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समाज और संस्कृति से जुड़ी होती है कला : प्रो. जेपी यादव
Fri, 21 Feb 2025 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 21 Feb 2025 11:43 PM IST
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फोटो: 05रेवाड़ी। पाली स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजित सेमिनार में अपने विचार रखत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंड। गांव पाली स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से राष्ट्रीय सेमिनार के पहले दिन की शुरुआत मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर जयप्रकाश यादव ने किया।
कुलपति ने सरस्वती माता के सामने दीप प्रज्वलित सेमिनार की शुरुआत की। प्राचार्य डॉक्टर करण सिंह यादव ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया। कुलपति ने कहा कि कला केवल एक अभिव्यक्ति का रूप नहीं है, बल्कि यह समाज और संस्कृति से जुड़ी होती है। कला के माध्यम से कलाकार समाज में अपनी पहचान स्थापित करता है और समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करता है।
आरडीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर दलबीर सिंह ने कहा कि पाली महाविद्यालय को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के द्वारा प्रोजेक्ट वर्क और सेमिनार के लिए 25 लाख रुपये की राशि दी गई है जो गौरव की बात है। हेमेंद्र चंडालिया ने कहा कि लोकनाट्य के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाई जा सकती है और सामाजिक बदलावों को प्रेरित किया जा सकता है। पहले दिन के सत्रों में लोकनाट्य के विभिन्न रूपों जैसे नाटक, रंगमंच और लोक नृत्य पर गहन चर्चा की गई।
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यह बताया गया कि कैसे लोकनाट्य ने समाज में जागरूकता फैलाई और विभिन्न सामाजिक बदलावों को प्रेरित किया इस सेमिनार का उद्देश्य भारतीय लोकनाट्य की समृद्ध परंपरा को पुनः जीवित करना और इसे भविष्य की पीढि़यों तक पहुंचना है। सेमिनार के दूसरे दिन और भी विशिष्ट सत्रों का आयोजन होगा, जिनमें लोकनाट्य के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी यह सेमिनार कला, संस्कृति और इतिहास के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है। सेमिनार का संचालन डॉक्टर ज्योति यादव ने किया।
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कुंड। गांव पाली स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से राष्ट्रीय सेमिनार के पहले दिन की शुरुआत मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर जयप्रकाश यादव ने किया।
कुलपति ने सरस्वती माता के सामने दीप प्रज्वलित सेमिनार की शुरुआत की। प्राचार्य डॉक्टर करण सिंह यादव ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया। कुलपति ने कहा कि कला केवल एक अभिव्यक्ति का रूप नहीं है, बल्कि यह समाज और संस्कृति से जुड़ी होती है। कला के माध्यम से कलाकार समाज में अपनी पहचान स्थापित करता है और समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करता है।
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आरडीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर दलबीर सिंह ने कहा कि पाली महाविद्यालय को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के द्वारा प्रोजेक्ट वर्क और सेमिनार के लिए 25 लाख रुपये की राशि दी गई है जो गौरव की बात है। हेमेंद्र चंडालिया ने कहा कि लोकनाट्य के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाई जा सकती है और सामाजिक बदलावों को प्रेरित किया जा सकता है। पहले दिन के सत्रों में लोकनाट्य के विभिन्न रूपों जैसे नाटक, रंगमंच और लोक नृत्य पर गहन चर्चा की गई।
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यह बताया गया कि कैसे लोकनाट्य ने समाज में जागरूकता फैलाई और विभिन्न सामाजिक बदलावों को प्रेरित किया इस सेमिनार का उद्देश्य भारतीय लोकनाट्य की समृद्ध परंपरा को पुनः जीवित करना और इसे भविष्य की पीढि़यों तक पहुंचना है। सेमिनार के दूसरे दिन और भी विशिष्ट सत्रों का आयोजन होगा, जिनमें लोकनाट्य के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी यह सेमिनार कला, संस्कृति और इतिहास के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है। सेमिनार का संचालन डॉक्टर ज्योति यादव ने किया।