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रेवाड़ी-नारनौल फाटक पर लगने वाले जाम से सफर हो रहा मुश्किल
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नारनौल रोड पर फाटक बंद होने से लगा जाम।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। रेवाड़ी-नारनौल फाटक पर लगने वाले जाम की वजह से लोग परेशान हैं। आलम यह है कि नारनौल फाटक से बस स्टैंड तक पहुंचने में आधे से पौन घंटा लग जाता हैं, जबकि जाम न हो तो पांच मिनट में बस स्टैंड तक पहुंचा जा सकता है। यहां लगने वाले जाम के कारण लोगों का समय भी खराब हो रहा है। इस फाटक पर सोमवार को भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
रेवाड़ी-नारनौल-रींगस रेलमार्ग पर स्थित फाटक संख्या-3 शहर से महेंद्रगढ़ रोड पर आता है। यहां से गुजरने वाले वाहनों की संख्या भी प्रतिदिन काफी अधिक है। यह मार्ग इस समय स्टेट हाईवे की श्रेणी में आता है। इसके बाद भी रेलवे ने आश्वासन देने के बावजूद फाटक के कार्य को पिंक बुक में शामिल नहीं किया है। वहीं राज्य सरकार के हरियाणा सड़क एवं पुल विकास निगम लिमिटेड की तरफ से इसकी जीएडी बनाकर 83 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी भी कराई जा चुकी है। रेलवे की तरफ से पिंक बुक में शामिल किए बगैर आरओबी अथवा आरयूबी के किसी भी काम को मंजूरी नहीं मिलती है। इस बाबत केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने पिछले साल भी इन दोनों आरओबी को पिंक बुक में शामिल कराए जाने की मांग करते हुए तत्कालीन रेलमंत्री पीयूष गोयल को पत्र भी भेजा था। इसके बावजूद भी वर्ष 2020-21 के इस वर्क प्रोग्राम में इन्हें शामिल नहीं किया। आरओबी के पिंक बुक में शामिल होने के बाद रेलवे बोर्ड की तरफ से इसके लिए मंजूरी दी जाती है। भाड़ावास फाटक के आरओबी को वर्ष 2018 के वर्क प्रोग्राम में शामिल करने के बाद तीन साल बाद बजट मिला है। वहीं नारनौल व चरखी दादरी रोड के आरओबी को वर्क प्रोग्राम में शामिल होने के बाद भी समय लगेगा। ऐसे में इस रफ्तार से आने वाले 5 साल में भी आरओबी मिल पाना मुश्किल है।
एचएसआरडीसी के एक्सईएन सतेंद्र ने कहा कि महेंद्रगढ़ रोड की ओर जाने वाले दो फाटक हैं। इसके लिए रेलवे से बात चल रही है। प्रदेश सरकार की ओर से मंजूरी मिल चुुकी है। रेलवे की ओर से मंजूरी मिलनी बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद पुल निर्माण कार्य शुरू जल्द किया जाएगा।
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रेवाड़ी-नारनौल-रींगस रेलमार्ग पर स्थित फाटक संख्या-3 शहर से महेंद्रगढ़ रोड पर आता है। यहां से गुजरने वाले वाहनों की संख्या भी प्रतिदिन काफी अधिक है। यह मार्ग इस समय स्टेट हाईवे की श्रेणी में आता है। इसके बाद भी रेलवे ने आश्वासन देने के बावजूद फाटक के कार्य को पिंक बुक में शामिल नहीं किया है। वहीं राज्य सरकार के हरियाणा सड़क एवं पुल विकास निगम लिमिटेड की तरफ से इसकी जीएडी बनाकर 83 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी भी कराई जा चुकी है। रेलवे की तरफ से पिंक बुक में शामिल किए बगैर आरओबी अथवा आरयूबी के किसी भी काम को मंजूरी नहीं मिलती है। इस बाबत केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने पिछले साल भी इन दोनों आरओबी को पिंक बुक में शामिल कराए जाने की मांग करते हुए तत्कालीन रेलमंत्री पीयूष गोयल को पत्र भी भेजा था। इसके बावजूद भी वर्ष 2020-21 के इस वर्क प्रोग्राम में इन्हें शामिल नहीं किया। आरओबी के पिंक बुक में शामिल होने के बाद रेलवे बोर्ड की तरफ से इसके लिए मंजूरी दी जाती है। भाड़ावास फाटक के आरओबी को वर्ष 2018 के वर्क प्रोग्राम में शामिल करने के बाद तीन साल बाद बजट मिला है। वहीं नारनौल व चरखी दादरी रोड के आरओबी को वर्क प्रोग्राम में शामिल होने के बाद भी समय लगेगा। ऐसे में इस रफ्तार से आने वाले 5 साल में भी आरओबी मिल पाना मुश्किल है।
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एचएसआरडीसी के एक्सईएन सतेंद्र ने कहा कि महेंद्रगढ़ रोड की ओर जाने वाले दो फाटक हैं। इसके लिए रेलवे से बात चल रही है। प्रदेश सरकार की ओर से मंजूरी मिल चुुकी है। रेलवे की ओर से मंजूरी मिलनी बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद पुल निर्माण कार्य शुरू जल्द किया जाएगा।
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