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कांग्रेस की मांग एमएसपी पर हो बाजरे की खरीद
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अतिरिक्त उपायुक्त आशिमा सांगवान को ज्ञापन सौंपते पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव। संवाद
- फोटो : Rewari
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अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पूूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के नेतृत्व में अतिरिक्त उपायुक्त आशिमा सांगवान के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बाजरे को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने, किसानों को समय पर डीएपी खाद नहीं मिलने, महंगाई व शहर की सड़कों को दोबारा बनाने की मांग की।
कैप्टन अजय सिंह ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। सरकार ने किसानों के बाजरे का एक-एक दाना खरीदने का वादा किया था, लेकिन रेवाड़ी में बाजरे की सरकारी खरीद नहीं होने की वजह से अभी 11 सौ से 1250 रुपये प्रति क्विंटल में बिक पाया है। सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2250 रुपये घोषित कर रखा है व भावांतर भरपाई योजना के तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल देने की घोषणा की है। अगर सरकार भावांतर भरवाई के भी छह सौ रुपये देते हैं तो बाजरा 1700 से 1850 रुपये प्रति क्विंटल ही पड़ेगा। बाजरा दक्षिणी हरियाणा की मुख्य फसल है व किसानों का जीवनयापन काफी हद तक इस फसल पर निर्भर है। ऐसे में सरकार भावांतर भरपाई योजना के तहत कम से कम इतनी राशि जरूर दे कि उससे वह न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर न पड़े।
उन्होंने कहा कि किसानों को अगली फसल के लिए डीएपी खाद अभी तक नहीं मिल पाया है। डीएपी खाद के लिए किसान ठोकरें खा रहे हैं। इस मौके पर नरेश शर्मा, बीर सिंह, ओमकार, ओमप्रकाश, विरेंद्र, पृथ्वी सिंह, धर्मबीर, दयाशिन खोला, अनिल, रामप्रकाश, गुरुदयाल, देवकी नंदन, मुकेश ठाकुर, महिला अध्यक्ष अमृतकला टिकाणिया, धनीराम, केके सक्सेना, डॉ. विपिन शर्मा, डीके शर्मा, राहुल आदि मौजूद रहे।
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कैप्टन अजय सिंह ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। सरकार ने किसानों के बाजरे का एक-एक दाना खरीदने का वादा किया था, लेकिन रेवाड़ी में बाजरे की सरकारी खरीद नहीं होने की वजह से अभी 11 सौ से 1250 रुपये प्रति क्विंटल में बिक पाया है। सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2250 रुपये घोषित कर रखा है व भावांतर भरपाई योजना के तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल देने की घोषणा की है। अगर सरकार भावांतर भरवाई के भी छह सौ रुपये देते हैं तो बाजरा 1700 से 1850 रुपये प्रति क्विंटल ही पड़ेगा। बाजरा दक्षिणी हरियाणा की मुख्य फसल है व किसानों का जीवनयापन काफी हद तक इस फसल पर निर्भर है। ऐसे में सरकार भावांतर भरपाई योजना के तहत कम से कम इतनी राशि जरूर दे कि उससे वह न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर न पड़े।
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उन्होंने कहा कि किसानों को अगली फसल के लिए डीएपी खाद अभी तक नहीं मिल पाया है। डीएपी खाद के लिए किसान ठोकरें खा रहे हैं। इस मौके पर नरेश शर्मा, बीर सिंह, ओमकार, ओमप्रकाश, विरेंद्र, पृथ्वी सिंह, धर्मबीर, दयाशिन खोला, अनिल, रामप्रकाश, गुरुदयाल, देवकी नंदन, मुकेश ठाकुर, महिला अध्यक्ष अमृतकला टिकाणिया, धनीराम, केके सक्सेना, डॉ. विपिन शर्मा, डीके शर्मा, राहुल आदि मौजूद रहे।
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