नंबर की चोटी माउंट ल्होत्से तक भी तकरीबन चढ़ ही चुकी थीं। नेपाल सरकार द्वारा बर्फीले तूफान व अन्य कारणों के चलते रास्ते ब्लॉक और एक शेरपा की मौत के कारण उन्हें तब आगे नहीं जाने दिया गया, जब वह महज 500 मीटर ही दूर बची थीं। इसके अलावा वह देश और विदेश की कुल 16 पहाड़ों को नाप चुकी हैं।
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ब्रांड एंबेस्डर बनाया, लेकिन नहीं दी नौकरी
अमर उजाला से विशेष बातचीत में सुनीता चौकन ने खुद को डीएसपी के लिए पूरी तरह उपयुक्त बताते हुए अपनी खूबियां बताईं। उन्होंने बताया कि राजपाल से वह दो साल पहले एवरेस्ट फतह कर चुकी थीं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ में रेवाड़ी की ब्रांड एंबेसडर सुनीता कहती हैं कि सरकार बेटी बचाने और बढ़ाने की बात करती है लेकिन योग्य होने के बावजूद उनकी नौकरी आज तक नहीं लगी।
ये हैं खूबियां, तो मैं क्यों नहीं
-बीएससी में 83 फीसदी अंक लेकर यूनिवर्सिटी टॉपर
-एनसीसी में ‘सी’ सर्टिफिकेट होल्डर
-70 फीसदी अंकों के साथ मास्टर्स इन फिजिकल एजुकेशन
-हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया है रामलाल को डीएसपी बनाने का आदेश
-टेनिस एंड बॉल बैडमिंटन ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्लेयर
-क्लाइंबिंग एंड एंडवेंचर स्पोर्ट्स में महारत
वर्जन
पर्वतारोही सुनीता की एप्लीकेशन जिले से पहले ही आगे फारवर्ड की जा चुकी हैं। आगे के एक्शन सरकार की ओर से ही लिए जाएंगे।
-डॉ.यश गर्ग, उपायुक्त, जिला रेवाड़ी