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चुनाव: रेवाड़ी नगर परिषद: 30 वर्षों में वोटर तीन गुना से अधिक बढ़े, नई कॉलोनियां भी बनी
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रेवाड़ी नगर परिषद:
- फोटो : बहराइच-लखनऊ मार्ग पर सरयू नदी पर निर्मित पीपा पुल।
रेवाड़ी। नगर परिषद क्षेत्र में पिछले लगभग 30 वर्षों में तीन गुना से अधिक मतदाता संख्या में वृद्धि हुई है। 1995 में मतदाताओं की संख्या लगभग 30 हजार के आसपास थी वहीं अब यह बढ़कर करीब 1 लाख 15 हजार तक पहुंच चुकी है। इस दौरान शहर के विस्तार, नई कॉलोनियों के विकास और जनसंख्या वृद्धि का सीधा असर नगर परिषद के मतदाता आधार पर पड़ा है।
2000 के बाद रेवाड़ी में मतदाताओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली। उस समय लगभग 40 हजार मतदाता थे जो 2005 तक बढ़कर करीब 50 हजार तक पहुंच गए। इसके बाद 2010 में यह संख्या लगभग 70 हजार हो गई। शहरीकरण की रफ्तार बढ़ने के साथ-साथ नए आवासीय क्षेत्रों के विकसित होने का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
2015 तक नगर परिषद में मतदाताओं की संख्या लगभग 90 हजार तक पहुंच गई थी। इसके बाद 2018 में यह आंकड़ा एक लाख के करीब हो गया। 2020 के नगर परिषद चुनावों के समय मतदाताओं की संख्या लगभग 1 लाख 7 हजार दर्ज की गई थी। वर्तमान में यह संख्या बढ़कर करीब 1 लाख 15 हजार तक पहुंच चुकी है।
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इस तरह 1995 से 2026 के बीच रेवाड़ी नगर परिषद का मतदाता आधार लगभग तीन गुना से अधिक बढ़ चुका है। इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण शहर का तेजी से हुआ विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों का शहरी सीमा में शामिल होना और आवासीय कॉलोनियों का लगातार निर्माण है।
नगर परिषद बनने के बाद ये हुआ विस्तार
वर्ष 1995 में रेवाड़ी शहर में केवल एक सेक्टर व कुछ कॉलोनियां थीं। उस समय एकमात्र सेक्टर एक को न्यू मंडी टाउनशिप सेंटर के नाम से जाना जाता था लेकिन अब इसे सेक्टर एक नाम से जाना जाता है। इसके साथ रेवाड़ी नगर परिषद से सेक्टर तीन, सेक्टर चार, सेक्टर-पांच, सेक्टर-18, सेक्टर-19 व सेक्टर 21 जुड़ गए हैं। वहीं कॉलोनियों की बात करें तो उस समय केवल रेवाड़ी नगर परिषद में 6 कॉलोनियां हुआ करती थीं लेकिन रेवाड़ी के नगर परिषद बनने के बाद 80 कॉलोनियां नगर परिषद से जुड़ चुकी हैं।
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नगर परिषद के वार्ड ढांचे में भी समय-समय पर बदलाव किए:
रेवाड़ी नगर परिषद के वार्ड ढांचे में भी समय-समय पर बदलाव किए गए हैं। जुलाई 1995 में जब पहली बार नगर परिषद चुनावों की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब 22 वार्डों पर चुनाव की घोषणा की गई थी, लेकिन बाद में 24 वार्डों में चुनाव कराए गए थे। पिछले तीन दशकों में वार्डों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है और लगभग 8 नए वार्ड बढ़े हैं।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो रेवाड़ी नगर परिषद में अब 32 वार्ड प्रस्तावित या संरचनात्मक रूप से माने जा रहे हैं, जबकि धारूहेड़ा नगर पालिका में भी वार्ड संरचना का विस्तार हुआ है। पहले जहां रेवाड़ी में 31 और धारूहेड़ा में 17 वार्ड थे, वहीं अब पुनर्गठन के तहत नई वार्ड संरचना को और विस्तार दिया गया है।
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2000 के बाद रेवाड़ी में मतदाताओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली। उस समय लगभग 40 हजार मतदाता थे जो 2005 तक बढ़कर करीब 50 हजार तक पहुंच गए। इसके बाद 2010 में यह संख्या लगभग 70 हजार हो गई। शहरीकरण की रफ्तार बढ़ने के साथ-साथ नए आवासीय क्षेत्रों के विकसित होने का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
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2015 तक नगर परिषद में मतदाताओं की संख्या लगभग 90 हजार तक पहुंच गई थी। इसके बाद 2018 में यह आंकड़ा एक लाख के करीब हो गया। 2020 के नगर परिषद चुनावों के समय मतदाताओं की संख्या लगभग 1 लाख 7 हजार दर्ज की गई थी। वर्तमान में यह संख्या बढ़कर करीब 1 लाख 15 हजार तक पहुंच चुकी है।
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इस तरह 1995 से 2026 के बीच रेवाड़ी नगर परिषद का मतदाता आधार लगभग तीन गुना से अधिक बढ़ चुका है। इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण शहर का तेजी से हुआ विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों का शहरी सीमा में शामिल होना और आवासीय कॉलोनियों का लगातार निर्माण है।
नगर परिषद बनने के बाद ये हुआ विस्तार
वर्ष 1995 में रेवाड़ी शहर में केवल एक सेक्टर व कुछ कॉलोनियां थीं। उस समय एकमात्र सेक्टर एक को न्यू मंडी टाउनशिप सेंटर के नाम से जाना जाता था लेकिन अब इसे सेक्टर एक नाम से जाना जाता है। इसके साथ रेवाड़ी नगर परिषद से सेक्टर तीन, सेक्टर चार, सेक्टर-पांच, सेक्टर-18, सेक्टर-19 व सेक्टर 21 जुड़ गए हैं। वहीं कॉलोनियों की बात करें तो उस समय केवल रेवाड़ी नगर परिषद में 6 कॉलोनियां हुआ करती थीं लेकिन रेवाड़ी के नगर परिषद बनने के बाद 80 कॉलोनियां नगर परिषद से जुड़ चुकी हैं।
नगर परिषद के वार्ड ढांचे में भी समय-समय पर बदलाव किए:
रेवाड़ी नगर परिषद के वार्ड ढांचे में भी समय-समय पर बदलाव किए गए हैं। जुलाई 1995 में जब पहली बार नगर परिषद चुनावों की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब 22 वार्डों पर चुनाव की घोषणा की गई थी, लेकिन बाद में 24 वार्डों में चुनाव कराए गए थे। पिछले तीन दशकों में वार्डों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है और लगभग 8 नए वार्ड बढ़े हैं।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो रेवाड़ी नगर परिषद में अब 32 वार्ड प्रस्तावित या संरचनात्मक रूप से माने जा रहे हैं, जबकि धारूहेड़ा नगर पालिका में भी वार्ड संरचना का विस्तार हुआ है। पहले जहां रेवाड़ी में 31 और धारूहेड़ा में 17 वार्ड थे, वहीं अब पुनर्गठन के तहत नई वार्ड संरचना को और विस्तार दिया गया है।