फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   due to the promise made by th daughter

बेटी के साथ रोहतक जाकर एडमिशन दिलाने का वादा पूरा नहीं कर सके सूबेदार विनोद

Wed, 17 Jul 2019 12:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2019 12:24 AM IST
विज्ञापन
due to the promise made by th daughter
सूबेदार के पिता को तिरंगा सौंपते सेना के जवान - फोटो : Rewari
असम राइफल में सूबेदार गांव लूूला अहीर निवासी सूबेदार विनोद कुमार तीन बच्चों में बड़ी बेटी शिखा को उसके साथ रोहतक जाकर बीएससी में प्रवेश दिलाने का वादा पूरा नहीं कर सके। हिमाचल के सोनल में ट्रेनिंग पर जा रहे विनोद सहित 13 सूबेदार की सोलन हादसे में मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर मंगलवार शाम 4 बजे गांव लाया गया।
विज्ञापन

लूला अहीर में शाम करीब 5 बजे उनके करीब 9 साल के बेटे आयुष ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। सेना की टुकड़ी की सलामी के साथ पूरे राजकीय सम्मान के साथ विनोद का अंतिम संस्कार कर दिया गया। यह बच्चों व परिवार पर पहाड़ टूटने जैसा था, क्योंकि 15 जुलाई को विनोद को गांव लूला अहीर आना था।
विज्ञापन

करीब 44 वर्षीय सूबेदार विनोद करीब 24 साल से असम राइफल में तैनात थे। जानकारी के अनुसार सूबेदार विनोद 20 जून को एक महीने की छुट्टी पर गांव आए थे, लेकिन सेना के बुलावे पर करीब 10 दिन पहले ही वह अपनी यूनिट में गए थे। बेटी शिखा को बीएससी में रोहतक जाट कॉलेज में नंबर आया था। जाते समय विनोद ने कहा था कि ट्रेनिंग खत्म होते ही 15 जून की शाम को घर वापस आ जाएंगे और 16 जून को बेटी के साथ रोहतक जाट कॉलेज जाकर प्रवेश प्रक्रिया के साथ हॉस्टल आदि का प्रबंध कराएंगे। 16 को विनोद रोहतक तो नहीं जा पाए, लेकिन अनहोनी के चलते उनका पार्थिव शरीर गांव में आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पार्थिव शरीर को लेकर आए 83 आमर्ड रजीमेंट के नायब सूबेदार ओनकार लाल गवाली के नेतृत्व में जवानों व हरियाणा पुलिस के जवानों ने शस्त्र उल्टे कर हवा में गोली दाग कर बिगुल वादकों से मातमी धुन के साथ सेना के जांबाज जवान को अंतिम विदाई दी। सेना के साथियों ने बताया कि हादसे से पहले विनोद सभी के साथ मजाक कर रहे थे। हादसे में असम राइफल के 13 सूबेदारों ने जान गंवाई है। हादसे से पहले सभी ट्रेनिंग के लिए निकले थे। रास्ते में भस्खलन होने के कारण वाहनों की लंबी कतार लगी थी। वाहन वहां खड़े करके अधिकारियों से खाना खाने कि इजाजत मांगी और पास में ही एक होटल पर खाना खाने चले गए। इसी दौरान पूरा होटल ही गिर गया। जिसमें सेना के 13 जेसीओज वीर गति को प्राप्त हो गए।
पत्नी कुसुमलता का रो-रो कर बुरा हाल
अचानक पति की हादसे में मौत की खबर सुनक पत्नी कुसुमलता का बुरा हाल है। विनोद के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी शिखा ने 12वीं पास की है और रोहतक में कॉलेज मिला है। दूसरी बेटी नेहा छटी कक्षा व सबसे छोटा आयुष चौथी कक्षा में पढ़ता है। विनोद का परिवार गांव में ही रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि विनोद कुमार के पिता भी सेना में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हैं। दो भाईयों में विनोद कुमार बड़ा था, छोटा भाई खेती बाड़ी का काम करता है।

देरी से पहुंचे तहसीलदार
जवान की के अंतिम संस्कार के समय कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं था। इस पर जब कोसली एसडीएम अमरदीप से बात की गई तो उन्होंने बताया कि तहसीलदार विजय को भेजा गया था, लेकिन वह कुछ देरी से पहुंचा। तहसीलदार शहीद के परिजनों के घर पर गए थे। प्रशासन शोकाकुल परिवार के साथ है। इस दौरान पुलिस कि ओर से कोसली के डीएसपी अनील कुमार , थाना प्रभारी मास्टर विजेन्द्र व नाहड़ चौकी प्रभारी दिनेश कुमार मौजूद रहें। इनके अलावा पूर्व कर्नल रगंराव यादव, गांव के सरपंच विरेन्द्र यादव व सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

 सूबेदार विनोद कुमार

सूबेदार विनोद कुमार- फोटो : Rewari

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed