{"_id":"66f6bd074051c4389805cc26","slug":"do-the-work-on-time-to-provide-justice-to-the-victim-piyush-sharma-rewari-news-c-198-1-rew1001-209846-2024-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए काम समय पर करें : पीयूष शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए काम समय पर करें : पीयूष शर्मा
Fri, 27 Sep 2024 07:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 27 Sep 2024 07:41 PM IST
विज्ञापन
फोटो: 10रेवाड़ी। कार्यशाला में उपस्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पियूष शर्मा व अन्य व
रेवाड़ी। आजादी के अमृत महोत्सव अभियान के तहत रेवाड़ी के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित वर्मा की देखरेख में वीरवार को जिला वैकल्पिक समाधान केंद्र में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता हवासिंह एडवोकेट व राजीव गुप्ता एडवोकेट रहे। अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि मोटर व्हीकल संशोधित अधिनियम त्वरित न्याय दिलाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित को समय पर मुआवजा दिलाने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए।
पीड़ित को होने वाले नुकसान की भरपाई करना तो मुश्किल है, लेकिन उसको मुआवजे के तौर पर मिलने वाले पैसों से सहारा जरूर दिया जा सकता है। पीयूष शर्मा ने अनुसंधान अधिकारियों से कहा कि वे अपना कार्य समय पर और सही करें, जिससे पीड़ित को समय पर उचित न्याय मिल सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित वर्मा ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सभी हितधारकों को संशोधित अधिनियम की जानकारी दिलाना है।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता हवा सिंह ने कहा कि सेक्शन 164 के तहत डेथ केस में पांच लाख रुपये तक व गंभीर चोट की अवस्था में ढाई लाख रुपये तक के मुआवजे का प्रावधान है। राजीव गुप्ता ने बताया कि अनुसंधान अधिकारी किसी भी एक्सीडेंट के 48 घंटे के अंदर अपनी पहली रिपोर्ट जमा करवाएं। विस्तृत रिपोर्ट डीएआर 90 दिनों में जमा करवाएं। उन्होंने बताया कि यदि पीड़ित मुआवजे का हकदार है तो रिपोर्ट जमा होने के 30 दिन तक इंश्योरेंस कंपनियां पीड़ित को मुआवजा दें।
विज्ञापन
इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता हवासिंह एडवोकेट व राजीव गुप्ता एडवोकेट रहे। अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि मोटर व्हीकल संशोधित अधिनियम त्वरित न्याय दिलाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित को समय पर मुआवजा दिलाने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
पीड़ित को होने वाले नुकसान की भरपाई करना तो मुश्किल है, लेकिन उसको मुआवजे के तौर पर मिलने वाले पैसों से सहारा जरूर दिया जा सकता है। पीयूष शर्मा ने अनुसंधान अधिकारियों से कहा कि वे अपना कार्य समय पर और सही करें, जिससे पीड़ित को समय पर उचित न्याय मिल सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित वर्मा ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सभी हितधारकों को संशोधित अधिनियम की जानकारी दिलाना है।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता हवा सिंह ने कहा कि सेक्शन 164 के तहत डेथ केस में पांच लाख रुपये तक व गंभीर चोट की अवस्था में ढाई लाख रुपये तक के मुआवजे का प्रावधान है। राजीव गुप्ता ने बताया कि अनुसंधान अधिकारी किसी भी एक्सीडेंट के 48 घंटे के अंदर अपनी पहली रिपोर्ट जमा करवाएं। विस्तृत रिपोर्ट डीएआर 90 दिनों में जमा करवाएं। उन्होंने बताया कि यदि पीड़ित मुआवजे का हकदार है तो रिपोर्ट जमा होने के 30 दिन तक इंश्योरेंस कंपनियां पीड़ित को मुआवजा दें।