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Rewari News: ग्रीष्मावकाश में बच्चों से कराया जाएगा अनुभव आधारित कार्य

Fri, 24 May 2024 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 24 May 2024 12:21 AM IST
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Experience based work will be done to children during summer vacation
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। गर्मी की छुट्टी में बाल वाटिका से लेकर इस बार बच्चों से परंपरागत तरीके से लेखन व रटने का कार्य नहीं बल्कि अनुभव आधारित गृह कार्य दिया जाएगा। इसे परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर किया जाना है। इसमें दादा-दादी, नाना-नानी समेत घर के बड़े बुजुर्ग की अहम भूमिका होगी।
विद्यालयों में एक जून से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश होगा। इस बार निपुण कार्यक्रम और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या के अनुपालन में स्कूल के गृहकार्य में बदलाव किया गया है। इसमें बाल वाटिका से लेकर पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए गृह कार्य पर परंपरागत शिक्षण लेखन और रटने की प्रकृति नहीं होगा बल्कि निपुण में अनुभव आधारित शिक्षण कार्य करवाया जाएगा। इस कार्य में स्वतंत्र समय सारिणी, स्वछंद शिक्षण, पाठ्य पुस्तकों से अलग कहानी, बाजार, समाज व परिवेश के माध्यम से पठन पाठन करवाया जाना है। यह कार्य परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर किया जाना है। इसमें दादा-दादी, नाना-नानी समेत घर के बड़े बुजुर्ग मेंटर की भूमिका अदा करेंगे। यह बुजुर्ग अपने जीवन के अनुभवों के साथ नई पीढ़ी को सामान्य ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, मार्गदर्शन, दक्षता व कौशल व्यवहार कुशलता प्रदान करेंगे।
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विद्यार्थी को पढ़ने-लिखने व गणना कौशल की होगी जानकारी

विद्यार्थी को पढ़ने-लिखने व गणना जैसे कौशल की जानकारी प्राप्त होगी। इसमें विद्यार्थियों को आकलन, अनुमान लगाना, विश्लेेषक, एकीकरण, अवलोकन प्रबंधन व प्रस्तुतिकरण का ज्ञान मिलेगा और उनके शब्द कोष का विस्तार होगा। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद का मानना है कि परिवार के सदस्यों के साथ जुड़कर बनाई गई यह गतिविधियां विद्यार्थियों को मोबाइल, कंप्यूटर और टेलीविजन से दूर करके अनुभव प्राप्त करने का मौका देंगी। इसके अलावा बुजुर्गों से भी लगाव बढ़ेगा। बच्चे अपनी मातृभाषा में गीत, लोकगीत, पहेलियां कहानियां, वृतांत किस्से तथा 20वीं सदी के विचार, रिवाज, परिवार के सदस्यों की पिछली पीढ़ियों की तथा लोकतंत्र के पर्व की जानकारी प्राप्त करके होमवर्क करेंगे।
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कम से कम 10 गतिविधियां करवानी होंगी

होमवर्क पूरे जून माह में किया जाना है जो परिवार के बड़े सदस्यों के बिना संभव नहीं है। ऐसे में इन सबके लिए माता-पिता को अपनी सुविधा और उपलब्ध समय अनुसार गतिविधियों का चुनाव करके इसे बच्चों को करवाना होगा। इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि इन गतिविधियों पर कोई पैसा खर्च न किया जाए। प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी दक्षता कक्षा तथा आयु के अनुसार कम से कम 10 गतिविधियां अवश्य करना होंगी। कक्षा चौथी तथा पांचवीं के विद्यार्थी अपनी डायरी में प्रतिदिन की गई गतिविधियां लिखेंगे।


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निपुण कार्यक्रम और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की अनुपालना में स्कूल के होमवर्क में बदलाव किया गया है। इसमें बाल वाटिका से लेकर पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए जारी गृह कार्य पर परंपरागत शिक्षण लेखन और रटने की प्रकृति की अपेक्षा निपुण में अनुभव आधारित शिक्षण कार्य करवाया जाएगा।-कपिल पूनिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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