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Rewari News: ग्रैप-4 के नियमों की हो रही अनदेखी, फिर बिगड़ने लगी हवा
Wed, 18 Dec 2024 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 18 Dec 2024 11:27 PM IST
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सुबह के समय अनाज मंडी मार्ग के पास प्रदूषण की वजह से बनी अदृश्यता। संवाद
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रेवाड़ी। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए ग्रैप- 4 की पाबंदियां लागू हैं। इसके बावजूद जिले में निर्माण कार्य बड़े पैमाने पर जारी है। नतीजन, जिले की हवा लगातार प्रदूषित हो रही है। बुधवार को एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) बढ़कर 240 हो गया। मंगलवार को यह आंकड़ा 233 था।
जिले के एनसीआर में होने के कारण ग्रैप-4 के नियमों का पालन जरूरी है। फिर भी नियमों की पालना नहीं की जा रही है। बुधवार को अधिकतम प्रदूषण का स्तर 240 के आसपास दर्ज किया गया है। फिलहाल आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की संभावना है। प्रदूषण हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से फील्ड में टीमों को तैनात कर दिया गया है, जो प्रदूषण फैलाने वाले औद्योगिक इकाइयों पर नजर रखेगी। साथ ही जहां पर कूड़ा जलता हुआ पाया जाएगा, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। पूरे दिन धूप तो निकली, मगर साथ में प्रदूषण ने भी अपना कहर बरसाया। दिन में प्रदूषण के कारण स्माग जैसी स्थिति भी बनी रही। इससे आंखों में जलन व गले में खराश जैसी समस्या भी उत्पन्न हो रही हैं। अगर ऐसी ही चलता रहा तो आने वाले समय में स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां लोगों को होने लगेंगी।
3 साल में पहली बार ग्रैप 4 की दो बार पाबंदियां अधिक समय तक हुई लागू :
3 साल में पहली बार ग्रैप 4 की दो बार पाबंदियां अधिक समय तक लागू हुई हैं। 2022 में 3 से 6 नवंबर, 2023 में 5 से 18 नवंबर तक ग्रैप चार की पाबंदियां लगी थीं। इस वर्ष 2024 में ग्रैप-4 की पाबंदियां 17 नवंबर से लगाई गई थी जो कि 7 दिसंबर तक जारी थी। अब फिर से ग्रैप-4 की पाबंदियों को लागू कर दिया गया है। बता दें कि ग्रैप सिस्टम एनसीआर में तब लागू होता है जब एयर क्वालिटी खराब होने लगती है। ऐसे में सीएक्यूएम दिल्ली एनसीआर में ग्रैप को लेवल में लागू करती है। दिल्ली-एनसीआर के लिए ग्रैप को एयर क्वालिटी के चार लेवल में बांटा गया है।
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इन कार्यों पर लगी पाबंदी
ग्रैप-4 के कारण जिला में कंस्ट्रक्शन एवं डेमोलिशन से संबंधित सभी प्रकार की गतिविधियों के अलावा बोरिंग, ड्रिलिंग, मिट्टी खुदाई और भराई, ओपन ट्रेंच सिस्टम द्वारा सीवर लाइन, पानी की लाइन, ड्रेनेज और इलेक्ट्रिक केबलिंग आदि बिछाना, ईंट व चिनाई के कार्य, पेंटिंग, पॉलिशिंग और वार्निशिंग कार्य, टाइल्स, पत्थरों और अन्य फ़्लोरिंग सामग्री की कटिंग, सड़क निर्माण गतिविधियां और मरम्मत, परियोजना स्थलों के भीतर व बाहर ईंटें, रेत, कंकड़, पत्थर आदि जैसी धूल पैदा करने वाली सामग्रियों का स्थानांतरण, लोडिंग व अनलोडिंग, कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी है।
प्रदूषण को रोकने के लिए लोगों को मिलकर कार्य करना होगा। प्रदूषण को रोकने के लिए सभी लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। लोगों से अपील है कि कूड़ा आदि ना जलाएं, इससे वायु प्रदूषण फैलता है। हमारी टीम में फील्ड में कार्य कर रही हैं।
हरीश, आरओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रेवाड़ी।
पिछले दिनों का प्रदूषण का स्तर:
दिन एक्यूआई
18 दिसंबर 240
17 दिसंबर 233
16 दिसंबर 232
15 दिसंबर 181
14 दिसंबर 90
13 दिसंबर100
12 दिसंबर106
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जिले के एनसीआर में होने के कारण ग्रैप-4 के नियमों का पालन जरूरी है। फिर भी नियमों की पालना नहीं की जा रही है। बुधवार को अधिकतम प्रदूषण का स्तर 240 के आसपास दर्ज किया गया है। फिलहाल आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की संभावना है। प्रदूषण हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से फील्ड में टीमों को तैनात कर दिया गया है, जो प्रदूषण फैलाने वाले औद्योगिक इकाइयों पर नजर रखेगी। साथ ही जहां पर कूड़ा जलता हुआ पाया जाएगा, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। पूरे दिन धूप तो निकली, मगर साथ में प्रदूषण ने भी अपना कहर बरसाया। दिन में प्रदूषण के कारण स्माग जैसी स्थिति भी बनी रही। इससे आंखों में जलन व गले में खराश जैसी समस्या भी उत्पन्न हो रही हैं। अगर ऐसी ही चलता रहा तो आने वाले समय में स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां लोगों को होने लगेंगी।
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3 साल में पहली बार ग्रैप 4 की दो बार पाबंदियां अधिक समय तक हुई लागू :
3 साल में पहली बार ग्रैप 4 की दो बार पाबंदियां अधिक समय तक लागू हुई हैं। 2022 में 3 से 6 नवंबर, 2023 में 5 से 18 नवंबर तक ग्रैप चार की पाबंदियां लगी थीं। इस वर्ष 2024 में ग्रैप-4 की पाबंदियां 17 नवंबर से लगाई गई थी जो कि 7 दिसंबर तक जारी थी। अब फिर से ग्रैप-4 की पाबंदियों को लागू कर दिया गया है। बता दें कि ग्रैप सिस्टम एनसीआर में तब लागू होता है जब एयर क्वालिटी खराब होने लगती है। ऐसे में सीएक्यूएम दिल्ली एनसीआर में ग्रैप को लेवल में लागू करती है। दिल्ली-एनसीआर के लिए ग्रैप को एयर क्वालिटी के चार लेवल में बांटा गया है।
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इन कार्यों पर लगी पाबंदी
ग्रैप-4 के कारण जिला में कंस्ट्रक्शन एवं डेमोलिशन से संबंधित सभी प्रकार की गतिविधियों के अलावा बोरिंग, ड्रिलिंग, मिट्टी खुदाई और भराई, ओपन ट्रेंच सिस्टम द्वारा सीवर लाइन, पानी की लाइन, ड्रेनेज और इलेक्ट्रिक केबलिंग आदि बिछाना, ईंट व चिनाई के कार्य, पेंटिंग, पॉलिशिंग और वार्निशिंग कार्य, टाइल्स, पत्थरों और अन्य फ़्लोरिंग सामग्री की कटिंग, सड़क निर्माण गतिविधियां और मरम्मत, परियोजना स्थलों के भीतर व बाहर ईंटें, रेत, कंकड़, पत्थर आदि जैसी धूल पैदा करने वाली सामग्रियों का स्थानांतरण, लोडिंग व अनलोडिंग, कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी है।
प्रदूषण को रोकने के लिए लोगों को मिलकर कार्य करना होगा। प्रदूषण को रोकने के लिए सभी लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। लोगों से अपील है कि कूड़ा आदि ना जलाएं, इससे वायु प्रदूषण फैलता है। हमारी टीम में फील्ड में कार्य कर रही हैं।
हरीश, आरओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रेवाड़ी।
पिछले दिनों का प्रदूषण का स्तर:
दिन एक्यूआई
18 दिसंबर 240
17 दिसंबर 233
16 दिसंबर 232
15 दिसंबर 181
14 दिसंबर 90
13 दिसंबर100
12 दिसंबर106