{"_id":"666212b6f018f5e810069caa","slug":"candidates-who-do-not-provide-details-of-expenditure-may-be-declared-ineligible-rewari-news-c-198-1-rew1001-205255-2024-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: खर्च का ब्योरा न देने वाले प्रत्याशी घोषित किए जा सकते हैं अयोग्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: खर्च का ब्योरा न देने वाले प्रत्याशी घोषित किए जा सकते हैं अयोग्य
Fri, 07 Jun 2024 01:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 07 Jun 2024 01:19 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को 4 जून से एक माह के अंदर चुनावी खर्च का ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार तय समयावधि में चुनावी खर्च का ब्योरा न देने वाले उम्मीदवारों को भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
डीसी व जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल हुड्डा ने बताया कि इस बार लोकसभा आम चुनाव के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार तय की गई थी। उन्होंने बताया कि नियमानुसार उम्मीदवार द्वारा नामांकन पत्र भरने के साथ ही चुनावी खर्च की गणना शुरू हो जाती है। इसके लिए उम्मीदवार को अलग से एक डायरी में अपने रोजाना के चुनावी खर्च का हिसाब रखना होता है और अलग से बैंक खाता भी खुलवाना होता है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक खर्च की गणना चलती है। इस दौरान कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा पैसा नहीं खर्च कर सकता।
उन्होंने बताया कि लोकसभा आम चुनाव के परिणाम घोषित हो चुके हैं तथा अब चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चुनाव परिणाम तिथि से एक माह के अंदर-अंदर उम्मीदवारों को अपने चुनाव खर्च का ब्यौरा देना अनिवार्य है।े
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को 4 जून से एक माह के अंदर चुनावी खर्च का ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार तय समयावधि में चुनावी खर्च का ब्योरा न देने वाले उम्मीदवारों को भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
डीसी व जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल हुड्डा ने बताया कि इस बार लोकसभा आम चुनाव के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार तय की गई थी। उन्होंने बताया कि नियमानुसार उम्मीदवार द्वारा नामांकन पत्र भरने के साथ ही चुनावी खर्च की गणना शुरू हो जाती है। इसके लिए उम्मीदवार को अलग से एक डायरी में अपने रोजाना के चुनावी खर्च का हिसाब रखना होता है और अलग से बैंक खाता भी खुलवाना होता है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक खर्च की गणना चलती है। इस दौरान कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा पैसा नहीं खर्च कर सकता।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि लोकसभा आम चुनाव के परिणाम घोषित हो चुके हैं तथा अब चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चुनाव परिणाम तिथि से एक माह के अंदर-अंदर उम्मीदवारों को अपने चुनाव खर्च का ब्यौरा देना अनिवार्य है।े
विज्ञापन