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Rewari News: दिव्य नगर योजना के तहत शहर में लगेंगे सीसीएमएस पैनल
Fri, 07 Feb 2025 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 07 Feb 2025 12:43 AM IST
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फोटो : 01रेवाड़ी। अनाज मंडी मार्ग पर लगी लाइटें। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। दिव्य नगर योजना के तहत नगर परिषद की ओर से शहर की स्ट्रीट लाइट को नियंत्रित करने के लिए सीसीएमएस (सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) पैनल लगाए जाएंगे। नगर परिषद ने इसके लिए टेंडर जारी किया है। सीसीएमएस पैनल लगाने पर 30.75 लाख रुपये खर्च होंगे।
सीसीएमएस प्रणाली लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से लाइट को नियंत्रित करने की सुविधा प्रदान करेगी। इस पैनल से स्ट्रीट लाइट को आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा। अभी तक यही देखने को मिलता है कि सड़कों पर लगी लाइट कई बार दिन में भी जलती मिलती है। इससे न केवल बिजली की खपत होती है। साथ ही लाइट भी ज्यादा खराब होती हैं। सीसीएमएस पैनल लगने से स्ट्रीट लाइट अब कर्मचारियों के भरोसे नहीं रहेगी। इस प्रोजेक्ट में अब स्ट्रीट लाइट ऑटोमेटिक ऑन-ऑफ होगी। फिलहाल टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीद है कि मार्च औ्र अप्रैल में कार्य शुरू हो जाएगा। दिव्य नगर योजना का मकसद शहर को दिव्य रूप देना है। इसके अंदर और भी कई कार्य होंगे, जिसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
सीसीएमएस पैनल का इंस्टॉलेशन होने के बाद इसमें समय सेट किया जाएगा। इस सिस्टम से अंधेरा होते ही आटोमेटिक लाइट ऑन हो जाएंगी और सुबह सूर्य निकलते ही ऑफ हो जाएंगी। सड़कों पर दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइट और कई क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट ऑन-ऑफ न होना बड़ी समस्या बनी हुई है। करीब 12 घंटे का समय सेट किया जाएगा। शाम 6 बजे स्ट्रीट लाइट ऑन हो जाएंगी और सुबह 6 बजे बंद हो जाएंगी। सर्दी और गर्मी के सीजन में टाइमिंग कम ज्यादा हो सकती है। दरअसल, किसी के ऊपर कोई जिम्मेदारी नहीं होने से सारी व्यवस्था गड़बड़ होती रहती है।
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स्ट्रीट लाइट की मरम्मत पर हर साल होते हैं लाखों खर्च
स्ट्रीट लाइट की मरम्मत पर हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं। नगर परिषद की तरफ से स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के लिए 98.51 लाख रुपये की राशि इस वर्ष खर्च की जाएगी। वार्ड नंबर 1 से 31 और सेक्टर 1, 3, 4 की स्ट्रीट लाइट्स का संचालन, मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाएगा। मार्स हॉस्पिटल हनुमान मंदिर, बड़ा तालाब महाराणा प्रताप चौक से अनाज मंडी रोड, बावल रोड से गढ़ी बोलनी रोड, नेहरू पार्क से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की लाइट्स को दुरुस्त करने का कार्य किया जाएगा। साथ ही पीडब्ल्यूडी द्वारा सौंपी गई दिल्ली रोड, हुडा बाईपास, कोनसीवास रोड, पटौदी रोड की लाइटों की भी मेंटनेंस की जाएगी। नई व्यवस्था के बाद मेंटेनेंस पर भी खर्चा काफी काम आएगा। शहर में 45 लाख रुपये की लागत से तिरंगा लाइट्स लगाई गई हैं। कई जगह पर तिरंगा लाइट खराब हो चुकी हैं।
1 वर्ष से कागजी प्रक्रिया में फंसी थी दिव्य नगर योजना की फाइल
दिव्या नगर योजना के लिए पहली बार नगर परिषद में फाइनेंस कमेटी की बैठक 16 फरवरी 2024 को हुई थी। यह बैठक मुख्य रूप से राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विकास कार्यों संबंधी डीपीआर तैयार करने के आदेशों की वजह की गई थी। नगर परिषद में विकास कार्यों को लेकर करीब सात एजेंडे फाइनेंस कमेटी के समक्ष रखे थे। मीटिंग में जो विकास कार्यों की लिस्ट पार्षद तक समक्ष रखी गई, उस पर सभी पार्षदों ने आपसी सहमति दे दी थी। फरवरी माह में इसका पहला टेंडर लगा है।
वर्जन:
दिव्य नगर योजना के तहत फाइल भेजी गई थी, अनुमति मिल चुकी है। इस योजना के तहत टेंडर भी लगाया गया है। योजना के तहत जो भी सप्लाई आएगी, वह कंपनी की तरफ से दी जाएगी। सीसीएमएस पैनल से काफी लाभ होगा। -प्रवीण, एक्सईएन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। दिव्य नगर योजना के तहत नगर परिषद की ओर से शहर की स्ट्रीट लाइट को नियंत्रित करने के लिए सीसीएमएस (सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) पैनल लगाए जाएंगे। नगर परिषद ने इसके लिए टेंडर जारी किया है। सीसीएमएस पैनल लगाने पर 30.75 लाख रुपये खर्च होंगे।
सीसीएमएस प्रणाली लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से लाइट को नियंत्रित करने की सुविधा प्रदान करेगी। इस पैनल से स्ट्रीट लाइट को आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा। अभी तक यही देखने को मिलता है कि सड़कों पर लगी लाइट कई बार दिन में भी जलती मिलती है। इससे न केवल बिजली की खपत होती है। साथ ही लाइट भी ज्यादा खराब होती हैं। सीसीएमएस पैनल लगने से स्ट्रीट लाइट अब कर्मचारियों के भरोसे नहीं रहेगी। इस प्रोजेक्ट में अब स्ट्रीट लाइट ऑटोमेटिक ऑन-ऑफ होगी। फिलहाल टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीद है कि मार्च औ्र अप्रैल में कार्य शुरू हो जाएगा। दिव्य नगर योजना का मकसद शहर को दिव्य रूप देना है। इसके अंदर और भी कई कार्य होंगे, जिसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
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सीसीएमएस पैनल का इंस्टॉलेशन होने के बाद इसमें समय सेट किया जाएगा। इस सिस्टम से अंधेरा होते ही आटोमेटिक लाइट ऑन हो जाएंगी और सुबह सूर्य निकलते ही ऑफ हो जाएंगी। सड़कों पर दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइट और कई क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट ऑन-ऑफ न होना बड़ी समस्या बनी हुई है। करीब 12 घंटे का समय सेट किया जाएगा। शाम 6 बजे स्ट्रीट लाइट ऑन हो जाएंगी और सुबह 6 बजे बंद हो जाएंगी। सर्दी और गर्मी के सीजन में टाइमिंग कम ज्यादा हो सकती है। दरअसल, किसी के ऊपर कोई जिम्मेदारी नहीं होने से सारी व्यवस्था गड़बड़ होती रहती है।
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स्ट्रीट लाइट की मरम्मत पर हर साल होते हैं लाखों खर्च
स्ट्रीट लाइट की मरम्मत पर हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं। नगर परिषद की तरफ से स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के लिए 98.51 लाख रुपये की राशि इस वर्ष खर्च की जाएगी। वार्ड नंबर 1 से 31 और सेक्टर 1, 3, 4 की स्ट्रीट लाइट्स का संचालन, मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाएगा। मार्स हॉस्पिटल हनुमान मंदिर, बड़ा तालाब महाराणा प्रताप चौक से अनाज मंडी रोड, बावल रोड से गढ़ी बोलनी रोड, नेहरू पार्क से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की लाइट्स को दुरुस्त करने का कार्य किया जाएगा। साथ ही पीडब्ल्यूडी द्वारा सौंपी गई दिल्ली रोड, हुडा बाईपास, कोनसीवास रोड, पटौदी रोड की लाइटों की भी मेंटनेंस की जाएगी। नई व्यवस्था के बाद मेंटेनेंस पर भी खर्चा काफी काम आएगा। शहर में 45 लाख रुपये की लागत से तिरंगा लाइट्स लगाई गई हैं। कई जगह पर तिरंगा लाइट खराब हो चुकी हैं।
1 वर्ष से कागजी प्रक्रिया में फंसी थी दिव्य नगर योजना की फाइल
दिव्या नगर योजना के लिए पहली बार नगर परिषद में फाइनेंस कमेटी की बैठक 16 फरवरी 2024 को हुई थी। यह बैठक मुख्य रूप से राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विकास कार्यों संबंधी डीपीआर तैयार करने के आदेशों की वजह की गई थी। नगर परिषद में विकास कार्यों को लेकर करीब सात एजेंडे फाइनेंस कमेटी के समक्ष रखे थे। मीटिंग में जो विकास कार्यों की लिस्ट पार्षद तक समक्ष रखी गई, उस पर सभी पार्षदों ने आपसी सहमति दे दी थी। फरवरी माह में इसका पहला टेंडर लगा है।
वर्जन:
दिव्य नगर योजना के तहत फाइल भेजी गई थी, अनुमति मिल चुकी है। इस योजना के तहत टेंडर भी लगाया गया है। योजना के तहत जो भी सप्लाई आएगी, वह कंपनी की तरफ से दी जाएगी। सीसीएमएस पैनल से काफी लाभ होगा। -प्रवीण, एक्सईएन, नगर परिषद रेवाड़ी।