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जल्द फ्लाईओवर-अंडरपास नहीं बने तो जाम में फंसेगा शहर
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 28 Jul 2016 11:35 PM IST
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फ्लाईओवर
- फोटो : फाइल फोटो
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शहर की परिसीमा और जिले के अन्य कुछ हिस्सों से गुजरने वाली रेल लाइनों के ऊपर जल्द ही अगर फ्लाईओवर और अंडरपास नहीं बने तो जिले के लोग जाम के झाम में फंसेंगे। मुख्य रूप से बात करें तो रोजाना सफर करने वाले जिले और बाहर के हजारों राहगीरों की सुविधा के लिए नौ अंडरपास और फ्लाईओवर की सख्त जरूरत है। इनमें से कुछ फ्लाईओवर के लिए प्रपोजल तय हुए और पास भी हो गए लेकिन किन्हीं कारणों के चलते कोई फाइल सेंटर में अटक गई तो कुछ राजनीतिक दखल अंदाजी के चलते अधर में लटक गईं। यही कारण है कि एनसीआर में होने के बावजूद रेवाड़ी का विकास उस दर से नहीं हो पाया और शहरवासी आज भी पिछड़ेपन का सामना कर रहे हैं। अब सत्तारूढ़ पार्टी के व्यावसायिक प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक ने रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा से इन बेहद जरूरी फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण की मांग की है।
क्यों जरूरी हैं मुख्य फ्लाईओवर व अंडरपास
हंसनगर क्रॉसिंग : रेवाड़ी-भाड़ावास रोड पर पडने वाली इस क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर की मांग बेहद पुरानी है। साल 2003 में शहर की तीन क्रॉसिंग के ऊपर फ्लाईओवर बनने का प्रस्ताव चौटाला सरकार में पास हो गया। झज्जर और नाईवाली क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर की योजना तो सिरे चढ़ी लेकिन हंसनगर क्रॉसिंग राजनीतिक दखलंदाजी और बाद में कोर्ट स्टे के चलते आज तक पूरी नहीं हुईं। जबकि हकीकत यह है कि बावल करीब दर्जन भर से ज्यादा कालोनी और कई गांवों की इस रास्ते से सीधे कनेक्टिविटी सीधे एनएच-8 से है।
आईओसी चौक से भाड़ावास रोड फ्लाईओवर : इंडियन ऑयल चौक से भाड़ावास रोड को कनेक्ट करने के लिए कंटेनर डिपो के साथ यह फ्लाईओवर शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए बेहद जरूरी है। कारण,अभी शहर के इस तरफ के बाहरी हिस्से से भाड़ावास रोड तक जाने के लिए लोग शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरते हैं। इससे सर्कुलर रोड समेत शहर की अन्य सड़कों पर यातायात का भारी दबाव पड़ता है। यह फ्लाईओवर बनने के बाद शहर के जाम की 20 फीसदी से ज्यादा वाहन बाहर से ही निकल जाएंगे।
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डबल फाटक पर अंडरपास : रेवाड़ी जंक्शन के पास डबल फाटक पिछले कुछ दिनों बेहद चर्चा और विवादों में रहा था। कारण शहर के दूसरी ओर रहने वाले कालोनीवासी दोपहिया वाहनों के निकलने वाला मार्ग भी बंद किए जाने पर प्रदर्शन करने सड़क पर उतर आए थे और कई दिन तक धरना प्रदर्शन किया था। पुलिस और लोगों के बीच हल्की झड़प भी हुई थी। डबल फाटक पर अंडरपास बनने के बाद दो दर्जन से ज्यादा कालोनी और गांवों को राहत मिलेगी। योजना केंद्र सरकार के पाले में है। पिंक बुक भी बन गई है, लेकिन योजना कहां है, वास्तविकता किसी को भी नहीं पता है।
पाली गोठड़ा क्रॉसिंग : रेवाड़ी-नारनौल रोड पर पड़ने वाली पाली गोठड़ा क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर की मांग भले ही नई है। इस रोड पर रोजाना नारनौल से रेवाड़ी की औद्योगिक इकाइयों में हजारों लोग नौकरी करने आते हैं। इसके अलावा जिले में भारी संख्या में सरकारी कर्मचारी भी इसी सड़क से आते जाते हैं।डहीना फाटक फ्लाईओवर : रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रोड पर डहीना फाटक पर भले ही ज्यादा ट्रेनें नहीं हैं। लेकिन रेवाड़ी महेंद्रगढ़ मुख्यमार्ग होने के चलते कुछ ट्रेनों के आने-जाने और मालगाड़ियों की संख्या होने के चलते आए दिन जाम लगता है।
अन्य कौन से फ्लाईओवर भी हैं बेहद अहम है।
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क्यों जरूरी हैं मुख्य फ्लाईओवर व अंडरपास
हंसनगर क्रॉसिंग : रेवाड़ी-भाड़ावास रोड पर पडने वाली इस क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर की मांग बेहद पुरानी है। साल 2003 में शहर की तीन क्रॉसिंग के ऊपर फ्लाईओवर बनने का प्रस्ताव चौटाला सरकार में पास हो गया। झज्जर और नाईवाली क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर की योजना तो सिरे चढ़ी लेकिन हंसनगर क्रॉसिंग राजनीतिक दखलंदाजी और बाद में कोर्ट स्टे के चलते आज तक पूरी नहीं हुईं। जबकि हकीकत यह है कि बावल करीब दर्जन भर से ज्यादा कालोनी और कई गांवों की इस रास्ते से सीधे कनेक्टिविटी सीधे एनएच-8 से है।
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आईओसी चौक से भाड़ावास रोड फ्लाईओवर : इंडियन ऑयल चौक से भाड़ावास रोड को कनेक्ट करने के लिए कंटेनर डिपो के साथ यह फ्लाईओवर शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए बेहद जरूरी है। कारण,अभी शहर के इस तरफ के बाहरी हिस्से से भाड़ावास रोड तक जाने के लिए लोग शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरते हैं। इससे सर्कुलर रोड समेत शहर की अन्य सड़कों पर यातायात का भारी दबाव पड़ता है। यह फ्लाईओवर बनने के बाद शहर के जाम की 20 फीसदी से ज्यादा वाहन बाहर से ही निकल जाएंगे।
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डबल फाटक पर अंडरपास : रेवाड़ी जंक्शन के पास डबल फाटक पिछले कुछ दिनों बेहद चर्चा और विवादों में रहा था। कारण शहर के दूसरी ओर रहने वाले कालोनीवासी दोपहिया वाहनों के निकलने वाला मार्ग भी बंद किए जाने पर प्रदर्शन करने सड़क पर उतर आए थे और कई दिन तक धरना प्रदर्शन किया था। पुलिस और लोगों के बीच हल्की झड़प भी हुई थी। डबल फाटक पर अंडरपास बनने के बाद दो दर्जन से ज्यादा कालोनी और गांवों को राहत मिलेगी। योजना केंद्र सरकार के पाले में है। पिंक बुक भी बन गई है, लेकिन योजना कहां है, वास्तविकता किसी को भी नहीं पता है।
पाली गोठड़ा क्रॉसिंग : रेवाड़ी-नारनौल रोड पर पड़ने वाली पाली गोठड़ा क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर की मांग भले ही नई है। इस रोड पर रोजाना नारनौल से रेवाड़ी की औद्योगिक इकाइयों में हजारों लोग नौकरी करने आते हैं। इसके अलावा जिले में भारी संख्या में सरकारी कर्मचारी भी इसी सड़क से आते जाते हैं।डहीना फाटक फ्लाईओवर : रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रोड पर डहीना फाटक पर भले ही ज्यादा ट्रेनें नहीं हैं। लेकिन रेवाड़ी महेंद्रगढ़ मुख्यमार्ग होने के चलते कुछ ट्रेनों के आने-जाने और मालगाड़ियों की संख्या होने के चलते आए दिन जाम लगता है।
अन्य कौन से फ्लाईओवर भी हैं बेहद अहम है।