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घटना के नौ दिन बाद भी एसआईटी भी खाली हाथ,...

Fri, 21 Sep 2018 12:53 AM IST
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:53 AM IST
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घटना के नौ दिन बाद भी एसआईटी भी खाली हाथ,...
अमर उजाला ब्यूूरो
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रेवाड़ी। सामूहिक दुष्कर्म की घटना के नौ दिन बाद भी एसआईटी और सीआईए टीम के हाथ खाली हैं। मुख्य आरोपी और उसके साथी का सुराग लगाने के लिए तीन जिलों की पुलिस लगी हुई है लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। पुलिस टीमों को उम्मीद थी कि आरोपी राजस्थान में पकड़ में आ जाएंगे लेकिन तीन दिन से उनकी लोकेशन ही पता नहीं चल रही है जिसकी वजह से पुलिस टीमों ने एक बार फिर आरोपियों के रिश्तेदारों के घर छापामार कार्रवाई की।
12 सितंबर को हुई इस घटना के बाद जब प्रारंभिक जांच में महिला थाना पुलिस और कनीना पुलिस की लापरवाही सामने आई तो एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसके लिए तुरंत एसआईटी का गठन कर दिया। एसआईटी की कमान मेवात की पुलिस अधीक्षक नाजनीन भसीन को सौंपी गई है। मेवात एसपी को यह कमान इसलिए सौंपी गई कि मेवात में भी इसी तरह का एक मामला हुआ था जिसमें मेवात पुलिस टीम ने आरोपियों को जल्द दबोच लिया था। तेज तर्रार आईपीएस ऑफिसर के रूप में उन्होंने कई मामलों में गहनता से जांच की थी जिसके बाद सरकार को भी एसआईटी से काफी उम्मीद थी लेकिन एसआईटी गठन के सात दिन बाद इस मामले में कुछ हाथ नहीं लगने से पुलिस के लिए यह मामला अब चुनौतीपूर्ण बन गया है। इसके लिए लगभग 15 पुलिस टीमों का गठन किया हुआ जिसमें लगभग 150 पुलिसकर्मी शामिल हैं। आरोपियों के बारे में पुलिस को पहले राजस्थान में ही होने के पुख्ता सुबूत मिले थे जिसके बाद से अभी कई टीमें राजस्थान में ही डेरा डाले हुई हैं। इसके तीन टीमें आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हैं जोकि रातभर छापेमारी को अंजाम दे रही हैं।
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गिरफ्तार आरोपियों से कुछ खास नहीं उगलवा पाई पुलिस
पुलिस द्वारा इस मामले में वारदात में शामिल आरोपी नीशू और कोठड़ा उपलब्ध कराने वाले दीनदयाल व चिकित्सक संजीव को 16 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लिया हुआ था लेकिन पुलिस इस रिमांड अवधि में अभी तक केवल आरोपी नीशू का मोबाइल ही बरामद कर सकी है। इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त कार और अन्य उपकरण बरामद नहीं हुए हैं। साथ ही पंकज व मनीष के बारे में पुलिस उनके कुछ खास नहीं उगलवा पाई है।
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