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सात साल पहले हुई थी एम्स की घोषणा, अब धरातल पर आएगी योजना

Fri, 21 Oct 2022 12:04 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 21 Oct 2022 12:04 AM IST
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AIIMS was announced seven years ago, now the plan will come on the ground
गांव माजरा में एम्स की जमीन का निरीक्षण करतीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की टीम। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। सात साल लंबे अंतराल, 127 दिन धरना, 94 दिन भूख हड़ताल, पैदल मार्च व गिरफ्तारियों और संघर्ष के बाद एम्स माजरा भालखी की योजना अब धरातल पर आने लगी है। हालांकि जमीन का अधिग्रहण की प्रक्रिया इस साल जुलाई में शुरू हुई और 189 एकड़ भूमि पर आखिर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की टीम ने वीरवार को विधिवत रूप से कब्जा ले लिया है।
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रेवाड़ी के बावल कस्बा में आयोजित रैली के दौरान 2015 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रेवाड़ी के मनेठी में एम्स बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए गांव ने पंचायत की 200 एकड़ से ज्यादा जमीन भी दे दी थी, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी एम्स को लेकर कोई चहल पहल नहीं हुई तो ग्रामीणों ने 9 माह तक लंबा संघर्ष किया और आखिर में 2019 में केंद्र सरकार ने मनेठी में एम्स बनाने की घोषणा कर दी थी। फिर भी मनेठी पंचायत की जमीन अरावली क्षेत्र में होने से वहां पर एम्स नहीं बन सकता था। वहां के ग्रामीणों ने अपनी कृषि योग्य भूमि को सरकार को देने का मन बनाया। फिर वो सिरे नहीं चढ़ सका। इसके लिए माजरा के ग्रामीणों ने अपनी जमीन सरकार को देने की पहल की।
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रोड़ा अटका तो माजरा के ग्रामीणों ने दी जमीन
इसके बाद मनेठी की जमीन पर केंद्रीय वन सलाहकार कमेटी ने आपत्ति लगा दी। इसके बाद एक बार फिर एम्स जैसा बड़े प्रोजेक्ट पर खतरे के बादल मंडरा गए। हालांकि 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अगर आसपास के ग्रामीण जमीन मुहैया कराएंगे तो एम्स यहीं बन जाएगा।
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करीब 15 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री होनी बाकी
माजरा को-ऑपरेटिव सोसाइटी के प्रधान जगदीश कुमार ने बताया कि करीब 15 एकड़ जीमन की रजिस्ट्री होनी बाकी है। इसके लिए कुछ लोग विदेश और फौजी होने की वजह से बची हुई है। हमने इसके लिए उनको सूचना दी हुई है। उनके आते ही जल्द बाकी बची जमीन की भी रजिस्ट्री करवा दी जाएगी।

लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत
मनेठी संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में मनेठी में एम्स की घोषणा हुई थी, लेकिन बीच कुछ कारणों की वजह से एम्स को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वर्ष 2018 में ग्रामीणों व क्षेत्र के लोगों के सहयोग से हमने 127 दिनों तक धरना दिया। वहीं वर्ष 2019 में कुरुक्षेत्र आयोजित एक कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की जिला रेवाड़ी के गावं मनेठी में 22वां एम्स बनेगा। उसके बाद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने धरनास्थल पर पहुंच कर हमारे धरने को खत्म करवाया था। पंचायत की जमीन अरावली क्षेत्र में होने की वजह से एम्स नहीं बन सकता था। वहीं माजरा गांव के ग्रामीण बधाई के पात्र जिन्होंने एम्स के लिए अपनी कृषि योग्य भूमि दी।
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