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Rewari News: सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियों सों मैं बाज तड़ऊं, तबे गोबिंद सिंह नाम कहाऊं

Sun, 14 Jan 2024 10:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sun, 14 Jan 2024 10:28 PM IST
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I will fight one against 1.25 lakh, I will fight with birds, I will call them Gobind Singh
कार्यक्रम में अतिथियों को दशमेश पिता व गुरु नानक देव के चित्र भेंट करते संस्था के संयोजक दिनेश
रेवाड़ी। सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियों सों मैं बाज तड़ऊं, तबे गोबिंद सिंह नाम कहाऊं... शब्द गुरु गोबिंद सिंह जी की वीरता और साहस के संदर्भ में कहे जाते हैं। उनके अनुसार वीरता और साहस में एक सिख सवा लाख लोगों के बराबर है। इसी के तहत रविवार को पंजाबी धर्मशाला में सुबह हमारा परिवार संस्था के तत्वावधान में दशमेश पिता के प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
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कार्यक्रम में मुख्यातिथि पंजाबी महासभा के प्रधान अभिषेक झाम्ब, नई दिशा युवा मंच के प्रधान एडवोकेट निशांत यादव, गोकल बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान श्याम दुआ, गुरुद्वारा गुरु नानक सिंह सभा बारा हजारी प्रधान सरदार प्रीतपाल सिंह निक्का व संस्था के संयोजक दिनेश कपूर ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने देखा कि उनके पिता गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया। गुरु अर्जन देव जो यातनाएं देकर शहीद कर दिया। यह सब देख गुरु ने बैसाखी के दिन अपने सभी भक्तों को इकट्ठा किया। पंज प्यारों को अमृत छकाया। सभी को अमृत छका कर खालसा पंथ की स्थापना की। चमकौर साहिब के भीषण युद्ध में एक ओर मुगलों की विशाल सेना थी, एक ओर 40 सिख सैनिकों के साथ गुरु गोविंद सिंह गढ़ी की हवेली में मोर्चा लिए हुए थे। इस युद्ध में गुरु ने अपने 40 सैनिकों के साथ भीषण युद्ध लड़ा। इसमें मुगलों को मुंह की खानी पढ़ी। संस्था के प्रधान अरुण गुप्ता, शिक्षाविद डॉ. बलबीर अग्रवाल ने कहा कि जब गुरु को समाचार मिला कि उनके चारों साहिबजादे धर्म की रक्षा के लिए शहीद हो गए हैं तो उन्होंने सहज भाव से कहा कि इन पुत्रण के वास्ते वार दिये सुत चार, चार मुए तो क्या हुआ जीवित कई हजार। उन्होंने सोए हुए समाज को जागृत करने का काम किया। संस्था की महिला प्रधान निशा सिकरी व समाजसेवी बहन उमा मिगलानी ने कहा कि आज आवश्यकता है अपने घरों में गुरु व उनके साहिबजादों के बलिदान की वीर गाथा अपने बच्चों को बताने की। इससे बच्चों में वीरता व देशभक्ति के भाव पैदा किया जा सके। इस मौके पर नन्हे बच्चे पूर्वांशी, गोरी व तन्वी ने देशभक्ति की कविता सुनाकर सभी की तालियां बटोरी। कार्यक्रम में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए यतीश सिंगल, डॉक्टर संजय रोहिल्ला, मनोज कौशिक, संजय शर्मा व रोहित गेरा को सम्मानित किया गया। अतिथियों को दशमेश पिता, गुरुनानक देव, स्वर्ण मंदिर, शहीद आजम भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद व भारत माता के चित्र भेंट किए गए। कार्यक्रम में मुख्यतः समाजसेवी राजेंद्र गेरा, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, हिमांशु पिपलानी, राहुल कालड़ा, देव, कपिल कपूर, सुदर्शन मेहंदीरत्ता, पुष्पा, कौशल्या, ओमप्रकाश, सत्यप्रकाश शास्त्री, सुनीता आर्य, राजेश कुमार, हर्षवर्धन, निशांत, पुरुषोत्तम नंदवानी व साथियों ने सहयोग किया।
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