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मेरी वर्दी देख एक भी बेटी प्रेरणा लेती है तो ये गर्व की बात : रंजीता

Mon, 24 Mar 2025 12:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 24 Mar 2025 12:37 AM IST
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If even one daughter gets inspired by seeing my uniform, then it is a matter of pride: Ranjita
फोटो : 25आईपीएस रंजीता शर्
संवाद न्यूज एजेंसी
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नांगलमूंदी। मेरी वर्दी देखकर गांव की एक भी बेटी प्रेरणा लेती है तो यह मेरे लिए गर्व की बात है। यह कहना है गांव डहीना निवासी आईपीएस रंजीता शर्मा का। उन्होंने कहा कि मैंने जीवन में खुद काफी संघर्ष किया। इसी का परिणाम है कि आज मैं भारतीय पुलिस सेवा में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
गांव डहीना निवासी रंजीता शर्मा वर्तमान में राजस्थान के जयपुर में पुलिस अधीक्षक पद पर सेवाएं दे रही हैं। वह उन युवाओं के लिए प्रेरणा की स्रोत हैं जो जीवन में विफलताओं का अनुभव करने के बाद निराश होकर हार मान लेते हैं। रंजीता शर्मा ने भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पढ़ाई करके पीआर की नौकरी की थी। इसके बाद सिविल सेवाओं में शामिल होने के लिए भरसक प्रयास कर इस मुकाम को हासिल किया।
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प्रधानमंत्री मोदी ने भी की थी तारीफ

भारतीय पुलिस सेवा के आरआर-72 बैच की अधिकारी रंजीता शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान गृह मंत्रालय का आईपीएस एसोसिएशन स्वॉर्ड ऑफ ऑनर का अवॉर्ड प्राप्त किया था। रंजीता इस पुरस्कार को हासिल करने वाली देश की पहली महिला अधिकारी थीं। रंजीता शर्मा गांव डहीना निवासी सतीश शर्मा की बेटी हैं। वह वर्ष 2019 आईपीएस बैच की अधिकारी हैं। यह अवॉर्ड आउट डोर ट्रेनिंग के आधार पर दिया जाता है। आईपीएस बैच 2019 आरआर-72 में देशभर से कुल 144 प्रशिक्षु अधिकारी थे। ट्रेनिंग के दौरान रंजीता शर्मा ने वितरित की गई कुल 50 ट्राॅफियों में से आठ ट्राफियां जीतने की उपलब्धि हासिल की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रंजीता शर्मा की उपलब्धियों की जमकर सराहना की थी।
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दो बार इंटरव्यू में पहुंची थीं रंजीता

रंजीता शर्मा ने वर्ष 2013, 2015 और 2017 में प्रीलिम्स क्वालीफाई नहीं कर पाई थीं। वर्ष 2014 और 2016 में वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गई थी, लेकिन चयन नहीं हुआ था। वर्ष 2018 में रंजीता शर्मा का चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ था। रंजीता शर्मा के चाचा सुधीर शर्मा ने बताया कि उनका सम्मान समारोह गांव के ही सरकारी स्कूल में आयोजित किया गया था।
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