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Rewari News: किसानों को सरसों बेचने के लिए करना पड़ रहा छह घंटे इंतजार
Tue, 02 Apr 2024 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 02 Apr 2024 11:57 PM IST
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रेवाड़ी। बिठवाना स्थित अनाज मंडी में गेट पास कटवाते किसान। संवाद
रेवाड़ी। अनाज मंडी में अव्यवस्था की वजह से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना करीब 2 किलोमीटर का लंबा जाम लगने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम शहर की बिठवाना अनाज मंडी में पड़ताल करने पहुंची। देखा कि किसान ट्रैक्टर पर करीब 6 घंटे से नंबर आने के इंतजार में बैठे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को उठानी पड़ती है जिनका नंबर आने के बाद बताया जाता है कि सरसों में नमी ज्यादा है। इस वजह से खरीद नहीं हो पाएगी। ऐसे किसानों के लिए समस्या काफी अधिक रहती है। मंगलवार को भी कई किसानों को नमी बता कर वापस भेजा गया। किसान राजवीर, रामपाल, हितेश ने बताया कि वह सुबह से ही अनाज मंडी के गेट के बाहर अपना ट्रैक्टर लेकर खड़े थे। दोपहर 12 हजार बजे के बाद वह अनाज मंडी के अंदर प्रवेश हुए, पीने तक के पानी के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ता है। यदि गेट पास काटना ही है तो वह गेट पर काटना चाहिए। न की मंडी के अंदर। मंडी के अंदर भी करीब 2 से 3 घंटे तक अपने नंबर का इंतजार करना पड़ता है। नमी बताकर वापस भेजा जाता है तो दोबारा आने में करीब 2 हजार का खर्च पड़ता है।
इंसेट
गेहूं की फिलहाल नहीं हुई खरीद
मंगलवार को कोसली और बावल अनाजमंडी में गेहूं की एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई। रेवाड़ी अनाजमंडी में जहां गेहूं की आवक ही नहीं हुई। वहीं कोसली अनाजमंडी में गेहूं में ज्यादा नमी के कारण खरीद नहीं की गई। जिले की तीनों मंडियों में मंगलवार को रोस्टर से निर्धारित गांवों के किसानों की सरसों की हैफेड की ओर से 5650 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर सरसों की खरीद सुचारू रूप से चली। जिले की अनाजमंडियों में अब तक हैफेड की ओर से करीब 78980 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है। मंगलवार को बिठवाना मंडी में 275 किसानों के गेटपास काटे गए। 2750 क्विंटल सरसों खरीदी गई। बावल अनाजमंडी में 325 किसानों के गेटपास काटकर 13500 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद की गई। इसके अलावा नई अनाजमंडी में करीब 55500 क्विंटल सरसों की आढतियों के माध्यम से प्राइवेट खरीद हो चुकी है।
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कोसली में सरसों की हो रही आवक
कोसली अनाज मंडी में सरसों की भारी आवक हो रही है। सोमवार तक खरीद एजेंसी हैफेड की ओर से 37549 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी थी। 20 हजार कट्टों का उठान भी हो चुका है। मंगलवार को शाम तक 6046 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी थी। कोसली मंडी में गेहूं की आवक भी शुरू हो चुकी है। मार्केट कमेटी की ओर से 11 गेट पास जारी किए गए हैं। गेहूं की खरीद हेफेड व वेयरहाउस की ओर से की जाएगी। हैफेड सप्ताह के पहले, तीसरे व पांचवें दिन तथा वेयर हाउस की ओर से सप्ताह के दूसरे, चौथे व छठे दिन 2275 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की जाएगी। खरीद एजेंसी हैफेड के प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गेहूं में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण अभी खरीद नहीं की जा सकती है। गेंहू की खरीद शुरू होने में अभी एक-दो दिन का समय लग सकता है।
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सुबह से ट्रैक्टर लेकर लाइन में लगा था। मंडी के अंदर प्रवेश मिला तो दो से तीन घंटे हो गए। पानी तक भी नसीब नहीं हो पता है। काफी समस्या है। व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।- सुखबीर, ढोकी
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अगर व्यवस्था बनानी है तो गेट पर ही टोकन कटने चाहिए। टोकन कटने के बाद एंट्री मिले। अंदर टोकन मिलते हैं तब तक बहुत देर हो जाती है।- रामेश्वर, हरजीपुर
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सोमवार को सरसों बेचने के लिए आया था। बताया गया कि नमी ज्यादा है। मंडी में ही सरसों को सुखाने के लिए रखा गया। दो दिन मंडी में ही बीत चुके हैं। बहुत समस्या हो रही है।- जगमोहन, भाड़ावास
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सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को उठानी पड़ती है जिनका नंबर आने के बाद बताया जाता है कि सरसों में नमी ज्यादा है। इस वजह से खरीद नहीं हो पाएगी। ऐसे किसानों के लिए समस्या काफी अधिक रहती है। मंगलवार को भी कई किसानों को नमी बता कर वापस भेजा गया। किसान राजवीर, रामपाल, हितेश ने बताया कि वह सुबह से ही अनाज मंडी के गेट के बाहर अपना ट्रैक्टर लेकर खड़े थे। दोपहर 12 हजार बजे के बाद वह अनाज मंडी के अंदर प्रवेश हुए, पीने तक के पानी के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ता है। यदि गेट पास काटना ही है तो वह गेट पर काटना चाहिए। न की मंडी के अंदर। मंडी के अंदर भी करीब 2 से 3 घंटे तक अपने नंबर का इंतजार करना पड़ता है। नमी बताकर वापस भेजा जाता है तो दोबारा आने में करीब 2 हजार का खर्च पड़ता है।
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गेहूं की फिलहाल नहीं हुई खरीद
मंगलवार को कोसली और बावल अनाजमंडी में गेहूं की एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई। रेवाड़ी अनाजमंडी में जहां गेहूं की आवक ही नहीं हुई। वहीं कोसली अनाजमंडी में गेहूं में ज्यादा नमी के कारण खरीद नहीं की गई। जिले की तीनों मंडियों में मंगलवार को रोस्टर से निर्धारित गांवों के किसानों की सरसों की हैफेड की ओर से 5650 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर सरसों की खरीद सुचारू रूप से चली। जिले की अनाजमंडियों में अब तक हैफेड की ओर से करीब 78980 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है। मंगलवार को बिठवाना मंडी में 275 किसानों के गेटपास काटे गए। 2750 क्विंटल सरसों खरीदी गई। बावल अनाजमंडी में 325 किसानों के गेटपास काटकर 13500 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद की गई। इसके अलावा नई अनाजमंडी में करीब 55500 क्विंटल सरसों की आढतियों के माध्यम से प्राइवेट खरीद हो चुकी है।
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कोसली में सरसों की हो रही आवक
कोसली अनाज मंडी में सरसों की भारी आवक हो रही है। सोमवार तक खरीद एजेंसी हैफेड की ओर से 37549 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी थी। 20 हजार कट्टों का उठान भी हो चुका है। मंगलवार को शाम तक 6046 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी थी। कोसली मंडी में गेहूं की आवक भी शुरू हो चुकी है। मार्केट कमेटी की ओर से 11 गेट पास जारी किए गए हैं। गेहूं की खरीद हेफेड व वेयरहाउस की ओर से की जाएगी। हैफेड सप्ताह के पहले, तीसरे व पांचवें दिन तथा वेयर हाउस की ओर से सप्ताह के दूसरे, चौथे व छठे दिन 2275 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की जाएगी। खरीद एजेंसी हैफेड के प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गेहूं में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण अभी खरीद नहीं की जा सकती है। गेंहू की खरीद शुरू होने में अभी एक-दो दिन का समय लग सकता है।
सुबह से ट्रैक्टर लेकर लाइन में लगा था। मंडी के अंदर प्रवेश मिला तो दो से तीन घंटे हो गए। पानी तक भी नसीब नहीं हो पता है। काफी समस्या है। व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।- सुखबीर, ढोकी
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अगर व्यवस्था बनानी है तो गेट पर ही टोकन कटने चाहिए। टोकन कटने के बाद एंट्री मिले। अंदर टोकन मिलते हैं तब तक बहुत देर हो जाती है।- रामेश्वर, हरजीपुर
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सोमवार को सरसों बेचने के लिए आया था। बताया गया कि नमी ज्यादा है। मंडी में ही सरसों को सुखाने के लिए रखा गया। दो दिन मंडी में ही बीत चुके हैं। बहुत समस्या हो रही है।- जगमोहन, भाड़ावास