{"_id":"6a3a66f326370d0fad0e0d6d","slug":"health-department-keeps-special-eye-on-waterlogged-areas-rewari-news-c-198-1-rew1001-240690-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: जलभराव वाले क्षेत्रों पर स्वास्थ्य विभाग की विशेष नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: जलभराव वाले क्षेत्रों पर स्वास्थ्य विभाग की विशेष नजर
Tue, 23 Jun 2026 04:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 23 Jun 2026 04:28 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मानसून की दस्तक और संभावित जलभराव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सिविल अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए नियमित एलाइजा टेस्ट किए जा रहे हैं। प्रतिदिन 10 से अधिक नमूनों की जांच की जा रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जोगेंद्र ने बताया कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों को क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है जहां पानी जमा होने और मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक रहती है। विभाग की टीमें निर्माण स्थलों, कबाड़ की दुकानों, सत्संग भवनों, धार्मिक स्थलों, नर्सरियों, डेयरियों और खुले मैदानों का समय-समय पर निरीक्षण कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि कहीं मच्छरों का लार्वा पाया जाता है तो उसे तत्काल नष्ट किया जाएगा। साथ ही संबंधित स्थल के मालिक या संचालक को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य मच्छरों के प्रजनन को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है ताकि बीमारियों के फैलाव को नियंत्रित किया जा सके।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक मलेरिया के पांच मामले सामने आए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि वर्तमान में जिले में डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है। विभाग इस स्थिति को बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चला रहा है।
विज्ञापन
रेवाड़ी। मानसून की दस्तक और संभावित जलभराव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सिविल अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए नियमित एलाइजा टेस्ट किए जा रहे हैं। प्रतिदिन 10 से अधिक नमूनों की जांच की जा रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जोगेंद्र ने बताया कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों को क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है जहां पानी जमा होने और मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक रहती है। विभाग की टीमें निर्माण स्थलों, कबाड़ की दुकानों, सत्संग भवनों, धार्मिक स्थलों, नर्सरियों, डेयरियों और खुले मैदानों का समय-समय पर निरीक्षण कर रही हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि कहीं मच्छरों का लार्वा पाया जाता है तो उसे तत्काल नष्ट किया जाएगा। साथ ही संबंधित स्थल के मालिक या संचालक को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य मच्छरों के प्रजनन को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है ताकि बीमारियों के फैलाव को नियंत्रित किया जा सके।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक मलेरिया के पांच मामले सामने आए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि वर्तमान में जिले में डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है। विभाग इस स्थिति को बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चला रहा है।