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असफलताएं रुकावट नहीं, आगे बढ़ने के लिए है सीढ़ियां : डॉ. पिंकी
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सहायक प्रोफेसर डॉ. पिंकी महिला सशक्तिकरण पर संबोधित करते हुए। स्रोत : विवि
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रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. पिंकी ने महिला सशक्तिकरण विपत्तियों से उपलब्धि तक विषय पर एक प्रेरणादायक मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया। यह व्याख्यान सशक्त महिलाएं, नवाचारी समाधान और स्थायी पर्यावरण विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान दिया गया, जो सरकारी कॉलेज भोरंज (तरकरारी), जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित किया गया था।
डॉ. पिंकी ने संदेश दिया कि असफलताएं हमारे लिए रुकावट नहीं बल्कि आगे बढ़ने के लिए सीढ़ियां होती हैं। अपने व्याख्यान में इतिहास की ऐसी महिलाओं के प्रेरक उदाहरण दिए, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए सफलता के नए आयाम स्थापित किए। उन्होंने सावित्रीबाई फुले, माया एंजेलो, मलाला यूसुफजई, मैरी क्यूरी और हेलेन केलर जैसी हस्तियों का उल्लेख किया। इन महिलाओं ने यह सिद्ध किया कि जुझारूपन, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। कई महिलाओं ने अपने जीवन में असंख्य कठिनाइयों का सामना किया है और फिर भी समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं।
डॉ. पिंकी ने कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विजय ठाकुर, सम्मेलन के आयोजकों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंच महिलाओं के संघर्ष और सफलता के अनुभवों को साझा करने और एक नई सोच विकसित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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डॉ. पिंकी ने संदेश दिया कि असफलताएं हमारे लिए रुकावट नहीं बल्कि आगे बढ़ने के लिए सीढ़ियां होती हैं। अपने व्याख्यान में इतिहास की ऐसी महिलाओं के प्रेरक उदाहरण दिए, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए सफलता के नए आयाम स्थापित किए। उन्होंने सावित्रीबाई फुले, माया एंजेलो, मलाला यूसुफजई, मैरी क्यूरी और हेलेन केलर जैसी हस्तियों का उल्लेख किया। इन महिलाओं ने यह सिद्ध किया कि जुझारूपन, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। कई महिलाओं ने अपने जीवन में असंख्य कठिनाइयों का सामना किया है और फिर भी समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं।
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डॉ. पिंकी ने कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विजय ठाकुर, सम्मेलन के आयोजकों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंच महिलाओं के संघर्ष और सफलता के अनुभवों को साझा करने और एक नई सोच विकसित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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