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Rewari News: जलभराव से प्रभावित किसानों ने की मुआवजे की उठाई मांग
Sun, 14 Jun 2026 11:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:44 PM IST
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गांव ततारपुर इस्तमुरार में आयोजित जनसभा में बातचीत करते संगठन के पदाधिकारी। स्रोत : संगठन
- फोटो : हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हुआ आटो
रेवाड़ी। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की ओर से गांव ततारपुर इस्तमुरार में किसानों, मजदूरों और महिलाओं की जनसभा आयोजित की गई। इसमें मसानी बैराज से छोड़े गए दूषित पानी से पैदा हुई समस्याएं उठाई गईं। किसानों ने जलभराव से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।
किसानों ने बताया कि जलभराव से उनकी कई एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है। वे फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। खेत खाली पड़े रहने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि गंदे पानी के लगातार भराव से भूमिगत जल के दूषित होने का खतरा भी बढ़ रहा है।
संगठन के जिलाध्यक्ष रामकुमार ने कहा कि खेती किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है। लगातार फसलें प्रभावित होने से किसान आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार प्रभावित किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों के लिए 50-50 हजार रुपये प्रति फसल मुआवजा दे तथा खेतों में भरे पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था करे।
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जनसभा में मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में चंदन सिंह, रामानंद, रामचंद्र यादव, कृष्ण कुमार, रामपाल नंबरदार, देवराय, गजराज, वेदप्रकाश, लाल सिंह और धर्मबीर को शामिल किया गया।
कमेटी ने जल्द ही प्रभावित किसानों के साथ जिला प्रशासन से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग उठाने का निर्णय लिया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता शेर सिंह, संगठन के रेवाड़ी ब्लॉक प्रधान करतार सिंह, नरेश तुर्कियावास ने संबोधित किया।
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किसानों ने बताया कि जलभराव से उनकी कई एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है। वे फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। खेत खाली पड़े रहने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि गंदे पानी के लगातार भराव से भूमिगत जल के दूषित होने का खतरा भी बढ़ रहा है।
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संगठन के जिलाध्यक्ष रामकुमार ने कहा कि खेती किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है। लगातार फसलें प्रभावित होने से किसान आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार प्रभावित किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों के लिए 50-50 हजार रुपये प्रति फसल मुआवजा दे तथा खेतों में भरे पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था करे।
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जनसभा में मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में चंदन सिंह, रामानंद, रामचंद्र यादव, कृष्ण कुमार, रामपाल नंबरदार, देवराय, गजराज, वेदप्रकाश, लाल सिंह और धर्मबीर को शामिल किया गया।
कमेटी ने जल्द ही प्रभावित किसानों के साथ जिला प्रशासन से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग उठाने का निर्णय लिया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता शेर सिंह, संगठन के रेवाड़ी ब्लॉक प्रधान करतार सिंह, नरेश तुर्कियावास ने संबोधित किया।