{"_id":"632b5e887b9fdf539d143f21","slug":"become-a-soldier-who-breaks-the-chains-of-language-dr-ashok-rewari-news-rtk65871830","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंदी सप्ताह समापन समारोह - हम भाषा की जंजीरों को तोड़ने वाले सिपाही बने - डॉ अशोक बत्तरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदी सप्ताह समापन समारोह - हम भाषा की जंजीरों को तोड़ने वाले सिपाही बने - डॉ अशोक बत्तरा
विज्ञापन
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर में 14 से 21 सितंबर तक हिंदी विभाग एवं छात्र कल्याण विभाग ने संयुक्त से हिंदी सप्ताह मनाते हुए विभिन्न प्रतियोगिताएं कराईं। बुधवार को समापन कार्यक्रम में छात्राओं ने रंगोली बनाने के साथ ही चंदन और रोली का तिलक लगाकर अतिथियों का स्वागत किया।
विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. अशोक बत्रा ने छात्र शक्ति को कविताओं से भाषायी प्रेम का संदेश दिया। बेटियों पर उनके छंद सभी ने पसंद किए। उन्होंने कहा कि हम भाषा की जंजीरों को तोड़ने वाले सिपाही बनें। 18 बोलियों के संगम से बनी हिंदी ने बड़ी बहन की भूमिका निभाते हुए सभी बोलियों को अपने गले से लगाया। हमें हिंदी के पठन-पाठन की सरल पद्धति अपनानी होगी। अपने हस्ताक्षर, संदेश, नाम पट्टिका आदि में हिंदी भाषा इस्तेमाल करनी होगी।
कार्यक्रम के अध्यक्ष कुलपति प्रो. जेपी यादव ने कहा कि राष्ट्रभाषा हिंदी समानता का संदेश देती है। यह रस और प्यार की भाषा है। जो सबको जोड़ती है। उन्होंने बाबू बालमुकुंद गुप्त को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुभाष शर्मा ने मुख्य अतिथि का पुष्प गुच्छ, शॉल और पौधा भेंट कर अभिनंदन किया। डॉ. सुधीर ने भी काव्य पाठ किया। वहीं निबंध लेखन प्रतियोगिता में पूनम प्रथम (अर्थशास्त्र), मौसम द्वितीय (राजनीति विज्ञान), रजत तृतीय (विधि विभाग) रहे। कविता लेखन प्रतियोगिता में चंचल प्रथम (रसायन शास्त्र), नवीन कुमार द्वितीय (हिंदी), अक्षय तृतीय स्थान (प्रबंधन विभाग) पर रहे। पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता में अनीता प्रथम (इतिहास), नम्रता द्वितीय (सामाजिक कार्य), निष्ठा तृतीय (अंग्रेजी विभाग) स्थान पर रही। भाषण प्रतियोगिता में संदीप कौशिक प्रथम (विधि विभाग), नवदीप द्वितीय (पर्यावरण विज्ञान), रामावतार तृतीय (विधि विभाग) स्थान पर रहे। कविता पाठ प्रतियोगिता में रिंकी प्रथम (रसायन शास्त्र), गजानंद द्वितीय (योग), अक्षय तृतीय (प्रबंधन विभाग) स्थान पर रहे।
विज्ञापन
कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार ने विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई दी। कहा कि आज इंटरनेट के माध्यम से पूरी दुनिया को जोड़ने का श्रेय हिंदी भाषा को जाता है। हिंदी का दायरा निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने इस कार्यक्रम के सफल संचालन व इसमें सहयोग देने के लिए सभी को बधाई दी। कार्यक्रम में अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रो. मंजू परुथी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग प्रो. विजय कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. महावीर, डॉ. रश्मि, डॉ. रीना, डॉ. राजेंद्र सहित सभी शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारी व विभिन्न विभागों के विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जागीर नागर और डॉ. अर्चना यादव ने किया।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. अशोक बत्रा ने छात्र शक्ति को कविताओं से भाषायी प्रेम का संदेश दिया। बेटियों पर उनके छंद सभी ने पसंद किए। उन्होंने कहा कि हम भाषा की जंजीरों को तोड़ने वाले सिपाही बनें। 18 बोलियों के संगम से बनी हिंदी ने बड़ी बहन की भूमिका निभाते हुए सभी बोलियों को अपने गले से लगाया। हमें हिंदी के पठन-पाठन की सरल पद्धति अपनानी होगी। अपने हस्ताक्षर, संदेश, नाम पट्टिका आदि में हिंदी भाषा इस्तेमाल करनी होगी।
विज्ञापन
कार्यक्रम के अध्यक्ष कुलपति प्रो. जेपी यादव ने कहा कि राष्ट्रभाषा हिंदी समानता का संदेश देती है। यह रस और प्यार की भाषा है। जो सबको जोड़ती है। उन्होंने बाबू बालमुकुंद गुप्त को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुभाष शर्मा ने मुख्य अतिथि का पुष्प गुच्छ, शॉल और पौधा भेंट कर अभिनंदन किया। डॉ. सुधीर ने भी काव्य पाठ किया। वहीं निबंध लेखन प्रतियोगिता में पूनम प्रथम (अर्थशास्त्र), मौसम द्वितीय (राजनीति विज्ञान), रजत तृतीय (विधि विभाग) रहे। कविता लेखन प्रतियोगिता में चंचल प्रथम (रसायन शास्त्र), नवीन कुमार द्वितीय (हिंदी), अक्षय तृतीय स्थान (प्रबंधन विभाग) पर रहे। पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता में अनीता प्रथम (इतिहास), नम्रता द्वितीय (सामाजिक कार्य), निष्ठा तृतीय (अंग्रेजी विभाग) स्थान पर रही। भाषण प्रतियोगिता में संदीप कौशिक प्रथम (विधि विभाग), नवदीप द्वितीय (पर्यावरण विज्ञान), रामावतार तृतीय (विधि विभाग) स्थान पर रहे। कविता पाठ प्रतियोगिता में रिंकी प्रथम (रसायन शास्त्र), गजानंद द्वितीय (योग), अक्षय तृतीय (प्रबंधन विभाग) स्थान पर रहे।
विज्ञापन
कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार ने विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई दी। कहा कि आज इंटरनेट के माध्यम से पूरी दुनिया को जोड़ने का श्रेय हिंदी भाषा को जाता है। हिंदी का दायरा निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने इस कार्यक्रम के सफल संचालन व इसमें सहयोग देने के लिए सभी को बधाई दी। कार्यक्रम में अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रो. मंजू परुथी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग प्रो. विजय कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. महावीर, डॉ. रश्मि, डॉ. रीना, डॉ. राजेंद्र सहित सभी शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारी व विभिन्न विभागों के विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जागीर नागर और डॉ. अर्चना यादव ने किया।