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Rewari News: लोकगायक दीपचंद व नरेश कुमार भीम सिंह पुरस्कार से सम्मानित
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महाशय भीमसिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम। स्रोत : ग्रामीण
- फोटो : माथुर वैश्य इंटरनेशनल की कैबिनेट मीटिंग में मंचासीन पदाधिकारी। स्रोतः संस्था
रेवाड़ी। गांव लिसान के लोकगायक एवं रेडियो सिंगर महाशय भीम सिंह की जयंती पर कपूरी गांव में स्मृति समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में लोकगायक दीपचंद कपूरी और नरेश कुमार को महाशय भीम सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में लोकगायकों ने करीब तीन घंटे तक महाशय भीम सिंह की रचनाओं का गायन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. त्रिलोकचंद फतेहपुरी ने की जबकि मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं संस्कृति लेखक सत्यवीर नाहड़िया मौजूद रहे। मंच की अध्यक्षता वरिष्ठ लोकगायक रामसिंह दखोरिया ने की।
डॉ. फतेहपुरी ने महाशय भीमसिंह को लोक-संस्कृति का सच्चा संवाहक बताते हुए उनकी रचनाओं को कालजयी बताया। वहीं, सत्यवीर नाहड़िया ने उनके साहित्यिक योगदान, आशु काव्य प्रतिभा और हरियाणवी किस्सों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान रामसिंह दखोरिया ने महाशय भीम सिंह की ग्रंथावली प्रकाशित कराने की घोषणा भी की।
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कार्यक्रम में संगीतकार प्रदीप महरोलिया के निर्देशन में कई लोकगायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। इनमें दलबीर फूल, मुकेश काले, ईश्वर बेदी, बीरेंद्र सिंह, राकेश कुमार, जिले सिंह, देवेंद्र नंबरदार, अनिल कुमार और कृष्ण कुमार सहित अन्य कलाकार शामिल रहे।
मंच की ओर से सभी कलाकारों और महाशय भीम सिंह के बड़े बेटे शेर सिंह को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगला जयंती समारोह लिसान गांव में आयोजित किया जाएगा।
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कार्यक्रम में लोकगायकों ने करीब तीन घंटे तक महाशय भीम सिंह की रचनाओं का गायन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. त्रिलोकचंद फतेहपुरी ने की जबकि मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं संस्कृति लेखक सत्यवीर नाहड़िया मौजूद रहे। मंच की अध्यक्षता वरिष्ठ लोकगायक रामसिंह दखोरिया ने की।
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डॉ. फतेहपुरी ने महाशय भीमसिंह को लोक-संस्कृति का सच्चा संवाहक बताते हुए उनकी रचनाओं को कालजयी बताया। वहीं, सत्यवीर नाहड़िया ने उनके साहित्यिक योगदान, आशु काव्य प्रतिभा और हरियाणवी किस्सों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान रामसिंह दखोरिया ने महाशय भीम सिंह की ग्रंथावली प्रकाशित कराने की घोषणा भी की।
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कार्यक्रम में संगीतकार प्रदीप महरोलिया के निर्देशन में कई लोकगायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। इनमें दलबीर फूल, मुकेश काले, ईश्वर बेदी, बीरेंद्र सिंह, राकेश कुमार, जिले सिंह, देवेंद्र नंबरदार, अनिल कुमार और कृष्ण कुमार सहित अन्य कलाकार शामिल रहे।
मंच की ओर से सभी कलाकारों और महाशय भीम सिंह के बड़े बेटे शेर सिंह को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगला जयंती समारोह लिसान गांव में आयोजित किया जाएगा।