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Rewari News: नागरिक अस्पताल में तीन माह बाद ब्रोंकोस्कोपिक टेस्ट फिर शुरू
Wed, 04 Jun 2025 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 04 Jun 2025 11:29 PM IST
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फोटो : 11सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे लोग। संवाद
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में लंबी खांसी की जांच के लिए होने वाला ब्रोंकोस्कोपी टेस्ट फिर से शुरू हो गया है। नए भवन की मरम्मत के चलते यह टेस्ट तीन माह से बंद था। अब रोगियों को रोहतक या फिर गुरुग्राम नहीं जाना पड़ेगा।
इस मशीन के माध्यम से फेफड़ों के कैंसर की भी जांच की जा सकती है। ब्रोंकोस्कोपी जांच निजी अस्पतालों में 8 से 10 हजार में होती है, लेकिन नागरिक अस्पताल में निशुल्क होती है। ब्रोंकोस्कोपी फेफड़ों की जांच करने का एक आसान परीक्षण है। इस प्रक्रिया में एक छोटी ट्यूब नाक या मुंह द्वारा फेफड़ों में डाली जाती है।
यह परीक्षण फेफड़ों की बीमारी की जांच करने या बलगम हटाने के लिए किया जाता है। इसमें टिशू का एक छोटा टुकड़ा निकालकर उसकी प्रयोगशाला में जांच की जाती है। इसे दूसरी भाषा में बायोप्सी भी कहते हैं। ब्रोंकोस्कोपी होने में कम से कम 30 से 60 मिनट का समय लगता है। ब्रोंकोस्कॉपी के बाद कम से कम 1 से 3 घंटे तक व्यक्ति को रिकवरी रूम में ही रहना पड़ता है।
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क्या है ब्रोंकोस्कॉपी का प्रयोग
सांस नली की समस्याएं जैसे सांस लेने में तकलीफ या पुरानी पड़ चुकी खांसी का पता लगाने के लिए ब्रोंकोस्कॉपी का प्रयोग किया जाता है। यदि एक्स-रे या सीटी स्कैन से छाती लिंफनोड या फेफड़ों में कोई तकलीफ पाई गई हो तो उनकी जांच के लिए फेफड़ों में टिश्यू के सैंपल निकालने के लिए भी ब्रोंकोस्कोपी का प्रयोग किया जाता है। ब्रॉन्कोस्कोपी जांच पल्मनोलॉजिस्ट अर्थात सांस रोग विशेषज्ञ व उनके एक सहायक के द्वारा की जाती है। इस जांच के दौरान मरीज के ब्लड प्रेशर व शरीर में ऑक्सीजन की स्तर की भी जांच की जाती है अथवा जांच से पहले और बाद में चेस्ट एक्स-रे भी किया जाता है। सैंपल की जांच के दौरान फेफड़ों के संक्रमण या कोई अन्य बीमारी जैसे फेफड़ों का कैंसर या टीबी सामने आ सकती है।
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नागरिक अस्पताल में ब्रोंकोस्कोपी जांच की सुविधा शुरू हो गई है। अस्पताल में मरम्मत कार्य के चलते यह टेस्ट कुछ समय से बंद था। अब इसे दोबारा से शुरू कर दिया गया है। इस टेस्ट को नागरिक अस्पताल में 2022 में शुरू किया गया था। उससे पहले मरीजों को रोहतक या फिर गुरुग्राम में जाना पड़ता था। अब नागरिक अस्पताल में भी ब्रोंकोस्कोपी के माध्यम से फेफड़ों की जांच निशुल्क की जा रही है।
- डॉ. सुमित कौशिक, श्वास रोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी
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इस मशीन के माध्यम से फेफड़ों के कैंसर की भी जांच की जा सकती है। ब्रोंकोस्कोपी जांच निजी अस्पतालों में 8 से 10 हजार में होती है, लेकिन नागरिक अस्पताल में निशुल्क होती है। ब्रोंकोस्कोपी फेफड़ों की जांच करने का एक आसान परीक्षण है। इस प्रक्रिया में एक छोटी ट्यूब नाक या मुंह द्वारा फेफड़ों में डाली जाती है।
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यह परीक्षण फेफड़ों की बीमारी की जांच करने या बलगम हटाने के लिए किया जाता है। इसमें टिशू का एक छोटा टुकड़ा निकालकर उसकी प्रयोगशाला में जांच की जाती है। इसे दूसरी भाषा में बायोप्सी भी कहते हैं। ब्रोंकोस्कोपी होने में कम से कम 30 से 60 मिनट का समय लगता है। ब्रोंकोस्कॉपी के बाद कम से कम 1 से 3 घंटे तक व्यक्ति को रिकवरी रूम में ही रहना पड़ता है।
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क्या है ब्रोंकोस्कॉपी का प्रयोग
सांस नली की समस्याएं जैसे सांस लेने में तकलीफ या पुरानी पड़ चुकी खांसी का पता लगाने के लिए ब्रोंकोस्कॉपी का प्रयोग किया जाता है। यदि एक्स-रे या सीटी स्कैन से छाती लिंफनोड या फेफड़ों में कोई तकलीफ पाई गई हो तो उनकी जांच के लिए फेफड़ों में टिश्यू के सैंपल निकालने के लिए भी ब्रोंकोस्कोपी का प्रयोग किया जाता है। ब्रॉन्कोस्कोपी जांच पल्मनोलॉजिस्ट अर्थात सांस रोग विशेषज्ञ व उनके एक सहायक के द्वारा की जाती है। इस जांच के दौरान मरीज के ब्लड प्रेशर व शरीर में ऑक्सीजन की स्तर की भी जांच की जाती है अथवा जांच से पहले और बाद में चेस्ट एक्स-रे भी किया जाता है। सैंपल की जांच के दौरान फेफड़ों के संक्रमण या कोई अन्य बीमारी जैसे फेफड़ों का कैंसर या टीबी सामने आ सकती है।
नागरिक अस्पताल में ब्रोंकोस्कोपी जांच की सुविधा शुरू हो गई है। अस्पताल में मरम्मत कार्य के चलते यह टेस्ट कुछ समय से बंद था। अब इसे दोबारा से शुरू कर दिया गया है। इस टेस्ट को नागरिक अस्पताल में 2022 में शुरू किया गया था। उससे पहले मरीजों को रोहतक या फिर गुरुग्राम में जाना पड़ता था। अब नागरिक अस्पताल में भी ब्रोंकोस्कोपी के माध्यम से फेफड़ों की जांच निशुल्क की जा रही है।
- डॉ. सुमित कौशिक, श्वास रोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी