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Rewari News: महिला सशक्तीकरण के महत्व को बढ़ावा देने के लिए हुईं प्रतियोगिताएं
Fri, 07 Mar 2025 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 07 Mar 2025 11:40 PM IST
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फोटो : 06बावल कृषि महाविद्यालय में कार्यक्रम के दौरान एकत्रित हुए विद्यार्थी साथ में स्टाफ। स
संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। कृषि महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) यूनिट की तरफ से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण और लिंग समानता के महत्व को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में छात्राओं ने भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मवीर यादव ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
डॉ. धर्मवीर यादव ने महिलाओं के योगदान और उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रिंसिपल डॉ. नरेश कौशिक ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विश्वभर में मनाया जाता है। इसका इतिहास बहुत पुराना है। यह दिवस पहली बार 1908 में अमेरिका में मनाया गया था, जब 15,000 महिलाओं ने न्यूयॉर्क शहर में प्रदर्शन किया था। इसके बाद यह दिवस विश्वभर में मनाया जाने लगा। 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था। इसके बाद, यह दिवस विश्वभर में मनाया जाने लगा। सह छात्र कल्याण निदेशक डॉ. मुकेश सबरवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम महिलाओं के अधिकारों और सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम था। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास और सशक्तीकरण की भावना को बढ़ावा मिला। यह कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण के महत्व को बढ़ावा देने में सफल रहा और छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। एनएसएस प्रोग्राम अधिकारी डॉ. अमरजीत ने बताया कि यह दिवस महिलाओं के अधिकारों और सशक्तीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दिवस महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित करता है।
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बावल। कृषि महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) यूनिट की तरफ से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण और लिंग समानता के महत्व को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में छात्राओं ने भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मवीर यादव ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
डॉ. धर्मवीर यादव ने महिलाओं के योगदान और उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रिंसिपल डॉ. नरेश कौशिक ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विश्वभर में मनाया जाता है। इसका इतिहास बहुत पुराना है। यह दिवस पहली बार 1908 में अमेरिका में मनाया गया था, जब 15,000 महिलाओं ने न्यूयॉर्क शहर में प्रदर्शन किया था। इसके बाद यह दिवस विश्वभर में मनाया जाने लगा। 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था। इसके बाद, यह दिवस विश्वभर में मनाया जाने लगा। सह छात्र कल्याण निदेशक डॉ. मुकेश सबरवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम महिलाओं के अधिकारों और सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम था। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास और सशक्तीकरण की भावना को बढ़ावा मिला। यह कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण के महत्व को बढ़ावा देने में सफल रहा और छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। एनएसएस प्रोग्राम अधिकारी डॉ. अमरजीत ने बताया कि यह दिवस महिलाओं के अधिकारों और सशक्तीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दिवस महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित करता है।
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