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करंट लगने से हुई थी मौत, डेढ़ साल बाद दर्ज हुई एफआइआर

Mon, 25 Mar 2019 12:01 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 25 Mar 2019 12:01 AM IST
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करंट लगने से हुई थी मौत, डेढ़ साल बाद दर्ज हुई एफआइआर

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बावल। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बावल में स्ट्रीट लाइट लगाते समय करंट की चपेट में आकर युवक की मौत के मामले में बावल थाना पुलिस ने रविवार को लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है। मृतक के पिता ने ठेकेदार व नगर पालिका बावल के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पुलिस महानिदेशक व भारतीय भवन निर्माण लेबर यूनियन को शिकायत भेजी थी।

शिकायत में उत्तर प्रदेश के जिला बांधा के गांव धौसड़ निवासी हरछटिया ने कहा है कि वर्ष 2017 में उसका 23 वर्षीय बेटा अखिलेश कुमार बावल में एक साल से बिजली ठेकेदार सतबीर सिंह के पास काम कर रहा था। ठेकेदार के पास बावल नगर पालिका के पोलों की मरम्मत व देखभाल का काम था। 29 सितंबर 2017 को अखिलेश ठेकेदार के कहने पर अन्य लोगों के साथ काम कर रहा था। बावल में पोलों पर स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही थी। इस दौरान एलुमिनियम की सीढ़ी का प्रयोग किया जा रहा था। उसका बेटा बिजली का काम नहीं जानता था और कोई भी सुरक्षा उपकरण भी मुहैया नहीं कराए गए थे। स्ट्रीट लाइट लगाते समय सीढ़ी हाईटेंशन तारों में उलझ गई तथा करंट लगने से उसके बेटे की मौत हो गई। ठेकेदार व नगर पालिका के अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसके बेटे की मौत हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने उसके बड़े बेटे को बहला-फुसला कर गलत बयान दर्ज करा लिए थे। यदि सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाते तो उसके बेटे की जान बच सकती थी। इस मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा कराए तो पूरा मामला स्पष्ट हो सकता है। मृतक के पिता हरछटिया ने मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक, साउथ रेंज पुलिस महानिरीक्षक व भारतीय भवन निर्माण लेबर यूनियन नई दिल्ली को गई थी। बावल थाना पुलिस ने रविवार को पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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