{"_id":"6adfa31a4fb5b3a4590329a7","slug":"getting-home-for-diwali-and-chhath-is-proving-difficult-with-train-waiting-lists-exceeding-100-rewari-news-c-198-1-rew1001-247779-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: दिवाली-छठ पर घर जाने की राह मुश्किल, ट्रेनों में वेटिंग 100 पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: दिवाली-छठ पर घर जाने की राह मुश्किल, ट्रेनों में वेटिंग 100 पार
Tue, 27 Oct 2026 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 27 Oct 2026 12:29 AM IST
विज्ञापन
: ट्रेन पकड़ने के लिए जुटी लोगों की भीड़। संवाद
रेवाड़ी। दिवाली और छठ पर्व पर अपने घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। कई ट्रेनों में टिकटों की वेटिंग 100 के पार चली गई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनरल डिब्बों में पैर रखने की जगह नहीं है। 1 नवंबर से लेकर 8 नवंबर तक टिकट मिलने की संभावना काफी कम है। बावल और धारूहेड़ा प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स और अन्य उद्योगों में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के हजारों श्रमिक काम करते हैं।
दिवाली के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक छुट्टी लेकर अपने घरों को लौटते हैं। इससे रेवाड़ी जंक्शन पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। त्योहार के समय कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर श्रमिकों को परेशानी होती है। छुट्टी समाप्त होने के बाद काम पर लौटने के लिए भी उन्हें टिकट की व्यवस्था करनी पड़ती है।
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए त्योहार पर घर पहुंचना महत्वपूर्ण होता है, इसलिए वे पहले से टिकट बुक कराने का प्रयास करते हैं। 2 लाख से अधिक श्रमिक यहां कार्य करते हैं।
त्योहारों के दौरान ट्रेनों के जनरल डिब्बों में भीड़ बढ़ने से यात्रियों का सफर मुश्किल हो जाता है। लंबी दूरी की कई ट्रेनों में आगे और पीछे केवल दो-दो जनरल डिब्बे होने से यात्रियों को जगह के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है।
भीड़ का आलम यह रहता है कि तीन यात्रियों के बैठने की जगह पर छह से सात लोग बैठने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की और सीट पर बैठने को लेकर विवाद की स्थिति भी बन जाती है। कई बार कहासुनी के बाद मामला लड़ाई-झगड़े तक पहुंच जाता है। परिवार और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी भीड़ के कारण और बढ़ जाती है।
रेवाड़ी से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनें
रेवाड़ी से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में योग एक्सप्रेस, गांधीनगर कैपिटल–दौलतपुर चौक एक्सप्रेस, दिल्ली सराय रोहिल्ला–जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, दिल्ली सराय रोहिल्ला–बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, सैनिक एक्सप्रेस, बाड़मेर–हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, जैसलमेर–हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा–बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, न्यू जलपाईगुड़ी–उदयपुर सिटी एक्सप्रेस, गरीब नवाज एक्सप्रेस, रानीखेत एक्सप्रेस, कॉर्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस, मांडोर एक्सप्रेस, बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ, दिल्ली सराय रोहिल्ला–बांद्रा टर्मिनस गरीब रथ, दिल्ली सराय रोहिल्ला–पोरबंदर एक्सप्रेस, भुज–बरेली एक्सप्रेस, आश्रम एक्सप्रेस और चेतक एक्सप्रेस शामिल हैं।
जोधपुर-गोरखपुर-जोधपुर स्पेशल ट्रेन
दिवाली और छठ पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने जोधपुर-गोरखपुर-जोधपुर स्पेशल ट्रेन शुरू की है। यह ट्रेन रेवाड़ी, गुरुग्राम और दिल्ली कैंट होकर गुजरेगी। इससे गुरुग्राम और रेवाड़ी के करीब छह लाख यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। ट्रेन का रूट महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, अयोध्या धाम और बस्ती होते हुए गोरखपुर तक है। इसमें थर्ड एसी, सेकंड एसी, स्लीपर और जनरल कोच होंगे। इससे बावल और धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले यूपी-बिहार के श्रमिकों को भी घर जाने का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
--
फोटो : 22 से 25
-धारूहेड़ा में कार्य करता हूं। दिवाली और छठ पर परिवार के साथ घर जाने की योजना पहले से बना रहा हूं लेकिन लंबी दूरी की ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। वेटिंग अधिक होने से समझ नहीं आ रहा कि यात्रा कैसे करूं।-संदीप कुमार, आजमगढ़, यूपी।
-धारूहेड़ा की फैक्टरी में काम करते हैं। त्योहार पर घर जाना है। ट्रेनों के जनरल डिब्बों में इतनी भीड़ होती है कि बैठने की जगह मिलना मुश्किल हो जाता है। रेलवे को जनरल कोच की संख्या बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।-राजेश, कानपुर, यूपी।
-बावल में एक कंपनी में काम करता हूं।दिवाली और छठ परिवार के साथ घर जाना होता है लेकिन त्योहार के समय टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। छुट्टी के बाद वापस काम पर भी लौटना होता है।-सुनील कुमार, पटना, बिहार।
- बावल की कंपनी में काम करता हूं। त्योहार पर घर जाने के लिए टिकट बुक कराने का प्रयास कर कर रहा हूं लेकिन लंबी वेटिंग के कारण कन्फर्म टिकट मिलने की उम्मीद कम है। जनरल डिब्बों में भीड़ के बीच सफर करना भी आसान नहीं होता।- मोहित, गोरखपुर,यूपी।
विज्ञापन
जनरल डिब्बों में पैर रखने की जगह नहीं है। 1 नवंबर से लेकर 8 नवंबर तक टिकट मिलने की संभावना काफी कम है। बावल और धारूहेड़ा प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स और अन्य उद्योगों में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के हजारों श्रमिक काम करते हैं।
विज्ञापन
दिवाली के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक छुट्टी लेकर अपने घरों को लौटते हैं। इससे रेवाड़ी जंक्शन पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। त्योहार के समय कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर श्रमिकों को परेशानी होती है। छुट्टी समाप्त होने के बाद काम पर लौटने के लिए भी उन्हें टिकट की व्यवस्था करनी पड़ती है।
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए त्योहार पर घर पहुंचना महत्वपूर्ण होता है, इसलिए वे पहले से टिकट बुक कराने का प्रयास करते हैं। 2 लाख से अधिक श्रमिक यहां कार्य करते हैं।
त्योहारों के दौरान ट्रेनों के जनरल डिब्बों में भीड़ बढ़ने से यात्रियों का सफर मुश्किल हो जाता है। लंबी दूरी की कई ट्रेनों में आगे और पीछे केवल दो-दो जनरल डिब्बे होने से यात्रियों को जगह के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है।
भीड़ का आलम यह रहता है कि तीन यात्रियों के बैठने की जगह पर छह से सात लोग बैठने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की और सीट पर बैठने को लेकर विवाद की स्थिति भी बन जाती है। कई बार कहासुनी के बाद मामला लड़ाई-झगड़े तक पहुंच जाता है। परिवार और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी भीड़ के कारण और बढ़ जाती है।
रेवाड़ी से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनें
रेवाड़ी से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में योग एक्सप्रेस, गांधीनगर कैपिटल–दौलतपुर चौक एक्सप्रेस, दिल्ली सराय रोहिल्ला–जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, दिल्ली सराय रोहिल्ला–बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, सैनिक एक्सप्रेस, बाड़मेर–हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, जैसलमेर–हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा–बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, न्यू जलपाईगुड़ी–उदयपुर सिटी एक्सप्रेस, गरीब नवाज एक्सप्रेस, रानीखेत एक्सप्रेस, कॉर्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस, मांडोर एक्सप्रेस, बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ, दिल्ली सराय रोहिल्ला–बांद्रा टर्मिनस गरीब रथ, दिल्ली सराय रोहिल्ला–पोरबंदर एक्सप्रेस, भुज–बरेली एक्सप्रेस, आश्रम एक्सप्रेस और चेतक एक्सप्रेस शामिल हैं।
जोधपुर-गोरखपुर-जोधपुर स्पेशल ट्रेन
दिवाली और छठ पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने जोधपुर-गोरखपुर-जोधपुर स्पेशल ट्रेन शुरू की है। यह ट्रेन रेवाड़ी, गुरुग्राम और दिल्ली कैंट होकर गुजरेगी। इससे गुरुग्राम और रेवाड़ी के करीब छह लाख यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। ट्रेन का रूट महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, अयोध्या धाम और बस्ती होते हुए गोरखपुर तक है। इसमें थर्ड एसी, सेकंड एसी, स्लीपर और जनरल कोच होंगे। इससे बावल और धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले यूपी-बिहार के श्रमिकों को भी घर जाने का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
फोटो : 22 से 25
-धारूहेड़ा में कार्य करता हूं। दिवाली और छठ पर परिवार के साथ घर जाने की योजना पहले से बना रहा हूं लेकिन लंबी दूरी की ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। वेटिंग अधिक होने से समझ नहीं आ रहा कि यात्रा कैसे करूं।-संदीप कुमार, आजमगढ़, यूपी।
-धारूहेड़ा की फैक्टरी में काम करते हैं। त्योहार पर घर जाना है। ट्रेनों के जनरल डिब्बों में इतनी भीड़ होती है कि बैठने की जगह मिलना मुश्किल हो जाता है। रेलवे को जनरल कोच की संख्या बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।-राजेश, कानपुर, यूपी।
-बावल में एक कंपनी में काम करता हूं।दिवाली और छठ परिवार के साथ घर जाना होता है लेकिन त्योहार के समय टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। छुट्टी के बाद वापस काम पर भी लौटना होता है।-सुनील कुमार, पटना, बिहार।
- बावल की कंपनी में काम करता हूं। त्योहार पर घर जाने के लिए टिकट बुक कराने का प्रयास कर कर रहा हूं लेकिन लंबी वेटिंग के कारण कन्फर्म टिकट मिलने की उम्मीद कम है। जनरल डिब्बों में भीड़ के बीच सफर करना भी आसान नहीं होता।- मोहित, गोरखपुर,यूपी।