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हंगामे की भेंट चढ़ी नगर परिषद की बैठक

Tue, 05 Apr 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
ब्यूरो /अमर उजाला Updated Tue, 05 Apr 2016 01:14 AM IST
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Meeting held of nagar parishad with Shouting
नगर परिषद की बजट बैठक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नगर परिषद की सोमवार को दूसरी बार शुरू हुई बजट बैठक एक बार फिर से घंटे भर के अंदर हंगामे और आरोप-प्रत्यारोपों की भेंट चढ़ गई। इस दौरान नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी की हाथ जोड़कर की गई विनती काम आई और न ही शहर के विकास के लिए बजट पास करने का कुछ पार्षदों का अनुरोध।
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इस बार हंगामे का कारण पिछली बार की बैठक में एमई का कुछ पार्षदों के साथ बर्ताव और मीडिया में दिया उनका बयान बना। ऐसे में शहर के विकास की बात एक बार फिर से हाशिये पर ही नजर आई, जिसका खामियाजा एक बार फिर से शहर ही उठाएगा। तैयार 32 करोड़ रुपये का बजट एक बार फिर पास होने से लटक गया। अब एक बार फिर बजट के लिए बैठक बुलानी पड़ेगी।
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ईओ ने कहा: हाथ जोड़कर विनती होने दें बजट पा
नप के सदन में बजट बैठक शुरू करने का समय सुबह साढ़े ग्यारह बजे का था। करीब बारह बजे तक अधिकांश पार्षद सदन में पहुंच गए। इस दौरान ईओ डॉ. अरविंद बाल्याण ने सदन में खड़े होकर कहा कि अगर मुझसे या किसी अन्य अधिकारी कर्मचारी से कोई गलती हुई हो तो माफ कर दें। हाथ जोड़कर विनती है कि शहर के विकास के लिए आपसी मतभेद भूल जाएं और मिलकर बजट पर चर्चा कर उसे पास करें।
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पार्षदों को कुछ समझते ही नहीं अधिकारी
अभी अकाउंट ऑफिसर ने बजट की बात भी शुरू नहीं की थी कि वार्ड पार्षद ओमप्रकाश छाबड़िया ने ईओ से नप एमई नरेंद्र सुहाग के हाउस की मीटिंग से गैरहाजिर रहने, अभद्रता के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई के बारे में पूछा। इस बीच डॉ.सत्यनारायण समेत कई पार्षदों ने अधिकारियों द्वारा कार्यालय ही नहीं बल्कि क्षेत्र में विकास कार्यों के दौरान भी पार्षदों को साइड लाइन करने की बात कही।

एमई के बयान का बना बतंगड़, कहा उजागर करें नाम
बैठक में मौजूद कुछ पार्षदों ने 30 मार्च को मीडिया में दिये बयान के बारे में भी ईओ से जवाब-तलब किया। उन्होंने कहा कि एमई नरेंद्र सुहाग ने पिछली बैठक रद्द होने के बाद मीडिया में बयान दिया था कि कुछ पार्षद मनमर्जी के काम कराने के लिए दबाव बनाते हैं। पार्षदों ने कहा कि एमई ने बयान तो दिया लेकिन संबंधित पार्षद या पार्षदों के नाम नहीं बताए। ऐसे में सभी संदेह के दायरे में आ गए, जिससे निर्दोष पार्षदों की छवि भी धूमिल हुई है।

नप प्रधान ने निकाय निदेशक से की एमई के ट्रांसफर की मांग
इधर दूसरे खेमे के कुछ पार्षदों ने नगर परिषद में वार्ड पार्षदों की स्थिति के लिए मुखिया यानी नप प्रधान को दोष दिया। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कार्रवाई नहीं की गई। इस पर नप प्रधान शकुंतला भांडोरिया ने पार्षदों को शहरी स्थानीय नगर निकाय के निदेशक को भेजने के लिये तैयार किये गए पत्र को दिखाया। पत्र में नप एमई नरेंद्र सुहाग के स्थानांतरण की मांग की गई है।

बजट पास हो तो सुधर सकते हैं शहर के हालात
इस बजट में नगर परिषद करीब सवा 32 करोड़ रुपये का बजट पेश करेगी। जो कि पिछली बार की तुलना में करीब 10 करोड़ रुपये ज्यादा है। बजट जितना लेट पेश होगा, उतना ही लेट पास होगा।  करोड़ों के बजट का सही यूटिलाइज करने के लिए समय सीमा लगातार घट रही है। ऐसे में सीधे तौर पर शहर के विकास कार्य भी प्रभावित होंगे।

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हमारी ओर से बजट बैठक पूरी करने का पूरा प्रयास हुआ है। हालांकि किन्हीं कारणवश बैठक नहीं हो सकी। उम्मीद है अगली बैठक में बजट पास हो जाए। जिससे शहर का समग्र विकास हो सके।
-डॉ.अरविंद बाल्याण, ईओ, नगर परिषद रेवाड़ी
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