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सीवर और ड्रेनेज लाइन का नहीं हो सका सुधार, जलभराव की आशंका
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रेवाड़ी। नगर परिषद अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते इस मानसूनी सीजन में भी लोगों को जलभराव की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि मानसून से पहले नप अधिकारियों की ओर से शहर के सेक्टर-4, 3 व एक में बंद पड़ी ड्रेनेज लाइन को दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। जबकि बीते चार साल से आरडब्ल्यूए पदाधिकारी नप अधिकारियों से जलभराव से बचाव के लिए ड्रेनेज लाइन की सफाई के लिए मांग कर रहे हैं।
ऐसी ही स्थिति सीवर लाइन की है। इस बार सीवर लाइन सफाई का टेंडर नहीं होने से शहर के मॉडल टाउन व कंपनी बाग सहित अन्य कॉलोनियों में भी लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ी परेशानी निचले क्षेत्रों में स्थित कॉलोनियों में है।
तीन साल पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से नगर परिषद को शहर के तीन सेक्टर स्थानांतरित किए गए थे। तभी से इन सेक्टर में ड्रेनेज सिस्टम बंद पड़ा हुआ है। करीब एक साल पहले इसके लिए टेंडर भी दिया गया। इस दौरान भी कोई खास कार्य नहीं हुआ है। वहीं टेंडर की समय सीमा चार माह पहले खत्म हो चुकी है। ऐसे में अब चार माह से रत्ती भर कार्य नहीं हो सका है।
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रेवाड़ी में चरमराई हुई है जल निकासी की व्यवस्था
रेवाड़ी सहित धारूहेड़ा व बावल में भी ड्रेनेज सिस्टम चरमराया हुआ है। कॉलोनियों में बरसाती पानी और सीवरेज का पानी एक ही लाइन से गुजरता है। ऐसे में बारिश में पानी की अधिकता की वजह से हालात खराब हो रहे हैं। इससे न केवल शहरों में ट्रैफिक की समस्या बढ़ जाती है, बल्कि लोगों का नुकसान झेलना पड़ता है। हल्की बारिश के बाद भी जलभराव की समस्या हो जाती है। इसके चलते शहर की दुर्गा कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी, नई बस्ती, भीम बस्ती, मॉडल टाउन, राजीव नगर, नागरिक अस्पताल सहित कई स्थानों पर जलभराव से प्रत्येक साल लोगों को परेेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसलिए नहीं हो रही पानी की निकासी
- बरसाती पानी की निकासी और सीवरेज के दूषित पानी की निकासी एक ही लाइन से होती है।
- पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों की क्षमता शहरों के साथ नहीं बढ़ी। पुराने शहर में 40 साल पुरानी सीवर लाइन नहीं बदली जा सकी।
- पानी के बहाव के रास्तों में मकान बन गए। शहर के दिल्ली रोड से आनंद नगर की तरफ जाने वाले नाले पर कब्जा हो चुका है।
-समय-समय पर सीवर की सफाई नहीं होना भी जल निकासी के लिए बड़ी समस्या है।
-सेक्टरों की ड्रेनेज लाइन जगह-जगह टूटी पड़ी हुई है, इसको लेकर काम करने की जरूरत है।
सेक्टर-4 आरडब्ल्यूए के सचिव एडवोकेट अनिल यादव ने बताया कि बीते तीन सालों से नगर परिषद अधिकारियों की लिखित में शिकायत दी जा रही है। बावजूद इसके सेक्टर- 4 में ड्रेनेज लाइन को दुरुस्त नहीं किया जा सका है। बारिश होते ही पानी लोगों के घरों तक में घुस जाता है। एक साल पहले टेंडर भी दिया, लेकिन कुछ काम नहीं हुआ। अब चार माह से तो किसी के पास टेंडर तक नहीं है।
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ऐसी ही स्थिति सीवर लाइन की है। इस बार सीवर लाइन सफाई का टेंडर नहीं होने से शहर के मॉडल टाउन व कंपनी बाग सहित अन्य कॉलोनियों में भी लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ी परेशानी निचले क्षेत्रों में स्थित कॉलोनियों में है।
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तीन साल पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से नगर परिषद को शहर के तीन सेक्टर स्थानांतरित किए गए थे। तभी से इन सेक्टर में ड्रेनेज सिस्टम बंद पड़ा हुआ है। करीब एक साल पहले इसके लिए टेंडर भी दिया गया। इस दौरान भी कोई खास कार्य नहीं हुआ है। वहीं टेंडर की समय सीमा चार माह पहले खत्म हो चुकी है। ऐसे में अब चार माह से रत्ती भर कार्य नहीं हो सका है।
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रेवाड़ी में चरमराई हुई है जल निकासी की व्यवस्था
रेवाड़ी सहित धारूहेड़ा व बावल में भी ड्रेनेज सिस्टम चरमराया हुआ है। कॉलोनियों में बरसाती पानी और सीवरेज का पानी एक ही लाइन से गुजरता है। ऐसे में बारिश में पानी की अधिकता की वजह से हालात खराब हो रहे हैं। इससे न केवल शहरों में ट्रैफिक की समस्या बढ़ जाती है, बल्कि लोगों का नुकसान झेलना पड़ता है। हल्की बारिश के बाद भी जलभराव की समस्या हो जाती है। इसके चलते शहर की दुर्गा कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी, नई बस्ती, भीम बस्ती, मॉडल टाउन, राजीव नगर, नागरिक अस्पताल सहित कई स्थानों पर जलभराव से प्रत्येक साल लोगों को परेेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसलिए नहीं हो रही पानी की निकासी
- बरसाती पानी की निकासी और सीवरेज के दूषित पानी की निकासी एक ही लाइन से होती है।
- पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों की क्षमता शहरों के साथ नहीं बढ़ी। पुराने शहर में 40 साल पुरानी सीवर लाइन नहीं बदली जा सकी।
- पानी के बहाव के रास्तों में मकान बन गए। शहर के दिल्ली रोड से आनंद नगर की तरफ जाने वाले नाले पर कब्जा हो चुका है।
-समय-समय पर सीवर की सफाई नहीं होना भी जल निकासी के लिए बड़ी समस्या है।
-सेक्टरों की ड्रेनेज लाइन जगह-जगह टूटी पड़ी हुई है, इसको लेकर काम करने की जरूरत है।
सेक्टर-4 आरडब्ल्यूए के सचिव एडवोकेट अनिल यादव ने बताया कि बीते तीन सालों से नगर परिषद अधिकारियों की लिखित में शिकायत दी जा रही है। बावजूद इसके सेक्टर- 4 में ड्रेनेज लाइन को दुरुस्त नहीं किया जा सका है। बारिश होते ही पानी लोगों के घरों तक में घुस जाता है। एक साल पहले टेंडर भी दिया, लेकिन कुछ काम नहीं हुआ। अब चार माह से तो किसी के पास टेंडर तक नहीं है।