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आग लगने पर न घबराएं, सूझबूझ से लें काम : डॉ. नरेश कौशिक
Wed, 17 Apr 2024 03:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 17 Apr 2024 03:33 AM IST
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बावल। बावल कृषि महाविद्यालय में अग्निशमन सेवा सप्ताह के अंतर्गत अग्निशमन विभाग ने बुधवार को छात्रों, प्राध्यापकों और अन्य कर्मचारियों को आग लगने की घटनाओं और समाधान के बारे में अवगत करवाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया।
इसमें कृषि महाविद्यालय के लगभग 150 छात्रों, प्राध्यापकों व अन्य सभी ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की सभी वैज्ञानिक व सहायक प्रोफेस मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने किया। कहा कि आग लगने पर घबराने की जगह सूझबूझ से काम लेना चाहिए। उन्होंने बताया की इन दिनों में कृषि क्षेत्र में भी आग लगने की संभावना बनी रहती है। इसलिए कृषि महाविद्यालय से जुड़े होने पर इसकी सावधानी बहुत जरूरी है।
इस कार्यक्रम में अग्निशमन विभाग के अधिकारी संजय ढिल्लों मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को सबसे पहले अग्निशमन विभाग का नंबर 112 के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने छात्रों को आग लगने के तीन कारण बताए जिसे कि हम अग्नि त्रिभुज भी कहते हैं। उन्होंने बताया कि इनमें पहला कारण ईंधन, दूसरा कारण तापमान और तीसरा कारण ऑक्सीजन गैस होती है। यदि आग लगने के बाद इन तीनों कारणों में से किसी एक को रोक दिया जाए तो आग पर आसानी से क़ाबू पाया जा सकता है। इसके बाद ढिल्लों व उनकी टीम ने आग बुझाने के विभिन्न प्रकार के यंत्रों के बारे में छात्रों को अवगत कराया।
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इसमें कृषि महाविद्यालय के लगभग 150 छात्रों, प्राध्यापकों व अन्य सभी ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की सभी वैज्ञानिक व सहायक प्रोफेस मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने किया। कहा कि आग लगने पर घबराने की जगह सूझबूझ से काम लेना चाहिए। उन्होंने बताया की इन दिनों में कृषि क्षेत्र में भी आग लगने की संभावना बनी रहती है। इसलिए कृषि महाविद्यालय से जुड़े होने पर इसकी सावधानी बहुत जरूरी है।
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इस कार्यक्रम में अग्निशमन विभाग के अधिकारी संजय ढिल्लों मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को सबसे पहले अग्निशमन विभाग का नंबर 112 के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने छात्रों को आग लगने के तीन कारण बताए जिसे कि हम अग्नि त्रिभुज भी कहते हैं। उन्होंने बताया कि इनमें पहला कारण ईंधन, दूसरा कारण तापमान और तीसरा कारण ऑक्सीजन गैस होती है। यदि आग लगने के बाद इन तीनों कारणों में से किसी एक को रोक दिया जाए तो आग पर आसानी से क़ाबू पाया जा सकता है। इसके बाद ढिल्लों व उनकी टीम ने आग बुझाने के विभिन्न प्रकार के यंत्रों के बारे में छात्रों को अवगत कराया।
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