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Rewari News: सायरन बजते ही बचाव कार्य में जुट गईं टीमें
Sun, 01 Jun 2025 12:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:30 AM IST
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ऑपरेशन शील्ड के तहत माक ड्रिल के दौरान अभ्यास करते आमजन साथ में प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी। स
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। आपातकाल में विषम परिस्थितियों से निपटने और बचाव के लिए शनिवार को ऑपरेशन शील्ड के तहत नागरिक सुरक्षा अभ्यास किया गया। शाम 5 बजे से मॉकड्रिल शुरू हुई। सायरन बजते ही अधिकारी और आपदा बचाव की टीमें सक्रिय हो गईं। बचाव कार्य में लगी टीमों ने बिल्डिगों में फंसे लोगों को सुरक्षित उतारा और उन्हें अस्पताल भेजा।
आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए नागरिक सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया गया। जिला पुलिस लाइन परिसर में निर्धारित समयावधि में यह मॉकड्रिल हुई। शाम 5 बजे सायरन बजने के साथ ही पुलिस लाइन परिसर, बीएमजी टाउनशिप, बावल कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र और कोसली सामान्य अस्पताल में अभ्यास शुरू किया गया।
सायरन के बजने ही बचाव टीमें सक्रिय हो गईं और लोग स्वयं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे। जहां कहीं भी आपदा की स्थिति के दौरान लोग ऊपरी तलों पर फंस गए थे, उन्हें सुरक्षित तरीके से फायर ब्रिगेड कर्मियों व आपदा मित्रों व एनसीसी वॉलिंटियर्स ने नीचे उतारा।
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सभी को निकटवर्ती अस्पताल में पहुंचाया गया। पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल के बाद विभागीय स्तर पर रिस्पॉन्स टाइम भी चेक किया गया। ऑपरेशन शील्ड के दौरान सायरन बजाकर चेतावनी दी गई। बचाव कार्य किया गया। सायं 8 बजे से 8:15 बजे तक ब्लैकआउट किया गया। विभिन्न विभागों की मॉकड्रिल का मूल्यांकन किया गया।
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इन बातों का रखें ध्यान
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया कि आपता की स्थिति में सुरक्षित आंतरिक कमरे या तहखाने की पहचान करें। फॅमिली ड्रिल्स का अभ्यास करें, लाइट बंद करें, 1-2 मिनट के भीतर सुरक्षित क्षेत्र में इकट्ठे हों। उन्होंने बताया कि लोगों में जागरूकता लाने के लिए कंट्रोल रूम सचिवालय में बनाया गया था जिसमें कंट्रोल रूम नंबर टोल फ्री नम्बर 18001801530 व 01274-225145 बारे जानकारी आमजन को दी गई थी।
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रेवाड़ी। आपातकाल में विषम परिस्थितियों से निपटने और बचाव के लिए शनिवार को ऑपरेशन शील्ड के तहत नागरिक सुरक्षा अभ्यास किया गया। शाम 5 बजे से मॉकड्रिल शुरू हुई। सायरन बजते ही अधिकारी और आपदा बचाव की टीमें सक्रिय हो गईं। बचाव कार्य में लगी टीमों ने बिल्डिगों में फंसे लोगों को सुरक्षित उतारा और उन्हें अस्पताल भेजा।
आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए नागरिक सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया गया। जिला पुलिस लाइन परिसर में निर्धारित समयावधि में यह मॉकड्रिल हुई। शाम 5 बजे सायरन बजने के साथ ही पुलिस लाइन परिसर, बीएमजी टाउनशिप, बावल कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र और कोसली सामान्य अस्पताल में अभ्यास शुरू किया गया।
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सायरन के बजने ही बचाव टीमें सक्रिय हो गईं और लोग स्वयं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे। जहां कहीं भी आपदा की स्थिति के दौरान लोग ऊपरी तलों पर फंस गए थे, उन्हें सुरक्षित तरीके से फायर ब्रिगेड कर्मियों व आपदा मित्रों व एनसीसी वॉलिंटियर्स ने नीचे उतारा।
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सभी को निकटवर्ती अस्पताल में पहुंचाया गया। पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल के बाद विभागीय स्तर पर रिस्पॉन्स टाइम भी चेक किया गया। ऑपरेशन शील्ड के दौरान सायरन बजाकर चेतावनी दी गई। बचाव कार्य किया गया। सायं 8 बजे से 8:15 बजे तक ब्लैकआउट किया गया। विभिन्न विभागों की मॉकड्रिल का मूल्यांकन किया गया।
इन बातों का रखें ध्यान
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन एवं डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया कि आपता की स्थिति में सुरक्षित आंतरिक कमरे या तहखाने की पहचान करें। फॅमिली ड्रिल्स का अभ्यास करें, लाइट बंद करें, 1-2 मिनट के भीतर सुरक्षित क्षेत्र में इकट्ठे हों। उन्होंने बताया कि लोगों में जागरूकता लाने के लिए कंट्रोल रूम सचिवालय में बनाया गया था जिसमें कंट्रोल रूम नंबर टोल फ्री नम्बर 18001801530 व 01274-225145 बारे जानकारी आमजन को दी गई थी।