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रेवाड़ी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराया

Mon, 14 Jun 2021 11:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jun 2021 11:30 PM IST
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Drinking water crisis deepens in city and rural areas, people forced to protest
रेवाड़ी। कुप्रबंधन के चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। लोग बिजली व पानी को लेकर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। दो दिन पहले जहां बावल में महिलाओं ने पानी को लेकर प्रदर्शन किया था। वहीं सोमवार को भक्ति नगर व ढालियावास के लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर जाकर कार्यकारी अभियंता के सामने रोष जताते हुए शिकायत सीएम को भेजी है।
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कॉलोनीवासियों का कहना है कि 5 दिनों से कॉलोनी में पेयजल सप्लाई नहीं हुई है। ऐसे में लोग महंगी कीमतों पर पानी के टैंकर खरीदने को मजबूर हैं। कोरोना काल में पहले से ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे लोगों पर अब सरकारी सिस्टम की मार पड़ रही है। बता दें कि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से नहरी पानी पर निर्भर है। लेकिन 6 जून से जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार दो से तीन दिन बाद पानी दिया जाता है, इसका भी समय निर्धारित नहीं है। ऐसे में लोगों को समय पर पेयजल नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि शहर के 31 वार्ड में जन स्वास्थ्य विभाग के कालाका स्थित पांच व लिसाना स्थित दो वाटर टैंक से नहरी पानी को शोधन कर पेयजल सप्लाई की जाती है।
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12 टैंकर सप्लाई का दावा, किसे मिल रहे नहीं पता
शहर में पेयजल संकट के दौरान जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से टैंकर से पानी सप्लाई करने का दावा किया जाता है। कागजों में प्रत्येक साल करीब 12 लाख रुपये के वाटर टैंकर अकेले रेवाड़ी डिविजन में लोगों के घरों तक भेजे जाते हैं। बावल व कोसली डिविजन को जोड़ दिया जाए तो 36 लाख रुपये से अधिक की राशि हो जाती है। लेकिन ये पानी किन घरों में जाता है, आज तक किसी को नहीं पता है। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी टैंकर के लिए निजी एजेंसी को 1000 रुपये तक अदा किए जाते हैं। इसके लिए पाचं किमी तक 600, आठ 800 व 10 किमी. की दूरी तक टैंकर पहुंचाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी एजेंसी को प्रत्येक टैंकर 1000 रुपये दिया जाता है। विभाग के अनुसार जिस कॉलोनी में पेयजल सप्लाई नहीं आती है, वहां पर 9466782487 पर कॉल कर पानी के टेंकर मंगवाए जा सकते हैं।
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आज नहीं हो पाएगी टैंकर की व्यवस्था..
पानी टैंकर भेजने की पड़ताल के दौरान जब कॉल किया गया तो जवाब मिला कि आज पानी टैंकर भेजने की व्यवस्था नहीं हो पाएगी। जबकि कुछ ही देर पहले जेई की ओर से जरूरत पड़ने पर रात के समय भी पेयजल टैंकर भेजने का दावा किया था। लेकिन जब एक जरूरतमंद ने कॉल किया तो मना कर दी गई। ऐसे में सवाल है कि जब आम लोगों तक टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं तो 12 लाख रुपये के टैंकर कहां जा रहे हैैं।
20 मिनट ही पानी आने की शिकायत
ढालियावास व भक्ति नगर के निवासियों ने जल स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन जितेंद्र सिंह को ज्ञापन दिया और पीने के पानी की समस्या से अवगत कराया। यहां के निवासियों ने बताया कि यहां सिर्फ 20 मिनट ही पानी आता है। ऐसी भीषण गर्मी के दौर में बिना पानी की आपूर्ति के जीवन दूभर हो गया है। कई बार तो पांच दिन तक पानी नहीं आ रहा है।

जो पानी आ रहा वह पीने लायक नहीं
लोगों ने कहा कि जो पानी शहबाजपुर खालसा से आता है, उसका टीडीएस 1080 है। वह पानी बिल्कुल बेकार है और पीने लायक भी नहीं है। इसके अलावा एक सप्लाई जो कमालपुर से हमारे गांव को दे रखी है उसमें आज तक पानी ही नहीं आया है। कमालपुर बूस्टिंग स्टेशन से 12 गांव की सप्लाई है। गांव में आज तक पानी नहीं आया, जबकि गांव की अपनी पाइप लाइन भी दबी हुई है। इस दौरान मुख्य रूप से ओमप्रकाश, भगत सिंह सांभरिया , महेंद्र सिंह, कमल सिंह, रणबीर, सतबीर सिंह, खुशीराम, बिरेन्द्र सिंह, जयचंद, बाबूलाल, महाबीर, प्रदीप, राजबीर व सज्जन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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