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Rewari News: चैंबर की सिक्योरिटी मनी नहीं लौटाने पर बार एसोसिएशन पर 50 हजार जुर्माना
Tue, 05 Mar 2024 01:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 05 Mar 2024 01:09 AM IST
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रेवाड़ी। एडवोकेट को तय नियमों के अनुसार चैंबर नहीं मिलने और सिक्योरिटी राशि वापस न देने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन एसके खंडूजा ने बार एसोसिएशन पर जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने फैसला में जिला बार एसोसिएशन को 50 हजार रुपये वापस करने के आदेश दिए हैं। साथ ही केस में खर्च हुए 10 हजार रुपये और 9% ब्याज के साथ रकम जोड़कर पीड़ित को लौटाने के आदेश दिए हैं। पैसा समय पर नहीं दिया तो 1 लाख रुपये का जुर्माना या सजा दोनों हो सकती है।
गांव पिथरावास निवासी एडवोकेट समय प्रकाश ने कोर्ट को बताया कि 11 नवंबर 2018 को चैंबर के लिए आवेदन मांगे गए थे। तब उन्होंने और उनके एक साथी वकील ने एक साथ मिलकर चेंबर के लिए आवेदन किया था। एक चैंबर के लिए दो वकीलों को होना जरूरी था। चैंबर के लिए सिक्योरिटी के तौर पर 50 हजार की राशि भरनी होती थी। दोनों ने 25-25 हजार रुपये सिक्योरिटी के रूप में भरे थे। साथ में यह शर्त रखी गई थी कि अगर ड्राॅ नहीं निकलता है तो राशि वापस कर दी जाएगी। वकील समय प्रकाश का कहना है कि ड्राॅ निकलने के बाद उनका नाम नहीं आया और जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो टाल-मटोल किया गया। इस तरह देखते ही देखते 3 साल बीत गए। कई बार इसका मुद्दा मीटिंग में भी उठाया गया, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हुआ। उसके बाद परेशान होकर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में जाकर याचिका दायर की थी।
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गांव पिथरावास निवासी एडवोकेट समय प्रकाश ने कोर्ट को बताया कि 11 नवंबर 2018 को चैंबर के लिए आवेदन मांगे गए थे। तब उन्होंने और उनके एक साथी वकील ने एक साथ मिलकर चेंबर के लिए आवेदन किया था। एक चैंबर के लिए दो वकीलों को होना जरूरी था। चैंबर के लिए सिक्योरिटी के तौर पर 50 हजार की राशि भरनी होती थी। दोनों ने 25-25 हजार रुपये सिक्योरिटी के रूप में भरे थे। साथ में यह शर्त रखी गई थी कि अगर ड्राॅ नहीं निकलता है तो राशि वापस कर दी जाएगी। वकील समय प्रकाश का कहना है कि ड्राॅ निकलने के बाद उनका नाम नहीं आया और जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो टाल-मटोल किया गया। इस तरह देखते ही देखते 3 साल बीत गए। कई बार इसका मुद्दा मीटिंग में भी उठाया गया, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हुआ। उसके बाद परेशान होकर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में जाकर याचिका दायर की थी।
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