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अविवाहित बताकर फलाहारी बाबा कर रहा लोगों की आस्था से खिलवाड़
Updated Fri, 22 Sep 2017 11:15 PM IST
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अविवाहित बताकर फलाहारी बाबा कर रहा लोगों की आस्था से खिलवाड़
प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी।
यौन शोषण की कोशिश के आरोप में घिरे राजस्थान अलवर के काला कुआं में दिव्य धाम के संचालक कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य फलाहारी महाराज की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं। शुक्रवार को युवती के पिता ने भी फलाहारी महाराज के बारे में कई खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा कि फलाहारी महाराज असल में शादीशुदा है। वह अविवाहित बनकर करीब 30 साल से अलवर में श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रहा है। पीड़िता के पिता के अनुसार फलाहारी महाराज तीन भाई हैं। कुछ ही महीने पहले उसने अपनी बेटी की शादी की है। इसके दो छोटे भाई छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में आश्रम चलाते हैं। पीड़िता के पिता का आरोप है कि कई और बेटियां फलाहारी बाबा की शिकार हुई हैं। अगर पुलिस गहराई से जांच करे तो कई मामले खुलकर सामने आ सकते हैं। गौर तलब है कि एलएलबी कर रही छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की युवती ने कुछ दिन पूर्व फलाहारी महाराज पर यौन शोषण की कोशिश का आरोप लगाया था। तभी से फलाहारी महाराज एक निजी अस्पताल में भर्ती है।
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उत्तर प्रदेश के कौशांबी का है फलाहारी महाराज
असल में फलाहारी महाराज उत्तर प्रदेश के कौशांबी का है। अयोध्या में रहकर उसने पढ़ाई-लिखाई की। वह 1988 में अलवर आया। इसके बाद काला कुआं में दिव्य आश्रम बनाया। यहां नियुक्त आचार्य सुदर्शनाचार्य भी इनका ही भांजा है। इन्होंने अपने सभी आश्रमों पर अपने भाई और रिश्तेदारों को लगाया हुआ है। 20 सितंबर को बिलासपुर निवासी युवती की तरफ से अरावली विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद फलाहारी महाराज शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उधर, पीड़ित पक्ष को अलवर में पुलिस सुरक्षा में रखा गया है। अभी मामले में और भी राज खुल सकते हैं।
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गुरु पूर्णिमा को होता है बड़ा आयोजन, हरियाणा में भी हैं अनुयायी
आरोप है कि फलाहारी महाराज ने 30 साल में अकूत संपत्ति बटोरी। अलवर में दिव्य धाम के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी अपने आश्रम बनाए। फलाहारी महाराज हर साल गुरु पूर्णिमा पर बड़ा आयोजन करता है। इसमें बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में आश्रमों में हर साल गुरु पूर्णिमा पर करोड़ों रुपये चंदा आता है। हरियाणा में भी फलाहारी के हजारों श्रद्धालु हैं, जो गुरु पूर्णिमा पर आश्रम में जाते थे। बताया जाता है कि फलाहारी महाराज ने बाजार में भी ब्याज पर पैसे चलाए हुए हैं।
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प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी।
यौन शोषण की कोशिश के आरोप में घिरे राजस्थान अलवर के काला कुआं में दिव्य धाम के संचालक कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य फलाहारी महाराज की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं। शुक्रवार को युवती के पिता ने भी फलाहारी महाराज के बारे में कई खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा कि फलाहारी महाराज असल में शादीशुदा है। वह अविवाहित बनकर करीब 30 साल से अलवर में श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रहा है। पीड़िता के पिता के अनुसार फलाहारी महाराज तीन भाई हैं। कुछ ही महीने पहले उसने अपनी बेटी की शादी की है। इसके दो छोटे भाई छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में आश्रम चलाते हैं। पीड़िता के पिता का आरोप है कि कई और बेटियां फलाहारी बाबा की शिकार हुई हैं। अगर पुलिस गहराई से जांच करे तो कई मामले खुलकर सामने आ सकते हैं। गौर तलब है कि एलएलबी कर रही छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की युवती ने कुछ दिन पूर्व फलाहारी महाराज पर यौन शोषण की कोशिश का आरोप लगाया था। तभी से फलाहारी महाराज एक निजी अस्पताल में भर्ती है।
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उत्तर प्रदेश के कौशांबी का है फलाहारी महाराज
असल में फलाहारी महाराज उत्तर प्रदेश के कौशांबी का है। अयोध्या में रहकर उसने पढ़ाई-लिखाई की। वह 1988 में अलवर आया। इसके बाद काला कुआं में दिव्य आश्रम बनाया। यहां नियुक्त आचार्य सुदर्शनाचार्य भी इनका ही भांजा है। इन्होंने अपने सभी आश्रमों पर अपने भाई और रिश्तेदारों को लगाया हुआ है। 20 सितंबर को बिलासपुर निवासी युवती की तरफ से अरावली विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद फलाहारी महाराज शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उधर, पीड़ित पक्ष को अलवर में पुलिस सुरक्षा में रखा गया है। अभी मामले में और भी राज खुल सकते हैं।
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गुरु पूर्णिमा को होता है बड़ा आयोजन, हरियाणा में भी हैं अनुयायी
आरोप है कि फलाहारी महाराज ने 30 साल में अकूत संपत्ति बटोरी। अलवर में दिव्य धाम के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी अपने आश्रम बनाए। फलाहारी महाराज हर साल गुरु पूर्णिमा पर बड़ा आयोजन करता है। इसमें बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में आश्रमों में हर साल गुरु पूर्णिमा पर करोड़ों रुपये चंदा आता है। हरियाणा में भी फलाहारी के हजारों श्रद्धालु हैं, जो गुरु पूर्णिमा पर आश्रम में जाते थे। बताया जाता है कि फलाहारी महाराज ने बाजार में भी ब्याज पर पैसे चलाए हुए हैं।
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