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Rewari News: धारूहेड़ा नगरपालिका में उपप्रधान चुनाव की जंग तेज, कल होगा फैसला
Sat, 29 Aug 2026 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 29 Aug 2026 11:45 PM IST
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नगरपालिका कार्यालय धारूहेड़ा। संवाद
धारूहेड़ा। धारूहेड़ा नगरपालिका के उपप्रधान पद के चुनाव को लेकर अब चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। 31 अगस्त को होने वाले चुनाव को लेकर संभावित उम्मीदवारों ने जोड़-तोड़ तेज कर दी है। उपप्रधान की कुर्सी हासिल करने के लिए दावेदार नगरपालिका के पार्षदों से संपर्क साधने में जुटे हुए हैं। चुनाव से पहले हर उम्मीदवार अपने पक्ष में अधिक से अधिक पार्षदों का समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
उपमंडल अधिकारी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 31 अगस्त को दोपहर सवा 2 बजे नगरपालिका कार्यालय धारूहेड़ा में बैठक आयोजित होगी। इसी बैठक में उपप्रधान पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसके बाद 2 बजकर 40 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक उपप्रधान पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। नामांकन के दौरान उम्मीदवारों के लिए प्रस्तावक और समर्थक की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। नामांकन दाखिल होने के बाद 3 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक नामांकन पत्रों की जांच होगी।
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इसके बाद उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का मौका दिया जाएगा। शाम 4 बजे तक नाम वापसी की प्रक्रिया चलेगी। नाम वापसी के बाद ही उपप्रधान पद के चुनाव की वास्तविक तस्वीर साफ होगी कि मुकाबला कितने उम्मीदवारों के बीच होगा।
एक-एक पार्षद के समर्थन पर नजर
उपप्रधान पद के चुनाव में पार्षदों की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है। यही वजह है कि संभावित उम्मीदवारों की नजर अब प्रत्येक पार्षद के समर्थन पर टिकी हुई है। उम्मीदवार अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं। वहीं पार्षद भी चुनाव से पहले अपने राजनीतिक रुख को लेकर रणनीति बनाने में लगे हुए हैं। चुनाव से पहले संभावित उम्मीदवारों के बीच राजनीतिक समीकरण बनाने और बिगाड़ने का दौर शुरू हो चुका है। एक-एक पार्षद का समर्थन चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में जिन पार्षदों ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है, उनकी भूमिका भी चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नामांकन के बाद पता चलेगा कौन-कौन मैदान में
अभी उपप्रधान पद के चुनाव में वास्तविक मुकाबला किन उम्मीदवारों के बीच होगा, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। 31 अगस्त को नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवारों की स्थिति सामने आएगी। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं तो पार्षदों के समर्थन से उपप्रधान पद का फैसला होगा। ऐसे में चुनाव से पहले उम्मीदवारों की ओर से किए जा रहे राजनीतिक प्रयासों को काफी अहम माना जा रहा है।
आखिरी समय तक बदल सकता है चुनावी गणित
संभावित उम्मीदवार अपने-अपने समर्थकों के साथ रणनीति बनाने में जुटे हैं। वहीं, चुनावी समीकरणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि किस उम्मीदवार के साथ कितने पार्षद हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में समर्थन को लेकर किए जा रहे दावों की असली परीक्षा 31 अगस्त को ही होगी। फिलहाल दावेदार अपने-अपने स्तर पर चुनावी गणित मजबूत करने में जुटे हैं।
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उपमंडल अधिकारी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 31 अगस्त को दोपहर सवा 2 बजे नगरपालिका कार्यालय धारूहेड़ा में बैठक आयोजित होगी। इसी बैठक में उपप्रधान पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।
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इसके बाद 2 बजकर 40 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक उपप्रधान पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। नामांकन के दौरान उम्मीदवारों के लिए प्रस्तावक और समर्थक की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। नामांकन दाखिल होने के बाद 3 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक नामांकन पत्रों की जांच होगी।
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इसके बाद उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का मौका दिया जाएगा। शाम 4 बजे तक नाम वापसी की प्रक्रिया चलेगी। नाम वापसी के बाद ही उपप्रधान पद के चुनाव की वास्तविक तस्वीर साफ होगी कि मुकाबला कितने उम्मीदवारों के बीच होगा।
एक-एक पार्षद के समर्थन पर नजर
उपप्रधान पद के चुनाव में पार्षदों की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है। यही वजह है कि संभावित उम्मीदवारों की नजर अब प्रत्येक पार्षद के समर्थन पर टिकी हुई है। उम्मीदवार अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं। वहीं पार्षद भी चुनाव से पहले अपने राजनीतिक रुख को लेकर रणनीति बनाने में लगे हुए हैं। चुनाव से पहले संभावित उम्मीदवारों के बीच राजनीतिक समीकरण बनाने और बिगाड़ने का दौर शुरू हो चुका है। एक-एक पार्षद का समर्थन चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में जिन पार्षदों ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है, उनकी भूमिका भी चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नामांकन के बाद पता चलेगा कौन-कौन मैदान में
अभी उपप्रधान पद के चुनाव में वास्तविक मुकाबला किन उम्मीदवारों के बीच होगा, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। 31 अगस्त को नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवारों की स्थिति सामने आएगी। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं तो पार्षदों के समर्थन से उपप्रधान पद का फैसला होगा। ऐसे में चुनाव से पहले उम्मीदवारों की ओर से किए जा रहे राजनीतिक प्रयासों को काफी अहम माना जा रहा है।
आखिरी समय तक बदल सकता है चुनावी गणित
संभावित उम्मीदवार अपने-अपने समर्थकों के साथ रणनीति बनाने में जुटे हैं। वहीं, चुनावी समीकरणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि किस उम्मीदवार के साथ कितने पार्षद हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में समर्थन को लेकर किए जा रहे दावों की असली परीक्षा 31 अगस्त को ही होगी। फिलहाल दावेदार अपने-अपने स्तर पर चुनावी गणित मजबूत करने में जुटे हैं।