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विधायकों के आदर्श गांवों के नहीं बदले सूरत-ए हाल
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Mon, 08 Feb 2016 12:16 AM IST
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रेवाड़ी। विधायकों को एक-एक गांव को आदर्श बनाने के लिए गोद दिए जाने के बावजूद गांवों की तस्वीर नहीं बदली है। इन आदर्श गांवों में एक ईंट तक नहीं लगी है।
टूटी सड़कें, दूषित पानी का भराव, बिजली समस्या, पेयजल सप्लाई की लीकेज पाइप लाइन समस्याएं जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों को गांवों को गोद लिए जाने पर विकास की उम्मीद बंधी थी लेकिन यह अभी तक पूरी नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार बावल विधायक डॉ बनवारी लाल ने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का गांव रामुपरा को गोद लिया है तो रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने निगरानी समिति के चेयरमैन रोहतास के गांव गंगायचा अहीर को। सबसे आखिर में कोसली विधायक एवं सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह यादव ने अब गांव कंवाली को गोद लिया है।
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यहां लोगों ने अपने गांव को आदर्श बनने के जो सपने संजोए थे, वह अभी पूरे नहीं हुए हैं। पंचायत चुनाव के बाद नए बने सरपंच भी आदर्श गांव मिले तमगे पर खूब कटाक्ष कर रहे हैं।
किस गांव की क्या है स्थिति
गांव रामपुरा: शहर से सटे गांव रामपुरा का बुरा हाल है। दक्षिणी हरियाणा की राजनीति का केंद्र रामपुरा हाउस भी यही है, लेकिन यह गांव काफी पिछड़ा हुआ है। रास्तों में जमा दूषित पानी यहां की सबसे बड़ी समस्या है। दिखाने को स्ट्रीट लाइट लगी हुई है लेकिन रात को एक-दो ही जलती है। गलियां ऐसी कि पैदल चलना तक मुश्किल हो रहा है। हर तरफ गंदगी फैली हुई है।
विधायक बोले: बावल विधायक डॉ बनवारी लाल का कहना है कि गांव के विकास की योजना बना ली है। छह करोड़ रुपये का सीवरेज प्रोजेक्ट बनाकर जन स्वास्थ्य विभाग को भेजा था, लेकिन विभाग ने खुद को शहर तक सीमित बताया। इसलिए यह प्रोजेक्ट पंचायती राज विभाग को भेजा है। गांव में गलियां पक्की कराई जाएंगी। नालियां बन रही है।
नव निवार्चित सरपंच बोलीं: सरपंच कविता यादव का कहना है कि गांव में सीवरेज की सबसे ज्यादा जरूरत है। दूषित पानी से गांव का बुरा हाल है। रात को अंधेरा छाया रहता है। अभी तक गांव में एक ईंट तक नहीं लगी है। दो गलियां भी उन्होंने डीसी से मिलकर प्रयास कर बनवाई है। यहां टी प्वाइंट पर ठेकेदार ब्लॉक नहीं डाल रहा।
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गांव गंगायचा अहीर: शहर से करीब छह किलोमीटर दूर इस गांव में भी समस्याएं कम नहीं है। गलियां कच्ची हैं। अवैध कब्जों की वजह से रास्ते बंद हो रहे हैं। पानी निकासी का प्रबंध नहीं है। पेयजल की भी व्यवस्था ठीक नहीं है। यहां भी स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है।
विधायक बोले: रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने कहा कि गांव की तस्वीर बदली जाएगी। इसके लिए अधिकारियों से बातचीत हुई है। विकास का खाका तैयार कर अधकारियों को भेज दिया है। गांव की हर समस्या का समाधान करना हमारी प्राथमिकता होगी।
नव निर्वाचित सरपंच बोलीं: सरपंच सुशीला का कहना है कि विधायक के गोद लेने के बावजूद गांव में कोई काम नहीं हुआ है। समस्याएं जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण इन समस्याओं से जूझ रहे हैं। गांव में गल्र्स स्कूल के साथ पेयजल के लिए दो सब समर्सिबल की जरूरत है। इसके साथ ही अस्पताल और स्टेडियम भी ग्रामीणों की बड़ी जरूरत है।
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गांव कंवाली: खोल ब्लॉक का यह गांव विकसित है। यहां पर गल्र्स कॉलेज के साथ खेल अकादमी भी है। गलियां भी पक्की है, लेकिन यहां पेयजल सप्लाई की लाइन लीकेज ने पूरे गांव को परेशान किया हुआ है। यहां गांव पूर्व संसदीय सचिव अनिता यादव का गांव है।
क्या बोले विधायक: कोसली विधायक एवं सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह कहते हैं कि उन्होंने गांव को गोद ले लिया है। इसके विकास की प्लानिंग बना रहे हैं। गांव में पार्क, शौचालय आदि का निर्माण प्राथमिकता के साथ कराया जाएगा। इसे लेकर पंचायती राज के अधिकारियों से बातचीत हुई है।
क्या बोले नवनिर्वाचित सरपंच: सरपंच अमित कुमार का कहना है कि गांव में सबसे बड़ी समस्या पाइप लाइन लीकेज की है। इसे लेकर पहले भी अधिकारियों से कहा गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इसके अलावा युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ रही है, उनका प्रयास होगा कि गांव से शराब का ठेका हटाया जाए। उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा गांव को गोद लिए सूचना अमर उजाला से ही मिली है।
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टूटी सड़कें, दूषित पानी का भराव, बिजली समस्या, पेयजल सप्लाई की लीकेज पाइप लाइन समस्याएं जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों को गांवों को गोद लिए जाने पर विकास की उम्मीद बंधी थी लेकिन यह अभी तक पूरी नहीं हुई है।
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जानकारी के अनुसार बावल विधायक डॉ बनवारी लाल ने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का गांव रामुपरा को गोद लिया है तो रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने निगरानी समिति के चेयरमैन रोहतास के गांव गंगायचा अहीर को। सबसे आखिर में कोसली विधायक एवं सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह यादव ने अब गांव कंवाली को गोद लिया है।
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यहां लोगों ने अपने गांव को आदर्श बनने के जो सपने संजोए थे, वह अभी पूरे नहीं हुए हैं। पंचायत चुनाव के बाद नए बने सरपंच भी आदर्श गांव मिले तमगे पर खूब कटाक्ष कर रहे हैं।
किस गांव की क्या है स्थिति
गांव रामपुरा: शहर से सटे गांव रामपुरा का बुरा हाल है। दक्षिणी हरियाणा की राजनीति का केंद्र रामपुरा हाउस भी यही है, लेकिन यह गांव काफी पिछड़ा हुआ है। रास्तों में जमा दूषित पानी यहां की सबसे बड़ी समस्या है। दिखाने को स्ट्रीट लाइट लगी हुई है लेकिन रात को एक-दो ही जलती है। गलियां ऐसी कि पैदल चलना तक मुश्किल हो रहा है। हर तरफ गंदगी फैली हुई है।
विधायक बोले: बावल विधायक डॉ बनवारी लाल का कहना है कि गांव के विकास की योजना बना ली है। छह करोड़ रुपये का सीवरेज प्रोजेक्ट बनाकर जन स्वास्थ्य विभाग को भेजा था, लेकिन विभाग ने खुद को शहर तक सीमित बताया। इसलिए यह प्रोजेक्ट पंचायती राज विभाग को भेजा है। गांव में गलियां पक्की कराई जाएंगी। नालियां बन रही है।
नव निवार्चित सरपंच बोलीं: सरपंच कविता यादव का कहना है कि गांव में सीवरेज की सबसे ज्यादा जरूरत है। दूषित पानी से गांव का बुरा हाल है। रात को अंधेरा छाया रहता है। अभी तक गांव में एक ईंट तक नहीं लगी है। दो गलियां भी उन्होंने डीसी से मिलकर प्रयास कर बनवाई है। यहां टी प्वाइंट पर ठेकेदार ब्लॉक नहीं डाल रहा।
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गांव गंगायचा अहीर: शहर से करीब छह किलोमीटर दूर इस गांव में भी समस्याएं कम नहीं है। गलियां कच्ची हैं। अवैध कब्जों की वजह से रास्ते बंद हो रहे हैं। पानी निकासी का प्रबंध नहीं है। पेयजल की भी व्यवस्था ठीक नहीं है। यहां भी स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है।
विधायक बोले: रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने कहा कि गांव की तस्वीर बदली जाएगी। इसके लिए अधिकारियों से बातचीत हुई है। विकास का खाका तैयार कर अधकारियों को भेज दिया है। गांव की हर समस्या का समाधान करना हमारी प्राथमिकता होगी।
नव निर्वाचित सरपंच बोलीं: सरपंच सुशीला का कहना है कि विधायक के गोद लेने के बावजूद गांव में कोई काम नहीं हुआ है। समस्याएं जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण इन समस्याओं से जूझ रहे हैं। गांव में गल्र्स स्कूल के साथ पेयजल के लिए दो सब समर्सिबल की जरूरत है। इसके साथ ही अस्पताल और स्टेडियम भी ग्रामीणों की बड़ी जरूरत है।
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गांव कंवाली: खोल ब्लॉक का यह गांव विकसित है। यहां पर गल्र्स कॉलेज के साथ खेल अकादमी भी है। गलियां भी पक्की है, लेकिन यहां पेयजल सप्लाई की लाइन लीकेज ने पूरे गांव को परेशान किया हुआ है। यहां गांव पूर्व संसदीय सचिव अनिता यादव का गांव है।
क्या बोले विधायक: कोसली विधायक एवं सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह कहते हैं कि उन्होंने गांव को गोद ले लिया है। इसके विकास की प्लानिंग बना रहे हैं। गांव में पार्क, शौचालय आदि का निर्माण प्राथमिकता के साथ कराया जाएगा। इसे लेकर पंचायती राज के अधिकारियों से बातचीत हुई है।
क्या बोले नवनिर्वाचित सरपंच: सरपंच अमित कुमार का कहना है कि गांव में सबसे बड़ी समस्या पाइप लाइन लीकेज की है। इसे लेकर पहले भी अधिकारियों से कहा गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इसके अलावा युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ रही है, उनका प्रयास होगा कि गांव से शराब का ठेका हटाया जाए। उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा गांव को गोद लिए सूचना अमर उजाला से ही मिली है।