{"_id":"6adf98d264c640952c0fe908","slug":"demand-to-grant-the-status-of-a-language-to-the-haryanvi-dialect-rewari-news-c-198-1-sroh1010-247774-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: हरियाणवी बोली को भाषा का दर्जा देने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: हरियाणवी बोली को भाषा का दर्जा देने की मांग
Mon, 26 Oct 2026 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:45 PM IST
विज्ञापन
रेवाड़ी। बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद ने हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से हरियाणवी पखवाड़े के तहत प्रदेश में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों और बाबू बालमुकुंद गुप्त की जयंती पर विशेष आयोजन की पहल का स्वागत किया है।
परिषद ने इसके लिए अकादमी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताते हुए हरियाणवी बोली को भाषा का दर्ज देने की मांग की है।
परिषद के संस्थापक महासचिव सत्यवीर नाहड़िया ने बताया कि हरियाणवी बोली प्राचीन और समृद्ध है। इसमें साहित्य की विभिन्न विधाओं में विपुल सृजन हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणवी बोली भाषा बनने के सभी निर्धारित मापदंडों को पूरा करती है। इसलिए इसे भाषा का दर्जा दिया जाए।
परिषद ने अकादमी के सभी पुरस्कारों की राशि में सम्मानजनक वृद्धि करने, प्रदेश के विश्वविद्यालयों में हरियाणवी साहित्यकारों और साहित्य पर शोध कार्य करवाने तथा साहित्यिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अनुदान बढ़ाने की मांग भी की है। नाहड़िया ने बताया कि निकट भविष्य में परिषद के संरक्षक नरेश चौहान राष्ट्रपूत और अध्यक्ष ऋषि सिंघल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से कबीर भवन में मुलाकात करेगा। इस दौरान सुझावों को लागू करने और हरियाणवी बोली व संस्कृति को उचित सम्मान दिलाने पर चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
परिषद ने इसके लिए अकादमी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताते हुए हरियाणवी बोली को भाषा का दर्ज देने की मांग की है।
परिषद के संस्थापक महासचिव सत्यवीर नाहड़िया ने बताया कि हरियाणवी बोली प्राचीन और समृद्ध है। इसमें साहित्य की विभिन्न विधाओं में विपुल सृजन हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणवी बोली भाषा बनने के सभी निर्धारित मापदंडों को पूरा करती है। इसलिए इसे भाषा का दर्जा दिया जाए।
विज्ञापन
परिषद ने अकादमी के सभी पुरस्कारों की राशि में सम्मानजनक वृद्धि करने, प्रदेश के विश्वविद्यालयों में हरियाणवी साहित्यकारों और साहित्य पर शोध कार्य करवाने तथा साहित्यिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अनुदान बढ़ाने की मांग भी की है। नाहड़िया ने बताया कि निकट भविष्य में परिषद के संरक्षक नरेश चौहान राष्ट्रपूत और अध्यक्ष ऋषि सिंघल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से कबीर भवन में मुलाकात करेगा। इस दौरान सुझावों को लागू करने और हरियाणवी बोली व संस्कृति को उचित सम्मान दिलाने पर चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन