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मुआवजा दो करोड़ नहीं तो 11 से अनिश्चितकालीन धरना..
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Thu, 07 Jan 2016 12:30 AM IST
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नेशनल हाईवे नंबर आठ को सेक्टर चार से जोड़ने के लिए बनने वाले मार्ग के अधिग्रहण की मुआवजा राशि के अवार्ड से नाखुश तीन गांव के किसानों ने रामकुमार की अध्यक्षता में बुधवार सुबह कौनसीवास गांव में पंचायत की।
चार घंटे से ज्यादा चली पंचायत में 11 नवंबर से सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का निर्णय लिया गया। किसानों ने कहा कि यदि उन्हें दो करोड़ से कम का मुआवजा दिया गया तो धरने के साथ किसानों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
पंचायत में साल्हावास के ग्रामीण उपस्थित नहीं हुए, हालांकि तीनों गांवों के किसान साल्हावास के किसानों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि साल्हावास के ग्रामीणों को दो करोड़ 35 लाख के मुआवजे का अवार्ड सुनाया गया है।
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राजनीति से प्रेरित है इतना कम अवार्ड
किसान अजय यादव, ओमप्रकाश यादव, धर्मसिंह,पूर्व सरपंच ब्रह्म, भूपेंद्र सहित अन्य किसानों ने बताया कि रेवाड़ी के सेक्टर चार से नेशनल हाईवे को जोड़ने के लिए 120 मीटर चौड़े और छह किमी लंबे मार्ग का निर्माण किया जाना है।
इसके लिए चार साल पहले बैरियावास की 60 एकड़, कौनसीवास 26,साल्हावास 19 व शहबाजपुर गांवों की लगभग सौ एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए सेक्शन-4 के नोटिस हुए थे।
पिछले वर्ष कांग्रेस सरकार के समय इस जमीन का एक करोड़ नौ लाख का मुआवजा सुनाया गया था, लेकिन मंगलवार को तीनों गांवों की जमीन के लिए मात्र 58 लाख का अवार्ड सुनाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है, इसी कारण इसके द्वारा मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया ही गलत है।
दो करोड़ नहीं मिले तो कर्नलराम सिंह चौक पर होगा धरना प्रदर्शन
बुधवार सुबह नौ बजे से लेकर एक बजे तक कौनीसवास में शहबाजपुर,कौनसीवास व बैरियावास गांव के किसानों की पंचायत हुई। पंचायत में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि कोई भी किसान इस अवार्ड को नहीं उठाएगा। किसानों ने बताया कि पहले के हिसाब से ही कम से कम एक करोड़ 58 लाख का मुआवजा बनता है। किसानों ने बताया कि पंचायत में सरकार के खिलाफ तीनों गांवों के किसान बाईपास स्थित कर्नल रामसिंह चौक पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर देंगे। इस अवसर पर कैप्टन श्रीराम, मा. सुरेंद्र सिंह, राजसिंह, कर्णसिंह, एडवोकेट राकेश व राजकुमार सहित अनेक किसान उपस्थित थे।
2.50 करोड़ रुपये से कम में न हो अधिग्रहण
एनएच-8 तक जाने के लिए प्रस्तावित 120 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए जरूरी कोनसीवास, बैरियावास, साल्हावास और शिवराजपुर की करीब 100 एकड़ जमीन के अधिग्रहण मसले पर पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियां यहां पर भी किसान विरोधी हैं। कोनसीवास और बैरियावास गांव की जमीन की कीमत 82.54 लाख, साल्हावास की 2.35 करोड़ रुपये जबकि शिवराजपुर की 79.54 लाख रुपये सरकार ने अधिग्रहण के लिए लगाई है, जो गलत है। उन्होंने मांग की है कि चारों गांवों की अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का मुआवजा एक समान रूप से ढाई करोड़ रुपये ही दिया जाए।
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चार घंटे से ज्यादा चली पंचायत में 11 नवंबर से सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का निर्णय लिया गया। किसानों ने कहा कि यदि उन्हें दो करोड़ से कम का मुआवजा दिया गया तो धरने के साथ किसानों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
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पंचायत में साल्हावास के ग्रामीण उपस्थित नहीं हुए, हालांकि तीनों गांवों के किसान साल्हावास के किसानों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि साल्हावास के ग्रामीणों को दो करोड़ 35 लाख के मुआवजे का अवार्ड सुनाया गया है।
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राजनीति से प्रेरित है इतना कम अवार्ड
किसान अजय यादव, ओमप्रकाश यादव, धर्मसिंह,पूर्व सरपंच ब्रह्म, भूपेंद्र सहित अन्य किसानों ने बताया कि रेवाड़ी के सेक्टर चार से नेशनल हाईवे को जोड़ने के लिए 120 मीटर चौड़े और छह किमी लंबे मार्ग का निर्माण किया जाना है।
इसके लिए चार साल पहले बैरियावास की 60 एकड़, कौनसीवास 26,साल्हावास 19 व शहबाजपुर गांवों की लगभग सौ एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए सेक्शन-4 के नोटिस हुए थे।
पिछले वर्ष कांग्रेस सरकार के समय इस जमीन का एक करोड़ नौ लाख का मुआवजा सुनाया गया था, लेकिन मंगलवार को तीनों गांवों की जमीन के लिए मात्र 58 लाख का अवार्ड सुनाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है, इसी कारण इसके द्वारा मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया ही गलत है।
दो करोड़ नहीं मिले तो कर्नलराम सिंह चौक पर होगा धरना प्रदर्शन
बुधवार सुबह नौ बजे से लेकर एक बजे तक कौनीसवास में शहबाजपुर,कौनसीवास व बैरियावास गांव के किसानों की पंचायत हुई। पंचायत में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि कोई भी किसान इस अवार्ड को नहीं उठाएगा। किसानों ने बताया कि पहले के हिसाब से ही कम से कम एक करोड़ 58 लाख का मुआवजा बनता है। किसानों ने बताया कि पंचायत में सरकार के खिलाफ तीनों गांवों के किसान बाईपास स्थित कर्नल रामसिंह चौक पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर देंगे। इस अवसर पर कैप्टन श्रीराम, मा. सुरेंद्र सिंह, राजसिंह, कर्णसिंह, एडवोकेट राकेश व राजकुमार सहित अनेक किसान उपस्थित थे।
2.50 करोड़ रुपये से कम में न हो अधिग्रहण
एनएच-8 तक जाने के लिए प्रस्तावित 120 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए जरूरी कोनसीवास, बैरियावास, साल्हावास और शिवराजपुर की करीब 100 एकड़ जमीन के अधिग्रहण मसले पर पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियां यहां पर भी किसान विरोधी हैं। कोनसीवास और बैरियावास गांव की जमीन की कीमत 82.54 लाख, साल्हावास की 2.35 करोड़ रुपये जबकि शिवराजपुर की 79.54 लाख रुपये सरकार ने अधिग्रहण के लिए लगाई है, जो गलत है। उन्होंने मांग की है कि चारों गांवों की अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का मुआवजा एक समान रूप से ढाई करोड़ रुपये ही दिया जाए।