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नाहड़ पंचायत समिति चुनाव में धांधली के आरोपों की जांच शुरू
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Tue, 05 Apr 2016 01:14 AM IST
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चुनाव में धांधली के आरोपों की सुनवाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला परिषद एंव ब्लॉक समिति प्रमुख-उपप्रमुख चुनाव में स्वयं पक्ष एवं विपक्ष की भूमिका में खेमों में बंटी भाजपा पदाधिकारियों की लड़ाई कोसली से निकलकर लघु सचिवालय तक पहुंच गई है। सोमवार को एडीसी ने एक पक्ष को बुलाया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वीरकुमार गुट ने पूरी चुनावी प्रक्रिया को संविधान के खिलाफ बताते हुए आरओ के खिलाफ कार्रवाई एवं चुनाव दुबारा कराने की मांग की है।
भाजपा में खुलकर सामने आई फूट इससे ज्यादा क्या हो सकती है कि वीरकुमार ने सीधे-सीधे सहकारिता राज्य मंत्री पर अलौकतांत्रिक तरीके से चुनाव प्रक्रिया अपनाने का आरोप लगाया । गौरतलब है कि रेवाड़ी ब्लॉक समिति के प्रमुख के चुनाव के दौरान भी इंद्रजीत गुट स्थानीय विधायक के दबाव में अधिकारियों पर काम करने का आरोप लगा चुके हैं। वहीं जिला प्रमुख चुनाव को लेकर भी दोनेें पक्षों में खूब खेमेबंदी हुई थी।
यह हैं आरोप
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार ने जिला अध्यक्ष सतीश खोला के आवास पर बुलाई गई प्रेस वार्ता मेें बताया कि 9 मार्च को नाहड़ ब्लॉक समिति प्रमुख एवं उपप्रमुख चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह संविधान के नियमों के उल्ट हुई है। इसकी शिकायत वह पहले ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव शर्मा को कर चुके हैं। उन्होंने चुनाव अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने का समय 11 बजे रखा गया था,लेकिन सहकारिता राज्य मंत्री विक्रम सिंह ठेकेदार समिति सदस्यों को लेकर 1.25 पर पहुंचे,जबकि पंचायत समिति के प्रमुख की दावेदार वार्ड दस की आशाबाई 1.30 पर पहुंची। बावजूद इसके पंचायत समिति सदस्य आशाबाई को न तो वोट डालने दिया गया और न ही अंदर जाने दिया गया। वीरकुमार ने कहा कि प्रमुख चुनाव हुआ ही नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया सहकारिता मंत्री के इशारे पर रेस्ट हाउस में कर ली गई। सुधराणा निवासी एवं वार्ड समिति सदस्य पिंकी ने भी एडीसी के सामने सोमवार को अपना पक्ष रखा। वीरकुमार के साथ समिति सदस्य भाकली-2 के हेमसिंह, भाकली-1 की उर्मिला देवी, भंडगी से महेंद्र सिंह एवं कारौली से सुदर्शन एडीसी को अपने बयान दर्ज कराए।
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सहकारिता राज्य मंत्री ने स्वयं अंदर बैठकर कराई पूरी प्रक्रिया
इंद्रजीत के खास माने जाने वाले प्रदेश के सहकारिता मंत्री बिक्रम ठेकेदार पर निशाना साधते हुए प्रदेश प्रवक्ता वीरकुमार यादव ने कहा कि प्रमुख के लिए जहां चुनाव प्रक्रिया ही नहीं अपनाई गई, वहीं उप प्रमुख के लिए मंत्री ने स्वयं अंदर बैठकर वोट डलवाए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया गोपनीय कराई जाती है, लेकिन आरओ ने मंत्री के दबाव में चुनाव प्रक्रिया का ही मजाक बना दिया। उन्होंने पूर्व जिला प्रमुख सुदेश देवी, लक्ष्मण सिंह यादव एवं मंत्री के साले अजीत सिंह पर भी अंदर ही रहकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
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इंद्रजीत गुट रेवाड़ी ब्लॉक समिति में विधायक गुट पर लगा चुका है आरोप...रेवाड़ी ब्लॉक प्रमुख एवं वाइस के चुनाव के दौरान 16 पार्षद उपायुक्त को विधायक के दबाव में आरओ द्वारा उन्हें अंदर नहीं जाने का आरोप लगा चुके हैं। इस मामले में भी एडीसी डॉ. प्रियंका सोनी जांच कर रही है। इधर जिला परिषद प्रमुख चुनाव में भी 18 में से दस पार्षद से लेकर पहुंचा राव नरबीर खेमे ने भी बैठक रद करवाने का आरोप राव इंद्रजीत गुट पर लगाया था। बाद में हुई बैठक में इंद्रजीत गुट की जिला प्रमुख बना था।
पूरी चुनाव प्रक्रिया संवैधानिक तरीके से कराई गई थी। पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिग भी कराई हुई है, वह भी एडीसी को सौंप दी जाएगी।
-निर्मल नागर,आरओ
वीरकुमार सहित शिकायकर्ता आशा कुमारी एवं चार समिति सदस्यों के बयान दर्ज किए गए हैं। वहीं आरओ से भी चुनाव प्रक्रिया की पूरी रिकॉर्डिंग मंगवाई गई है। मामले की जांच चल रही है।
-डॉ. प्रियंका सोनी, एडीसी एवं जांच अधिकारी
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भाजपा में खुलकर सामने आई फूट इससे ज्यादा क्या हो सकती है कि वीरकुमार ने सीधे-सीधे सहकारिता राज्य मंत्री पर अलौकतांत्रिक तरीके से चुनाव प्रक्रिया अपनाने का आरोप लगाया । गौरतलब है कि रेवाड़ी ब्लॉक समिति के प्रमुख के चुनाव के दौरान भी इंद्रजीत गुट स्थानीय विधायक के दबाव में अधिकारियों पर काम करने का आरोप लगा चुके हैं। वहीं जिला प्रमुख चुनाव को लेकर भी दोनेें पक्षों में खूब खेमेबंदी हुई थी।
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यह हैं आरोप
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार ने जिला अध्यक्ष सतीश खोला के आवास पर बुलाई गई प्रेस वार्ता मेें बताया कि 9 मार्च को नाहड़ ब्लॉक समिति प्रमुख एवं उपप्रमुख चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह संविधान के नियमों के उल्ट हुई है। इसकी शिकायत वह पहले ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव शर्मा को कर चुके हैं। उन्होंने चुनाव अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने का समय 11 बजे रखा गया था,लेकिन सहकारिता राज्य मंत्री विक्रम सिंह ठेकेदार समिति सदस्यों को लेकर 1.25 पर पहुंचे,जबकि पंचायत समिति के प्रमुख की दावेदार वार्ड दस की आशाबाई 1.30 पर पहुंची। बावजूद इसके पंचायत समिति सदस्य आशाबाई को न तो वोट डालने दिया गया और न ही अंदर जाने दिया गया। वीरकुमार ने कहा कि प्रमुख चुनाव हुआ ही नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया सहकारिता मंत्री के इशारे पर रेस्ट हाउस में कर ली गई। सुधराणा निवासी एवं वार्ड समिति सदस्य पिंकी ने भी एडीसी के सामने सोमवार को अपना पक्ष रखा। वीरकुमार के साथ समिति सदस्य भाकली-2 के हेमसिंह, भाकली-1 की उर्मिला देवी, भंडगी से महेंद्र सिंह एवं कारौली से सुदर्शन एडीसी को अपने बयान दर्ज कराए।
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सहकारिता राज्य मंत्री ने स्वयं अंदर बैठकर कराई पूरी प्रक्रिया
इंद्रजीत के खास माने जाने वाले प्रदेश के सहकारिता मंत्री बिक्रम ठेकेदार पर निशाना साधते हुए प्रदेश प्रवक्ता वीरकुमार यादव ने कहा कि प्रमुख के लिए जहां चुनाव प्रक्रिया ही नहीं अपनाई गई, वहीं उप प्रमुख के लिए मंत्री ने स्वयं अंदर बैठकर वोट डलवाए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया गोपनीय कराई जाती है, लेकिन आरओ ने मंत्री के दबाव में चुनाव प्रक्रिया का ही मजाक बना दिया। उन्होंने पूर्व जिला प्रमुख सुदेश देवी, लक्ष्मण सिंह यादव एवं मंत्री के साले अजीत सिंह पर भी अंदर ही रहकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
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इंद्रजीत गुट रेवाड़ी ब्लॉक समिति में विधायक गुट पर लगा चुका है आरोप...रेवाड़ी ब्लॉक प्रमुख एवं वाइस के चुनाव के दौरान 16 पार्षद उपायुक्त को विधायक के दबाव में आरओ द्वारा उन्हें अंदर नहीं जाने का आरोप लगा चुके हैं। इस मामले में भी एडीसी डॉ. प्रियंका सोनी जांच कर रही है। इधर जिला परिषद प्रमुख चुनाव में भी 18 में से दस पार्षद से लेकर पहुंचा राव नरबीर खेमे ने भी बैठक रद करवाने का आरोप राव इंद्रजीत गुट पर लगाया था। बाद में हुई बैठक में इंद्रजीत गुट की जिला प्रमुख बना था।
पूरी चुनाव प्रक्रिया संवैधानिक तरीके से कराई गई थी। पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिग भी कराई हुई है, वह भी एडीसी को सौंप दी जाएगी।
-निर्मल नागर,आरओ
वीरकुमार सहित शिकायकर्ता आशा कुमारी एवं चार समिति सदस्यों के बयान दर्ज किए गए हैं। वहीं आरओ से भी चुनाव प्रक्रिया की पूरी रिकॉर्डिंग मंगवाई गई है। मामले की जांच चल रही है।
-डॉ. प्रियंका सोनी, एडीसी एवं जांच अधिकारी