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Rewari News: अनाज मंडी में डीएपी को लेकर उमड़े किसान, सुबह से दोपहर तक रहे परेशान
Thu, 01 Oct 2026 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 01 Oct 2026 12:01 AM IST
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डीएपी के लिए लाइन में लगीं महिलाएं व पुरुष। संवाद
- फोटो : गरुड़ के बैजनाथ-पासतोली सड़क पर बिनखोली के पास फंसा ट्रक। संवाद
रेवाड़ी। जिले में डीएपी खाद को लेकर किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को अनाज मंडी में डीएपी लेने के लिए सुबह से ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। खाद लेने के लिए किसान घंटों लाइन में लगे रहे। तेज धूप के बीच महिलाओं को भी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। सुबह से दोपहर तक किसान खाद मिलने की उम्मीद में मंडी में डटे रहे।
किसानों का कहना है कि डीएपी की जरूरत फसलों की बोआई के समय सबसे अधिक होती है, लेकिन समय पर खाद नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में भीड़ अधिक होने के बावजूद किसानों के बैठने या धूप से बचाव के लिए टेंट की व्यवस्था नहीं की गई थी। इससे किसान और महिलाएं तेज धूप में ही कतार में खड़े रहने को मजबूर रहे।
किसानों के अनुसार डीएपी वितरण के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से भीड़ लगातार बढ़ रही है। कई किसान सुबह जल्दी मंडी पहुंच गए थे, लेकिन दोपहर तक भी खाद के लिए इंतजार करना पड़ा। किसानों का कहना है कि यदि खाद उपलब्ध है तो उसके वितरण के लिए भीड़ को नियंत्रित करने और किसानों को सुविधा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
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खाद लेने पहुंचे किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि डीएपी की उपलब्धता के साथ ही वितरण व्यवस्था को भी बेहतर किया जाए। किसानों के लिए छाया, पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था की जाए, ताकि तेज धूप में उन्हें घंटों परेशान न होना पड़े।
किसानों के लिए छाया की व्यवस्था होनी चाहिए:
किसान सुरेश कुमार ने बताया कि वह सुबह डीएपी लेने के लिए अनाज मंडी पहुंच गए थे। यहां किसानों की काफी भीड़ थी और घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। तेज धूप में खड़े रहने से बुजुर्ग किसानों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हुई। किसानों के लिए छाया की व्यवस्था होनी चाहिए थी। किसान महेश ने बताया कि फसल की बोआई के लिए डीएपी जरूरी है, इसलिए किसान मजबूरी में घंटों लाइन में खड़े हैं। सुबह आने के बाद भी खाद मिलने में काफी समय लग रहा है। मंडी में भीड़ को देखते हुए वितरण व्यवस्था बेहतर करने के साथ किसानों के लिए टेंट और पीने के पानी की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।
वर्जन
जिले में डीएपी की कोई कमी नहीं है। किसानों से अपील है कि घबराएं नहीं। डीएपी को लेकर स्टॉक मौजूद है।-डॉ. अनिल, कृषि अधिकारी
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किसानों का कहना है कि डीएपी की जरूरत फसलों की बोआई के समय सबसे अधिक होती है, लेकिन समय पर खाद नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में भीड़ अधिक होने के बावजूद किसानों के बैठने या धूप से बचाव के लिए टेंट की व्यवस्था नहीं की गई थी। इससे किसान और महिलाएं तेज धूप में ही कतार में खड़े रहने को मजबूर रहे।
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किसानों के अनुसार डीएपी वितरण के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से भीड़ लगातार बढ़ रही है। कई किसान सुबह जल्दी मंडी पहुंच गए थे, लेकिन दोपहर तक भी खाद के लिए इंतजार करना पड़ा। किसानों का कहना है कि यदि खाद उपलब्ध है तो उसके वितरण के लिए भीड़ को नियंत्रित करने और किसानों को सुविधा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
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खाद लेने पहुंचे किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि डीएपी की उपलब्धता के साथ ही वितरण व्यवस्था को भी बेहतर किया जाए। किसानों के लिए छाया, पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था की जाए, ताकि तेज धूप में उन्हें घंटों परेशान न होना पड़े।
किसानों के लिए छाया की व्यवस्था होनी चाहिए:
किसान सुरेश कुमार ने बताया कि वह सुबह डीएपी लेने के लिए अनाज मंडी पहुंच गए थे। यहां किसानों की काफी भीड़ थी और घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। तेज धूप में खड़े रहने से बुजुर्ग किसानों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हुई। किसानों के लिए छाया की व्यवस्था होनी चाहिए थी। किसान महेश ने बताया कि फसल की बोआई के लिए डीएपी जरूरी है, इसलिए किसान मजबूरी में घंटों लाइन में खड़े हैं। सुबह आने के बाद भी खाद मिलने में काफी समय लग रहा है। मंडी में भीड़ को देखते हुए वितरण व्यवस्था बेहतर करने के साथ किसानों के लिए टेंट और पीने के पानी की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।
वर्जन
जिले में डीएपी की कोई कमी नहीं है। किसानों से अपील है कि घबराएं नहीं। डीएपी को लेकर स्टॉक मौजूद है।-डॉ. अनिल, कृषि अधिकारी