{"_id":"61cca94702977801a1367446","slug":"children-are-still-waiting-for-admission-in-private-school-rewari-news-rtk6342566106","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों को अभी भी है निजी स्कूल में दाखिले का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों को अभी भी है निजी स्कूल में दाखिले का इंतजार
विज्ञापन
उपायुक्त कार्यालय के बाहर खड़े अभिभावक व बच्चे।
- फोटो : Rewari
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी।134-ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिला नहीं मिलने से विद्यार्थी व अभिभावक ने बुुधवार को भी लघु सचिवालय में धरना दिया। वहीं निजी स्कूलों की ओर से फर्जी आय पत्र बनाने के आरोप के बाद निदेशालय की ओर से तीन सदस्यों की कमेटी का गठन करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों ने 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन किया था। परीक्षा को भी पास किया। इसके बाद विभाग ने उन्हें प्राइवेट स्कूल अलाट कर दिए। अब 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए उन्होंने अपने बच्चों का टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) भी पहले वाले स्कूल से निकलवा लिया। जब वे सरकार द्वारा अलाट किए गए प्राइवेट स्कूल में गए तो विद्यार्थियों को दाखिला देने से ही मना कर दिया। ऐसे में एक तरफ विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है तो दूसरी तरफ अभिभावक भी अपने काम छोड़कर परेशानी उठा अधिकारियों के दफ्तरों में भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीसी लेने के बाद अब विद्यार्थी पुराने स्कूल में भी नहीं पढ़ पा रहे। पहले जो आनलाइन व आफलाइन पढ़ाई चल रही थी वह बंद हो गई। कई विद्यार्थियों की परीक्षा भी चल रही थी, उन बच्चों ने बीच में ही परीक्षा छोड़ी। कोरोना महामारी के कारण पहले ही विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। वहीं बुधवार की शाम जिला उपायुक्त ने विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। -----------------
कमेटी प्रस्तुत करेगी रिपोर्ट
आय सत्यापन को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त आशिमा सांगवान की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और जिला राजस्व अधिकारी सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे। यह कमेटी विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की वार्षिक आय को लेकर संशय के दायरे में आने वाले मामलों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी तथा जिन विद्यार्थियों की वार्षिक आय प्रमाण पत्र के अनुसार सत्यापित होगी, ऐसे विद्यार्थियों का दाखिला तुरंत प्रभाव से करने के लिए निर्देश देगी।
विज्ञापन
-----------------
सरकारी प्राचार्य की लगाएं दाखिला कराने की ड्यूटी
जिला प्रशासन के अधिकारियों में बैठक में अभिभावकों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता कैलाशचंद ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को अंबाला जिले की तरह रेवाड़ी में भी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य को निजी स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिलाने की ड्यूटी लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि उपायुक्त द्वारा उनके सुझाव को मान लिया गया है। जल्द ही प्रधानाचार्यों की ड्यूटी बच्चों का दाखिला कराने के लिए लगाई जाएंगी।
विज्ञापन
अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों ने 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन किया था। परीक्षा को भी पास किया। इसके बाद विभाग ने उन्हें प्राइवेट स्कूल अलाट कर दिए। अब 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए उन्होंने अपने बच्चों का टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) भी पहले वाले स्कूल से निकलवा लिया। जब वे सरकार द्वारा अलाट किए गए प्राइवेट स्कूल में गए तो विद्यार्थियों को दाखिला देने से ही मना कर दिया। ऐसे में एक तरफ विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है तो दूसरी तरफ अभिभावक भी अपने काम छोड़कर परेशानी उठा अधिकारियों के दफ्तरों में भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीसी लेने के बाद अब विद्यार्थी पुराने स्कूल में भी नहीं पढ़ पा रहे। पहले जो आनलाइन व आफलाइन पढ़ाई चल रही थी वह बंद हो गई। कई विद्यार्थियों की परीक्षा भी चल रही थी, उन बच्चों ने बीच में ही परीक्षा छोड़ी। कोरोना महामारी के कारण पहले ही विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। वहीं बुधवार की शाम जिला उपायुक्त ने विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। -----------------
विज्ञापन
कमेटी प्रस्तुत करेगी रिपोर्ट
आय सत्यापन को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त आशिमा सांगवान की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और जिला राजस्व अधिकारी सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे। यह कमेटी विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की वार्षिक आय को लेकर संशय के दायरे में आने वाले मामलों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी तथा जिन विद्यार्थियों की वार्षिक आय प्रमाण पत्र के अनुसार सत्यापित होगी, ऐसे विद्यार्थियों का दाखिला तुरंत प्रभाव से करने के लिए निर्देश देगी।
विज्ञापन
-----------------
सरकारी प्राचार्य की लगाएं दाखिला कराने की ड्यूटी
जिला प्रशासन के अधिकारियों में बैठक में अभिभावकों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता कैलाशचंद ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को अंबाला जिले की तरह रेवाड़ी में भी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य को निजी स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिलाने की ड्यूटी लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि उपायुक्त द्वारा उनके सुझाव को मान लिया गया है। जल्द ही प्रधानाचार्यों की ड्यूटी बच्चों का दाखिला कराने के लिए लगाई जाएंगी।