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मकान के सातवें हिस्से की जगह धोखे से हड़पा पूरा मकान
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sun, 10 Apr 2016 12:28 AM IST
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मकान के सातवें हिस्से को खरीदने के नाम पर किराएदार द्वारा धोखे से पूरे मकान की सेलडीड बनवाने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस की निष्क्रियता के बाद वृद्ध पीड़िता की गुहार पर कोर्ट ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। दो नंबरदार भी धोखाधड़ी के इस मामले के आरोपी हैं।
जानकारी के अनुसार पंद्रह साल पहले पति की मौत के बाद इंद्रावती(80) अपने परिवार के साथ गांव झाल स्थित मकान में रहती थीं। करीब सवा दो सौ गज मकान में एक बेटे भगवान सिंह की मौत होने के बाद सभी वारिसान के पास मकान का सातवां हिस्सा था। मकान के ही एक हिस्से में दयाराम अपने परिवार के साथ पिछले तीन साल से रह रहा था।
वहीं एक अन्य हिस्से में निर्मल और सुमन भी पिछले 3-4 सालों से रह रही थीं। दी शिकायत के अनुसार दिसंबर 2015 को किरायेदार दयाराम ने इंद्रावती से मकान में उसके हिस्से की जमीन बेचने को कहा। दो लाख में सौदा भी तय हो गया। लेकिन 30 दिसंबर को सेलडीड बनवाते समय दयाराम ने निरंजन नंबरदार और लक्ष्मीनारायण नंबरदार की मदद से उसे पूरे मकान की मालकिन दर्शा गलत सेलडीड तैयार करवा ली।
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यही नहीं तय सौदे 2 लाख में से भी आधी ही रकम दी गई। मामले का पता चलने पर उसने कोसली थाने में फरियाद लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने इस्तगासा दर्ज किया है।
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एक नंबरदार ने तैयार कराया झूठा प्रमाण पत्र, दूसरे ने दी गवाही
पीड़ित विधवा के अनुसार 30 दिसंबर को किरायेदार दयाराम ने निरंजन नंबरदार से मिल कर पूरे मकान के स्वामित्व का झूठा प्रमाण पत्र तैयार करवा लिया। वहीं एक अन्य नंबरदार लक्ष्मीनारायण ने सेल डीड पर झूठी गवाही दी। मामले में एक अन्य गवाह ईश्वर सिंह ने मकान का आधा हिस्सा अपनी पत्नी सुरेश देवी के नाम करा लिया। जबकि उसका सौदा ही तय नहीं हुआ था। वहीं दयाराम ने सेलडीड अपनी पत्नि बीरमति के नाम कराई।
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दूसरे किरायेदारों ने नहीं दिया किराया तो फेंका सामान
वृद्धा ने बताया कि सेलडीड के बाद उसके पुत्र भगवान सिंह की विधवा मीनू के मकान के हिस्से में रह रहे किराएदारों सुमन व निर्मला ने दयाराम को किराया देने से मना कर दिया। जिसके बाद ईश्वर व दयाराम ने निर्मला का समान घर से बाहर फेंक दिया।
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अदालत के आदेश पर गांव झाल के दो नंबरदारों समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
-नरेंद्र, थाना प्रभारी, कोसली थाना
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जानकारी के अनुसार पंद्रह साल पहले पति की मौत के बाद इंद्रावती(80) अपने परिवार के साथ गांव झाल स्थित मकान में रहती थीं। करीब सवा दो सौ गज मकान में एक बेटे भगवान सिंह की मौत होने के बाद सभी वारिसान के पास मकान का सातवां हिस्सा था। मकान के ही एक हिस्से में दयाराम अपने परिवार के साथ पिछले तीन साल से रह रहा था।
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वहीं एक अन्य हिस्से में निर्मल और सुमन भी पिछले 3-4 सालों से रह रही थीं। दी शिकायत के अनुसार दिसंबर 2015 को किरायेदार दयाराम ने इंद्रावती से मकान में उसके हिस्से की जमीन बेचने को कहा। दो लाख में सौदा भी तय हो गया। लेकिन 30 दिसंबर को सेलडीड बनवाते समय दयाराम ने निरंजन नंबरदार और लक्ष्मीनारायण नंबरदार की मदद से उसे पूरे मकान की मालकिन दर्शा गलत सेलडीड तैयार करवा ली।
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यही नहीं तय सौदे 2 लाख में से भी आधी ही रकम दी गई। मामले का पता चलने पर उसने कोसली थाने में फरियाद लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने इस्तगासा दर्ज किया है।
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एक नंबरदार ने तैयार कराया झूठा प्रमाण पत्र, दूसरे ने दी गवाही
पीड़ित विधवा के अनुसार 30 दिसंबर को किरायेदार दयाराम ने निरंजन नंबरदार से मिल कर पूरे मकान के स्वामित्व का झूठा प्रमाण पत्र तैयार करवा लिया। वहीं एक अन्य नंबरदार लक्ष्मीनारायण ने सेल डीड पर झूठी गवाही दी। मामले में एक अन्य गवाह ईश्वर सिंह ने मकान का आधा हिस्सा अपनी पत्नी सुरेश देवी के नाम करा लिया। जबकि उसका सौदा ही तय नहीं हुआ था। वहीं दयाराम ने सेलडीड अपनी पत्नि बीरमति के नाम कराई।
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दूसरे किरायेदारों ने नहीं दिया किराया तो फेंका सामान
वृद्धा ने बताया कि सेलडीड के बाद उसके पुत्र भगवान सिंह की विधवा मीनू के मकान के हिस्से में रह रहे किराएदारों सुमन व निर्मला ने दयाराम को किराया देने से मना कर दिया। जिसके बाद ईश्वर व दयाराम ने निर्मला का समान घर से बाहर फेंक दिया।
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अदालत के आदेश पर गांव झाल के दो नंबरदारों समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
-नरेंद्र, थाना प्रभारी, कोसली थाना