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Rewari News: बेरली कलां गांव में सबसे ऊंचे 160 फीट के रावण का दहन आज
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फोटो: 36रेवाड़ी। शहर के बास सिताबराय मोहल्ले में 25 फीट के रावण के पुतले को तैयार करते देवे
रेवाड़ी। विजयदशमी पर्व वीरवार को जिलेभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस बार भी जिले में बेरली कलां गांव में सबसे ऊंचे 160 फीट के रावण का दहन होगा। इसी तरह शहर में बावल रोड स्थित हुडा ग्राउंड में रावण के दो 60-60 फीट ऊंचे पुतले का दहन होगा।
शहर के हर चौक-चौराहे पर रावण के छोटे-बड़े पुतले जलाए जाएंगे। हर वर्ष यहां पर श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला व यूनाइटेड क्लब रामलीला समितियों की ओर से रावण दहन कराया जाता है। वहीं बेरली कलां में सर छोटेलाल रामलीला क्लब के सौजन्य से आयोजन होगा।
रावण का दहन दशहरे के दिन गोधूलि बेला में होगा यानी 5:30 बजे के बाद का समय रखा गया है। इससे पहले भगवान राम-लक्ष्मण अपनी सेना के साथ रावण से युद्ध करते हुए शहर के बाजारों से होते हुए आयोजन स्थल तक पहुंचेंगे। उसके बाद भगवान राम की ओर से रावण की नाभि में तीर मारा जाएगा और बुराई के प्रतीक रावण का अंत होगा। बेरली कलां में भी झांकियां निकलेगी।
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इस बार पुतले में ग्रीन पटाखे का प्रयोग
श्रीघंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला के प्रवक्ता याद के सुगंध ने बताया समिति को रावण दहन की परमिशन मिल चुकी है। हुडा ग्राउंड में पुतले का दहन किया जाएगा। रावण का पुतला रोहतक से तैयार कराया गया है। उन्होंने बताया कि समिति की ओर से 60 फीट ऊंचे पुतले का दहन किया जाएगा। हर बार लगभग इतने ही ऊंचे पुतले का दहन किया जाता रहा है। पुतले में कम से कम पटाखे और वह भी ग्रीन पटाखे का ही प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुतले को बनवाने में 60 हजार से ज्यादा का खर्चा आ जाता है। पहले लगभग 5 हजार रुपये में पुतला तैयार हो जाता था।
1 माह में बनकर तैयार हुआ रावण का पुतला
बेरली कलां गांव में सर छोटे लाल रामलीला क्लब की ओर से इस बार 160 फीट ऊंचे रावण का निर्माण किया गया है। क्लब के प्रधान जयवीर ने बताया कि इस क्लब का गठन आजादी से पहले हुआ था। तभी से यहां रामलीला का मंचन किया जा रहा है। यहां की रामलीला में 10 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 साल के बुजुर्ग तक विभिन्न किरदार निभाते हैं। अहम बात यह है कि हर साल यहां जिले का सबसे ऊंचा रावण का पुतला जलाया जाता है। पिछले दो साल पहले 151 फीट ऊंचे रावण का गांव में दहन किया गया था। इस बार रावण की ऊंचाई ओर ज्यादा की गई है। प्रधान ने बताया कि इस पुतले को मुकेश, संजीव, केशव, भोली, विजय, निखिल, मयंक व सोनू आदि कारीगरों ने 1 माह में तैयार किया है। इसमें 20 से ज्यादा लोगों की टीम जुटी हुई है। इस रावण का मुंह 20 फीट, मुकुट 20 फिट, छत्र 25 फीट, रावण का धड़ 70 फीट और पैरों की लंबाई 25 फीट है। पुतले के निर्माण में पौने दो लाख रुपये का खर्च आया है।
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शहर के हर चौक-चौराहे पर रावण के छोटे-बड़े पुतले जलाए जाएंगे। हर वर्ष यहां पर श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला व यूनाइटेड क्लब रामलीला समितियों की ओर से रावण दहन कराया जाता है। वहीं बेरली कलां में सर छोटेलाल रामलीला क्लब के सौजन्य से आयोजन होगा।
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रावण का दहन दशहरे के दिन गोधूलि बेला में होगा यानी 5:30 बजे के बाद का समय रखा गया है। इससे पहले भगवान राम-लक्ष्मण अपनी सेना के साथ रावण से युद्ध करते हुए शहर के बाजारों से होते हुए आयोजन स्थल तक पहुंचेंगे। उसके बाद भगवान राम की ओर से रावण की नाभि में तीर मारा जाएगा और बुराई के प्रतीक रावण का अंत होगा। बेरली कलां में भी झांकियां निकलेगी।
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इस बार पुतले में ग्रीन पटाखे का प्रयोग
श्रीघंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला के प्रवक्ता याद के सुगंध ने बताया समिति को रावण दहन की परमिशन मिल चुकी है। हुडा ग्राउंड में पुतले का दहन किया जाएगा। रावण का पुतला रोहतक से तैयार कराया गया है। उन्होंने बताया कि समिति की ओर से 60 फीट ऊंचे पुतले का दहन किया जाएगा। हर बार लगभग इतने ही ऊंचे पुतले का दहन किया जाता रहा है। पुतले में कम से कम पटाखे और वह भी ग्रीन पटाखे का ही प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुतले को बनवाने में 60 हजार से ज्यादा का खर्चा आ जाता है। पहले लगभग 5 हजार रुपये में पुतला तैयार हो जाता था।
1 माह में बनकर तैयार हुआ रावण का पुतला
बेरली कलां गांव में सर छोटे लाल रामलीला क्लब की ओर से इस बार 160 फीट ऊंचे रावण का निर्माण किया गया है। क्लब के प्रधान जयवीर ने बताया कि इस क्लब का गठन आजादी से पहले हुआ था। तभी से यहां रामलीला का मंचन किया जा रहा है। यहां की रामलीला में 10 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 साल के बुजुर्ग तक विभिन्न किरदार निभाते हैं। अहम बात यह है कि हर साल यहां जिले का सबसे ऊंचा रावण का पुतला जलाया जाता है। पिछले दो साल पहले 151 फीट ऊंचे रावण का गांव में दहन किया गया था। इस बार रावण की ऊंचाई ओर ज्यादा की गई है। प्रधान ने बताया कि इस पुतले को मुकेश, संजीव, केशव, भोली, विजय, निखिल, मयंक व सोनू आदि कारीगरों ने 1 माह में तैयार किया है। इसमें 20 से ज्यादा लोगों की टीम जुटी हुई है। इस रावण का मुंह 20 फीट, मुकुट 20 फिट, छत्र 25 फीट, रावण का धड़ 70 फीट और पैरों की लंबाई 25 फीट है। पुतले के निर्माण में पौने दो लाख रुपये का खर्च आया है।