{"_id":"6a2c45a535f0cbbee4069e73","slug":"animal-feed-becomes-expensive-financial-burden-on-livestock-owners-increases-rewari-news-c-198-1-fth1001-240070-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: पशु आहार महंगा, पशुपालकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: पशु आहार महंगा, पशुपालकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
Fri, 12 Jun 2026 11:15 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 12 Jun 2026 11:15 PM IST
विज्ञापन
चारा खाते पशु । संवाद
रेवाड़ी। जिले में पशु आहार, भूसा और अन्य चारा सामग्री की लगातार बढ़ती कीमतों ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले चार महीनों में पशु आहार के दाम 100 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गए हैं जबकि दूध के भाव में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे पशुपालन का खर्च बढ़ने के साथ मुनाफा घटता जा रहा है।
परशुराम कॉलोनी निवासी पशुपालक सुरेश कुमार ने बताया कि एक गाय या भैंस को प्रतिदिन चार से छह किलो तक पशु आहार की जरूरत होती है। चारे की बढ़ती कीमतों के कारण छोटे पशुपालकों पर सबसे अधिक असर पड़ा है।
कई परिवारों ने पशुओं की संख्या कम कर दी है। पहले जहां छह पशु पालने वाले परिवार थे, वहीं अब कई घरों में केवल दो पशु ही रह गए हैं।
यादव नगर निवासी पशुपालक रामकुमार ने बताया कि शहरों में भी दूध 80 रुपये प्रति लीटर तक मुश्किल से बिक रहा है, जबकि गांवों में दूध 65 से 70 रुपये प्रति लीटर के भाव पर खरीदा जा रहा है। ऐसे में पशुओं के पालन-पोषण और चारे का खर्च निकालना भी कठिन होता जा रहा है।
विज्ञापन
-- -- --
कच्चे माल की महंगाई का पशु आहार पर असर
नई अनाज मंडी स्थित पशु आहार विक्रेता जतिन गुप्ता ने बताया कि इस बार नरमा की उपलब्धता कम रहने से बिनौला, खल और अन्य पशु आहार सामग्री के दाम बढ़ गए हैं। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि का असर तैयार पशु आहार पर भी देखने को मिल रहा है। पशु आहार विक्रेता संदीप ने कहा कि सरसों खल, गेहूं चोकर और अन्य फीड सामग्री के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। इसके कारण पशु आहार तैयार करने की लागत बढ़ गई है, जिसका असर बाजार में बिक्री कीमतों पर पड़ रहा है। इससे पशुपालकों का खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है।
-- -- --
पशु आहार सामग्री के बढ़े दाम
वस्तु-- पहले का भाव-- वर्तमान भाव
काला बिनौला (50 किग्रा)-- 2800 रुपये-- 3000 रुपये
नरमा बिनौला (50 किग्रा)-- 2700 रुपये-- 2900 रुपये
खल (50 किग्रा)-- 2100 रुपये-- 2420 रुपये
चने-- 60 रुपये किग्रा-- 80 रुपये किग्रा
भूसा (प्रति क्विंटल)-- 600 रुपये-- 900 रुपये
विज्ञापन
परशुराम कॉलोनी निवासी पशुपालक सुरेश कुमार ने बताया कि एक गाय या भैंस को प्रतिदिन चार से छह किलो तक पशु आहार की जरूरत होती है। चारे की बढ़ती कीमतों के कारण छोटे पशुपालकों पर सबसे अधिक असर पड़ा है।
विज्ञापन
कई परिवारों ने पशुओं की संख्या कम कर दी है। पहले जहां छह पशु पालने वाले परिवार थे, वहीं अब कई घरों में केवल दो पशु ही रह गए हैं।
यादव नगर निवासी पशुपालक रामकुमार ने बताया कि शहरों में भी दूध 80 रुपये प्रति लीटर तक मुश्किल से बिक रहा है, जबकि गांवों में दूध 65 से 70 रुपये प्रति लीटर के भाव पर खरीदा जा रहा है। ऐसे में पशुओं के पालन-पोषण और चारे का खर्च निकालना भी कठिन होता जा रहा है।
विज्ञापन
कच्चे माल की महंगाई का पशु आहार पर असर
नई अनाज मंडी स्थित पशु आहार विक्रेता जतिन गुप्ता ने बताया कि इस बार नरमा की उपलब्धता कम रहने से बिनौला, खल और अन्य पशु आहार सामग्री के दाम बढ़ गए हैं। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि का असर तैयार पशु आहार पर भी देखने को मिल रहा है। पशु आहार विक्रेता संदीप ने कहा कि सरसों खल, गेहूं चोकर और अन्य फीड सामग्री के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। इसके कारण पशु आहार तैयार करने की लागत बढ़ गई है, जिसका असर बाजार में बिक्री कीमतों पर पड़ रहा है। इससे पशुपालकों का खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है।
पशु आहार सामग्री के बढ़े दाम
वस्तु
काला बिनौला (50 किग्रा)
नरमा बिनौला (50 किग्रा)
खल (50 किग्रा)
चने
भूसा (प्रति क्विंटल)