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नहीं मिले 100-100 वर्ग गज के प्लाट, रोष
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 13 Aug 2016 01:12 AM IST
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पूर्व की सरकारों ने बीपीएल कार्डधारी गरीब लोगों को 100-100 वर्ग गज के प्लाट देने के नाम पर खूब वाह-वाही लूटी। लेकिन कुछ आज ऐसे भी गांव हैं जहां गरीब लोगों को अभी प्लाट नहीं मिले है। जिससे प्लाटधारियों में रोष है। वहींशुक्रवार को जैनाबाद के बीपीएल गरीब प्लाटधारी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी खोल के समक्ष होकर ज्ञापन सौंपते हुए प्लाट देने की गुहार लगाई।
जैनाबाद निवासी अशोक पंच, धर्मराज, प्रदीप कुमार, शीशराम, मंगलराम, ईश्वर सिंह, आजाद सिंह, आनंद कुमार, योगेन्द्र सिंह, नरेश कुमार, सत्यबीर सिंह, अशोक कुमार, अनिल कुमार, गीता देवी, राजेन्द्र सिंह, नरेश कुमार आदि ने बताया कि तीन साल पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा बीपीएल गरीब लोगों को 100-100 वर्ग गज के प्लाटों की रजिस्ट्रियां तो थमा दी गई, लेकिन अभी उन्हें प्लाट नहीं मिले है।
मिली रजिस्ट्रियां सिर्फ दिखावे की हैं, वे किसी काम की नहीं है। जिस कारण उन्हें भारी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। रजिस्ट्ररी देने के बाद ग्रामीणों ने सीएम, सांसद, डीसी, बीडीपीओ खोल को अनेक बार शिकायत देते हुए प्लाटों पर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई। लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही इसकी जांच पड़ताल की गई कि रजिस्ट्ररी सही या गलत।
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उन्होंने बताया कि आज ऐसी स्थिति बन गई कि उनके पास ईंधन व पशु बांधने के लिए जगह भी नहीं है। जैसे तैसे मजूदरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों को बातों को ध्यान से सुनते हुए खंड खोल पंचायत अधिकारी नरेश यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में सारी रिपोर्ट तैयार उन्हें प्लाट देने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
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जैनाबाद निवासी अशोक पंच, धर्मराज, प्रदीप कुमार, शीशराम, मंगलराम, ईश्वर सिंह, आजाद सिंह, आनंद कुमार, योगेन्द्र सिंह, नरेश कुमार, सत्यबीर सिंह, अशोक कुमार, अनिल कुमार, गीता देवी, राजेन्द्र सिंह, नरेश कुमार आदि ने बताया कि तीन साल पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा बीपीएल गरीब लोगों को 100-100 वर्ग गज के प्लाटों की रजिस्ट्रियां तो थमा दी गई, लेकिन अभी उन्हें प्लाट नहीं मिले है।
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मिली रजिस्ट्रियां सिर्फ दिखावे की हैं, वे किसी काम की नहीं है। जिस कारण उन्हें भारी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। रजिस्ट्ररी देने के बाद ग्रामीणों ने सीएम, सांसद, डीसी, बीडीपीओ खोल को अनेक बार शिकायत देते हुए प्लाटों पर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई। लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही इसकी जांच पड़ताल की गई कि रजिस्ट्ररी सही या गलत।
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उन्होंने बताया कि आज ऐसी स्थिति बन गई कि उनके पास ईंधन व पशु बांधने के लिए जगह भी नहीं है। जैसे तैसे मजूदरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों को बातों को ध्यान से सुनते हुए खंड खोल पंचायत अधिकारी नरेश यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में सारी रिपोर्ट तैयार उन्हें प्लाट देने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।