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Rewari News: धारूहेड़ा पीएचसी का दर्जा बढ़ाने की उठाई मांग
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धारूहेड़ा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
- फोटो : Rewari
धारूहेड़ा। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा में स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं नहीं होने से लोग परेशान हैं। 20 हजार से अधिक आबादी होने के बाद भी यहां महज प्राथमिक स्वास्थ्य की सुविधा है, जिसमें न दवाएं है और न ही एक्सरे से लेकर अल्ट्रासाउंड की सुविधाएं। ऐसे हाईवे पर हादसों के शिकार लोगों को यहां से गुरुग्राम या रेवाड़ी रेफर किया जाता है। जबकि कस्बा के अलावा आसपास के 20 से अधिक गांवों में लोग लंबे समय से पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देकर सुविधाएं बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
खंड के 20 से गांवों के लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पीएचसी के भरोसे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि की ओर से चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। धारुहेड़ा नगर पालिका, औद्योगिक क्षेत्र व राजस्थान के गांव भी साथ में लगते है। जो आए दिन उपचार के लिए पीएचसी में आते है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में बेहत्तर उपचार नहीं मिल पाता है। वहीं दिल्ली जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग होने से आए दिन दुर्घटना भी होती है। उनके लिए भी रेवाड़ी या गुड़गांव जाना पड़ता है।
पीएचसी में होती हैं ये सुविधाएं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे से लेकर अल्ट्रासाउंड सहित अन्य सुविधाएं नहीं होती। जबकि सीएचसी में ये सुविधाएं जरूरी होती है। ऐसे में गर्भवति महिलाओं को भी अल्ट्रासउंड के लिए रेवाड़ी या फिर गुरुग्राम जाना पड़ रहा है। धारुहेड़ा पीएचसी से नंदरामपुर बास, भटसाना, खरखड़ा आदि ग्राम पंचायतों समेत दर्जनों राजस्व गांव जुड़े हुए हैं। ऐसे में इन गांवों की हजारों की आबादी को चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल रही है। धारूहेड़ा पीएचसी में सामान्य दिनों में उपचार के लिए रोजाना 100 से 150 मरीज पहुंच रहे हैं।
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हाईवे पर स्थित होने के कारण औद्योगिक कस्बा में हादसें बहुत हो रहे हैं। लेकिन पीएचसी में सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में विभाग को चाहिए कि यहां पीएचसी का दर्जा बढ़ाकर सीएचसी का दिया जाए।
-नंदराम
पीएचसी का दर्जा बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन न तो जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं रेंग रही है और न ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लोगों की सुन रहे हैं।-गजराज
धारूहेड़ा बड़ी नगर पालिका होने के साथ ही यहां करीब 20 गांवों के लोग उपचार के लिए आते हैं। लेकिन सुविधाओं के अभाव में मरीजों को रेवाड़ी या गुरुग्राम जाना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि इसका दर्जा बढ़ाकर सीएचसी बनाया जाए।
-महावीर यादव
दिल्ली-जयपुर हाईवेे पर आए दिन दुर्घटना होती रहती है। ऐसे में पीएचसी में केवल प्राथमिक उपचार ही मिल सकता है। यदि यहां सीएचसी हो तो गंभीर घायल को बेहतर उपचार दिया जा सकता है।
- शंकर दास महाराज
पीएचसी को दर्जा बढ़ाने की बात करीब दो साल से चल रही है। सरकार को भी पत्र भेजा गया है। उम्मीद है जल्द सकारात्मक परिणाम मिलेगा।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ, रेवाड़ी
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खंड के 20 से गांवों के लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पीएचसी के भरोसे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि की ओर से चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। धारुहेड़ा नगर पालिका, औद्योगिक क्षेत्र व राजस्थान के गांव भी साथ में लगते है। जो आए दिन उपचार के लिए पीएचसी में आते है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में बेहत्तर उपचार नहीं मिल पाता है। वहीं दिल्ली जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग होने से आए दिन दुर्घटना भी होती है। उनके लिए भी रेवाड़ी या गुड़गांव जाना पड़ता है।
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पीएचसी में होती हैं ये सुविधाएं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे से लेकर अल्ट्रासाउंड सहित अन्य सुविधाएं नहीं होती। जबकि सीएचसी में ये सुविधाएं जरूरी होती है। ऐसे में गर्भवति महिलाओं को भी अल्ट्रासउंड के लिए रेवाड़ी या फिर गुरुग्राम जाना पड़ रहा है। धारुहेड़ा पीएचसी से नंदरामपुर बास, भटसाना, खरखड़ा आदि ग्राम पंचायतों समेत दर्जनों राजस्व गांव जुड़े हुए हैं। ऐसे में इन गांवों की हजारों की आबादी को चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल रही है। धारूहेड़ा पीएचसी में सामान्य दिनों में उपचार के लिए रोजाना 100 से 150 मरीज पहुंच रहे हैं।
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हाईवे पर स्थित होने के कारण औद्योगिक कस्बा में हादसें बहुत हो रहे हैं। लेकिन पीएचसी में सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में विभाग को चाहिए कि यहां पीएचसी का दर्जा बढ़ाकर सीएचसी का दिया जाए।
-नंदराम
पीएचसी का दर्जा बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन न तो जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं रेंग रही है और न ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लोगों की सुन रहे हैं।-गजराज
धारूहेड़ा बड़ी नगर पालिका होने के साथ ही यहां करीब 20 गांवों के लोग उपचार के लिए आते हैं। लेकिन सुविधाओं के अभाव में मरीजों को रेवाड़ी या गुरुग्राम जाना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि इसका दर्जा बढ़ाकर सीएचसी बनाया जाए।
-महावीर यादव
दिल्ली-जयपुर हाईवेे पर आए दिन दुर्घटना होती रहती है। ऐसे में पीएचसी में केवल प्राथमिक उपचार ही मिल सकता है। यदि यहां सीएचसी हो तो गंभीर घायल को बेहतर उपचार दिया जा सकता है।
- शंकर दास महाराज
पीएचसी को दर्जा बढ़ाने की बात करीब दो साल से चल रही है। सरकार को भी पत्र भेजा गया है। उम्मीद है जल्द सकारात्मक परिणाम मिलेगा।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ, रेवाड़ी